मुंबई. भारतीय शेयर बाज़ार में इस समय ज़बरदस्त सकारात्मक माहौल देखने को मिल रहा है। 9–10 फरवरी 2026 की ट्रेडिंग रिपोर्ट के अनुसार, बाज़ार अपने अब तक के उच्चतम स्तरों के आसपास कारोबार कर रहा है।
भारत–अमेरिका व्यापार समझौते, विदेशी निवेशकों की वापसी और बड़ी कंपनियों के दमदार तिमाही नतीजों ने बाज़ार को नई ऊर्जा दी है।
बाज़ार सूचकांकों की मौजूदा स्थिति (Market Current Status)
हालिया सत्रों में भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स ने शानदार प्रदर्शन दर्ज किया:
- Nifty 50: लगभग 25,867 पर बंद, 0.68% की बढ़त
- Sensex: 485 अंकों की उछाल के साथ 84,065 के पार
- Bank Nifty: बैंकिंग शेयरों में मज़बूत खरीदारी से 60,800 के ऊपर स्थिर
बाज़ार विशेषज्ञों का मानना है कि इंडेक्स में यह मजबूती स्ट्रॉन्ग बाइंग सपोर्ट को दर्शाती है।
तेज़ी के मुख्य कारण (Top Reasons Behind Market Rally)
🇮🇳🇺🇸 भारत–अमेरिका ट्रेड डील का असर
भारत और अमेरिका के बीच हाल ही में हुए व्यापार समझौते से आईटी, फार्मा, मेटल और एक्सपोर्ट-ओरिएंटेड सेक्टर को बड़ा फ़ायदा मिलने की उम्मीद है। इस खबर ने बाज़ार सेंटिमेंट को काफ़ी मज़बूती दी है।
💰 FII की मज़बूत वापसी
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने एक बार फिर भारतीय बाज़ार में भरोसा जताया है।
➡️ पिछले सत्र में लगभग ₹1,950 करोड़ की शुद्ध खरीदारी दर्ज की गई, जिससे तेज़ी को और बल मिला।
🏦 बैंकिंग सेक्टर में नई जान
State Bank of India के शानदार तीसरी तिमाही के नतीजों ने पूरे बैंकिंग सेक्टर को सपोर्ट किया।
- SBI शेयर में 7% से अधिक की तेज़ी
- PSU और प्राइवेट बैंकों में व्यापक खरीदारी
टॉप परफॉर्मिंग शेयर और सेक्टर
बाज़ार में केवल लार्जकैप ही नहीं, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी जबरदस्त तेजी देखी जा रही है। दोनों इंडेक्स 2% से अधिक की बढ़त दिखा चुके हैं।
| सेक्टर | टॉप गेनर्स | टॉप लूज़र्स |
|---|---|---|
| बैंकिंग | SBI, Kotak Mahindra Bank | HDFC Bank (हल्की गिरावट) |
| मेटल | Tata Steel, Hindalco | — |
| कंज़्यूमर | Titan, Hindustan Unilever | ITC |
| एनर्जी | — | Power Grid, NTPC |
निवेशकों के लिए आउटलुक (Market Outlook)
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि मौजूदा ग्लोबल और डोमेस्टिक संकेत सकारात्मक बने रहते हैं, तो:
- Nifty 50 जल्द ही 26,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर को छू सकता है
- बैंकिंग, मेटल और कंज़्यूमर सेक्टर आगे भी बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं
- ऊँचे स्तरों पर मुनाफ़ावसूली (Profit Booking) संभव है, इसलिए सतर्कता ज़रूरी
निवेशकों के लिए सलाह
- शॉर्ट टर्म में उतार-चढ़ाव संभव, लेकिन लॉन्ग टर्म ट्रेंड अब भी पॉज़िटिव
- मजबूत फ़ंडामेंटल वाले शेयरों पर फोकस करें
- मिडकैप और स्मॉलकैप में निवेश करते समय स्टॉक सिलेक्शन बेहद ज़रूरी
भारतीय शेयर बाज़ार इस समय बुलिश फेज़ में है। मजबूत वैश्विक संकेत, FII की खरीदारी और कॉरपोरेट नतीजों ने तेज़ी को सपोर्ट दिया है। आने वाले सत्रों में Nifty 26,000 की ओर बढ़ता दिख सकता है, लेकिन निवेशकों को संतुलित रणनीति अपनानी चाहिए।
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