प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 7–8 फरवरी 2026 की मलेशिया यात्रा ने भारत-मलेशिया द्विपक्षीय संबंधों में एक नए तकनीकी और रणनीतिक युग की शुरुआत कर दी है। इस यात्रा का फोकस पारंपरिक कूटनीति से आगे बढ़ते हुए सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल पेमेंट और सुरक्षा सहयोग जैसे भविष्य के निर्णायक क्षेत्रों पर रहा।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह यात्रा भारत की टेक-डिप्लोमेसी को एशिया-प्रशांत क्षेत्र में मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
🔹 व्यापक रणनीतिक साझेदारी को नई गति
दोनों देशों के नेताओं ने 2024 में स्थापित ‘Comprehensive Strategic Partnership’ की समीक्षा करते हुए इसे नई गति और गहराई देने पर सहमति जताई। पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि:
भारत और मलेशिया केवल व्यापारिक साझेदार नहीं हैं, बल्कि साझा लोकतांत्रिक मूल्यों और इंडो-पैसिफिक दृष्टिकोण वाले समुद्री पड़ोसी हैं।
यह साझेदारी अब राजनीतिक संवाद से आगे बढ़कर टेक्नोलॉजी, सुरक्षा और मानव संसाधन विकास तक विस्तारित हो चुकी है।
🔹 सेमीकंडक्टर सहयोग: सप्लाई चेन का नया भरोसेमंद मॉडल
मलेशिया वैश्विक सेमीकंडक्टर उद्योग में एक अहम केंद्र है, जहां चिप असेंबली और टेस्टिंग में लगभग 13% वैश्विक हिस्सेदारी है। मौजूदा वैश्विक चिप संकट और सप्लाई चेन जोखिमों के बीच यह सहयोग रणनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है।
🔸 समझौते के प्रमुख बिंदु:
- Exchange of Notes (EoN): सेमीकंडक्टर की पूरी वैल्यू चेन में सहयोग
- विशेषज्ञता का संयोजन:
- भारत: चिप डिजाइन, इंजीनियरिंग और स्टार्टअप ईकोसिस्टम
- मलेशिया: पैकेजिंग, टेस्टिंग और मैन्युफैक्चरिंग
- शैक्षणिक और स्किल सहयोग:
IIT मद्रास और मलेशिया की Advanced Semiconductor Academy के बीच साझेदारी, जिससे हाई-स्किल टेक वर्कफोर्स तैयार की जाएगी
यह सहयोग भारत के Semicon India Programme को वैश्विक सपोर्ट देने वाला माना जा रहा है।
🔹 AI और डिजिटल टेक्नोलॉजी: भविष्य की अर्थव्यवस्था की नींव
AI और उभरती डिजिटल तकनीकों को इस यात्रा का केंद्र बिंदु बनाया गया।
🔸 प्रमुख घोषणाएं:
- AI, FinTech और Quantum Computing में संयुक्त अनुसंधान (R&D)
- डिजिटल भुगतान सहयोग:
भारत के UPI और मलेशिया के PayNet के बीच लिंकेज पर काम, जिससे:- पर्यटकों को आसान और सुरक्षित भुगतान
- व्यापार और MSME सेक्टर को बढ़ावा
विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल भारत की Digital Public Infrastructure (DPI) को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत करेगी।
🔹 11 अहम समझौते: सुरक्षा, श्रमिक और संस्कृति
पीएम मोदी की इस यात्रा के दौरान कुल 11 महत्वपूर्ण समझौते और MoU पर सहमति बनी, जिनमें शामिल हैं:
- आतंकवाद और समुद्री सुरक्षा: ‘Zero Tolerance’ नीति के तहत खुफिया जानकारी साझा करना
- श्रमिक कल्याण:
मलेशिया में कार्यरत भारतीय श्रमिकों के लिए ESIC–PERKESO सोशल सिक्योरिटी समझौता - सांस्कृतिक और शैक्षणिक सहयोग:
- मलेशिया में तिरुवल्लुवर केंद्र की स्थापना
- मलेशियाई छात्रों के लिए विशेष छात्रवृत्ति
- आयुर्वेद और पारंपरिक चिकित्सा:
भारत के ITRA (जामनगर) और मलेशिया की साइबरजया यूनिवर्सिटी के बीच सहयोग
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🔹 आर्थिक और वैश्विक मंच पर साझेदारी
- द्विपक्षीय व्यापार लक्ष्य:
मौजूदा 20 अरब डॉलर के व्यापार को अगले कुछ वर्षों में कई गुना बढ़ाने का लक्ष्य - BRICS समर्थन:
भारत ने मलेशिया की BRICS सदस्यता की आकांक्षा का समर्थन किया, जबकि मलेशिया ने भारत की 2026 BRICS अध्यक्षता का स्वागत किया
पीएम मोदी की मलेशिया यात्रा 2026 यह संकेत देती है कि भारत-मलेशिया संबंध अब ट्रेड-डिप्लोमेसी से टेक-डिप्लोमेसी के युग में प्रवेश कर चुके हैं।सेमीकंडक्टर, AI और डिजिटल भुगतान जैसे क्षेत्रों में हुआ यह सहयोग न केवल दोनों देशों की अर्थव्यवस्था, बल्कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की रणनीतिक स्थिरता के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा।
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