कानपुर. मंधना स्थित महाराणा प्रताप इंजीनियरिंग कॉलेज में सोमवार को एक बार फिर हालात बेकाबू हो गए। छात्र नेताओं पर दर्ज मुकदमों और मांगों पर लिखित कार्रवाई न होने से नाराज करीब 300 छात्रों ने कॉलेज गेट पर जमकर प्रदर्शन किया। स्थिति को संभालने के लिए कई थानों की पुलिस, PAC, एसीपी कल्याणपुर और एडीसीपी वेस्ट को मौके पर तैनात करना पड़ा।
यह बीते 6 दिनों में तीसरी बार है जब कॉलेज परिसर में तनावपूर्ण हालात बने हैं।
डंडे-बेल्ट से पिटाई का आरोप, 10 छात्र घायल
छात्रों का आरोप है कि बुधवार को कुछ छात्र कॉलेज देर से पहुंचे थे। इसी बात को लेकर शिक्षकों ने उन्हें दौड़ा-दौड़ाकर डंडों और बेल्ट से पीटा, जिसमें 10 छात्र घायल हो गए। एक छात्रा का हाथ फटने की भी सूचना है। सभी घायलों को कॉलेज के अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
घटना के बाद आक्रोशित छात्रों ने कॉलेज गेट बंद कर “वी वांट जस्टिस” के नारे लगाए और परिसर में तोड़फोड़ की।
टीचरों पर केस, गिरफ्तारी और सस्पेंशन
एक छात्र के पिता की शिकायत पर तीन शिक्षकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। कॉलेज प्रबंधन ने दो शिक्षकों को सस्पेंड कर दिया, जबकि पुलिस ने चार शिक्षकों को गिरफ्तार किया। इसके बाद हालात बिगड़ने की आशंका को देखते हुए कॉलेज को गुरुवार से रविवार तक बंद कर दिया गया।
प्रबंधन ने छात्रों की मांगें मौखिक रूप से मानने का भरोसा दिया था, लेकिन लिखित आश्वासन न मिलने से छात्रों में नाराजगी बनी रही।
मैगी पॉइंट विवाद और 25 छात्रों पर FIR
शुक्रवार को कॉलेज के पीछे स्थित एक मैगी पॉइंट पर नया विवाद सामने आया। छात्रों का आरोप है कि आरोपी शिक्षक वहां पहुंचे और गाली-गलौज व अभद्र व्यवहार किया। वहीं शिक्षकों का दावा है कि वे चाय पीने गए थे, तभी छात्र नेताओं अभिजीत रॉय और अनस साहू समेत करीब 25 छात्रों ने उन पर हमला कर दिया।
इस मामले में शिक्षकों की तहरीर पर 25 छात्रों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई।
सोमवार को कॉलेज खुलते ही फिर बवाल
सोमवार सुबह कॉलेज खुला तो छात्रों को अपने साथियों पर दर्ज मुकदमों और मांगों पर लिखित आदेश न मिलने की जानकारी हुई। इससे नाराज छात्रों ने कॉलेज गेट पर जोरदार हंगामा और नारेबाजी शुरू कर दी।
भारी पुलिस बल तैनात, हालात तनावपूर्ण
फिलहाल कॉलेज परिसर और आसपास भारी पुलिस बल तैनात है। प्रशासन का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच जारी है। छात्रों की मांग है कि उनके खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएं और कॉलेज प्रबंधन लिखित रूप में कार्रवाई का भरोसा दे।
निष्कर्ष
महाराणा प्रताप इंजीनियरिंग कॉलेज में हुआ यह विवाद अब सिर्फ अनुशासन का नहीं, बल्कि छात्र सुरक्षा, प्रशासनिक पारदर्शिता और शैक्षणिक माहौल से जुड़ा बड़ा मुद्दा बन गया है। आने वाले दिनों में पुलिस जांच और कॉलेज प्रबंधन के फैसलों पर सबकी नजर टिकी है।
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