नई दिल्ली ।
विदेश मंत्रालय (MEA) ने हाल ही में BAPS (बोचासनवासी अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्था) प्रतिनिधिमंडल की पेरिस स्थित एफिल टावर यात्रा से जुड़े विवाद पर आधिकारिक प्रतिक्रिया जारी की है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने प्रेस वार्ता के दौरान स्पष्ट किया कि यह मामला पूरी तरह से संबंधित संस्थाओं के बीच का है और इसमें भारत सरकार की कोई भूमिका नहीं है।
विवाद का मुख्य कारण और MEA का दृष्टिकोण
पेरिस में BAPS संस्था द्वारा निर्मित नए स्वामीनारायण मंदिर के उद्घाटन के सिलसिले में प्रतिनिधिमंडल ने एफिल टावर का दौरा किया था। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था या स्थानीय प्रोटोकॉल को लेकर कुछ आपत्तियां और विवाद सामने आए थे।
विदेश मंत्रालय ने इस विषय पर अपनी स्थिति साफ करते हुए निम्नलिखित प्रमुख बिंदु रखे:
- संस्थागत स्वायत्तता: विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि BAPS एक निजी धार्मिक संगठन है। एफिल टावर प्रशासन (SETE) और BAPS के बीच किसी भी प्रकार का विवाद एक स्थानीय और व्यावसायिक विषय है, जिसे दोनों पक्षों को आपसी बातचीत से ही सुलझाना होगा।
- आधिकारिक भूमिका से इंकार: इस यात्रा या उससे उत्पन्न किसी भी विवाद में भारतीय दूतावास या भारत सरकार का कोई हस्तक्षेप नहीं था।
- प्रधानमंत्री के संदेश का संदर्भ: पेरिस में BAPS मंदिर के उद्घाटन के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए वर्चुअल संदेश के बारे में MEA ने कहा कि विदेशों में भारतीय संस्कृति और आस्था के केंद्रों के शुभारंभ पर शुभकामनाएं देना एक स्थापित सौहार्दपूर्ण प्रथा (goodwill gesture) है। इसे किसी अन्य विवाद से जोड़ना अनुचित है।
Frequently Asked Questions (FAQ)
Q1: BAPS एफिल टावर विवाद पर विदेश मंत्रालय का क्या आधिकारिक रुख है?
Ans: विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने स्पष्ट किया कि यह मामला पूरी तरह से एफिल टावर प्रबंधन और BAPS संस्था के बीच का निजी विषय है, जिसमें भारत सरकार का कोई हस्तक्षेप या भूमिका नहीं है।
Q2: क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेरिस BAPS मंदिर का उद्घाटन किया?
Ans: प्रधानमंत्री ने मंदिर के उद्घाटन समारोह के अवसर पर केवल एक वर्चुअल शुभकामना संदेश (Virtual Message) भेजा था, जो कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सांस्कृतिक अवसरों के लिए एक सामान्य परंपरा है।
Disclaimer
यह लेख आधिकारिक प्रेस ब्रीफिंग और उपलब्ध समाचार रिपोर्टों के आधार पर तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य केवल निष्पक्ष जानकारी प्रदान करना है।

