लोड हो रहा है...

भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का निधन, पुणे में राजकीय सम्मान से होगा अंतिम संस्कार

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
4 Min Read

पुणे।

भारतीय सिनेमा के बहुमुखी, सशक्त और अभिनय जगत के स्तंभ कहे जाने वाले दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का 75 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्हें गोवा स्थित उनके आवास पर अचानक कार्डियक अरेस्ट (हृदय गति रुकना) आया, जिसके बाद डॉक्टरों ने उन्हें बचाने का हर संभव प्रयास किया, लेकिन सुबह लगभग 5:20 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।

 

कार्डियक अरेस्ट के बाद डॉक्टरों की कोशिशें रहीं नाकाम

- Advertisement -

गोवा के अस्पताल एवं मेडिकल टीम के अनुसार, सुबह तड़के स्वास्थ्य बिगड़ने पर उन्हें तत्काल चिकित्सा सहायता दी गई। डॉक्टरों ने लगभग 45 मिनट तक लगातार सीपीआर (CPR) और लाइफ-सपोर्ट सिस्टम से उन्हें पुनर्जीवित करने का प्रयास किया, परंतु उनका शरीर प्रतिक्रिया नहीं दे सका। उनके पुत्र मल्हार पाटेकर ने उनके निधन की पुष्टि की है।

 

पांच दशकों का शानदार अभिनय सफर

1 जनवरी 1951 को महाराष्ट्र में जन्मे विश्वनाथ पाटेकर (नाना पाटेकर) ने अपने सफर की शुरुआत थिएटर (रंगमंच) से की थी।

  • डेब्यू फिल्म: उन्होंने वर्ष 1978 में फिल्म ‘गमन’ से हिंदी सिनेमा में कदम रखा।
  • यादगार फिल्में: ‘अंकुश’, ‘परिंदा’, ‘प्रहार’, ‘क्रांतिवीर’, ‘खामोशी’, ‘अब तक छप्पन’, ‘अपहरण’, ‘वेलकम’ और ‘नटसम्राट’ जैसी फिल्मों में उनकी भूमिकाएं भारतीय सिनेमा के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज हैं।
  • पुरस्कार एवं सम्मान: अपने बेजोड़ संवाद अदायगी और संजीदा अभिनय के लिए उन्हें तीन बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और देश के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म श्री से अलंकृत किया गया था।

 

- Advertisement -

फिल्मों से परे: किसानों के मसीहा और ‘नाम फाउंडेशन‘

नाना पाटेकर केवल परदे के नायक नहीं थे, बल्कि वास्तविक जीवन में भी समाज के प्रति समर्पित रहे। महाराष्ट्र में सूखाग्रस्त किसानों की सहायता के लिए उन्होंने अभिनेता मकरंद अनासपुरे के साथ मिलकर नाम फाउंडेशन (Naam Foundation) की स्थापना की थी। उन्होंने जल संरक्षण और ग्रामीण पुनर्वास के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए।

 

देशभर में शोक की लहर, राजकीय सम्मान के साथ पुणे में अंतिम संस्कार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति एवं महाराष्ट्र सरकार सहित संपूर्ण फिल्म जगत और खेल जगत ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है।

महाराष्ट्र सरकार ने घोषणा की है कि नाना पाटेकर का अंतिम संस्कार पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ पुणे में किया जाएगा। प्रशंसकों और समर्थकों के अंतिम दर्शन के लिए उनके पार्थिव शरीर को पुणे लाया जा रहा है।

 

Frequently Asked Questions (FAQ)

Q1: नाना पाटेकर का निधन कब और कहाँ हुआ?

उत्तर: उनका निधन 8 अक्टूबर 2026 की सुबह गोवा स्थित उनके आवास पर कार्डियक अरेस्ट के कारण हुआ।

Q2: नाना पाटेकर का वास्तविक नाम क्या था?

उत्तर: उनका वास्तविक नाम विश्वनाथ पाटेकर था।

Q3: नाना पाटेकर का अंतिम संस्कार कहाँ आयोजित किया जाएगा?

उत्तर: उनका अंतिम संस्कार महाराष्ट्र के पुणे में पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ संपन्न होगा।

Q4: सामाजिक कल्याण के लिए नाना पाटेकर ने किस संस्था की स्थापना की थी?

उत्तर: उन्होंने किसानों और ग्रामीण विकास के लिए ‘नाम फाउंडेशन’ (Naam Foundation) की स्थापना की थी।

 

Disclaimer (अस्वीकरण)

यह लेख सार्वजनिक रूप से उपलब्ध आधिकारिक मीडिया रिपोर्टों, अस्पताल के वक्तव्यों एवं प्रेस विज्ञप्तियों पर आधारित जानकारी के तहत तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य केवल सूचनात्मक एवं श्रद्धांजलि संदर्भ प्रदान करना है।

 

संबंधित और नवीनतम अपडेट्स के लिए यहाँ जाएँ:

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।