लखनऊ. अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि मंदिर में इस बार का नवसंवत्सर (भारतीय नववर्ष) बेहद खास होने जा रहा है। देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू वर्ष प्रतिपदा के पावन अवसर पर रामलला के दर्शन के लिए अयोध्या आ रही हैं। उनके इस दौरे को लेकर राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं।
4 घंटे परिसर में बिताएंगी राष्ट्रपति
राष्ट्रपति भवन से सैद्धांतिक सहमति मिलने के बाद ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय जल्द ही राष्ट्रपति का विस्तृत ‘मिनट-टू-मिनट’ कार्यक्रम भेजेंगे। जानकारी के अनुसार, राष्ट्रपति मुर्मू मंदिर परिसर में लगभग साढ़े तीन से चार घंटे तक रुकेंगी। इस दौरान वे न केवल रामलला की आरती और दर्शन करेंगी, बल्कि परिसर में आयोजित होने वाले विशेष नवसंवत्सर समारोह में भी शिरकत करेंगी।
15 मई तक पूरा होगा मुख्य निर्माण: नृपेंद्र मिश्र
मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने निर्माण कार्य की समीक्षा के बाद बताया कि मुख्य मंदिर का निर्माण कार्य लगभग संपन्न हो चुका है।
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विदाई और सम्मान: निर्माण कार्य में जुटी दिग्गज कंपनियां Larsen & Toubro (L&T) और Tata Consulting Engineers 15 मई तक अपना काम समेट लेंगी। नवसंवत्सर के अवसर पर इन कंपनियों के इंजीनियरों और कर्मियों को विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा।
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अगला लक्ष्य: अब ट्रस्ट का पूरा ध्यान ऑडिटोरियम, चहारदीवारी (परकोटा), ट्रस्ट कार्यालय और विश्राम गृह के निर्माण पर है, जिसके लिए सख्त समयसीमा तय की गई है।
डिजिटल तकनीक से सजेगा रामकथा संग्रहालय
रामकथा संग्रहालय को आधुनिक रूप देने के लिए भी मंथन शुरू हो गया है। हालिया बैठक में आधुनिक तकनीक और प्रोजेक्टर के माध्यम से गैलरियों की पटकथा (स्क्रिप्ट) का अवलोकन किया गया। संग्रहालय के निदेशक डॉ. संजीव कुमार सिंह और अन्य विशेषज्ञों की मौजूदगी में यह तय किया गया कि रामकथा के विभिन्न प्रसंगों को दर्शकों के सामने आधुनिक डिजिटल माध्यमों से प्रस्तुत किया जाएगा।
⚠️ श्रद्धालुओं के लिए अलर्ट: 19 मार्च को दर्शन पास बंद
राष्ट्रपति के आगमन और सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए ट्रस्ट ने 19 मार्च के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं:
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दर्शन पास: सुबह 7:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक सामान्य दर्शन पास जारी नहीं किए जाएंगे।
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पास निरस्तीकरण: यदि किसी श्रद्धालु ने पहले से इस अवधि का पास बनवा लिया है, तो उसे निरस्त माना जाएगा।
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आरती सेवा: हालांकि, परंपरा को जीवित रखते हुए मंगला, श्रृंगार और शयन आरती के नियमित पास जारी रहेंगे।
प्रशासनिक मुस्तैदी: राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए अयोध्या की सुरक्षा व्यवस्था को ‘अभेद्य’ बनाने की तैयारी है। मंदिर परिसर के साथ-साथ पूरी अयोध्या नगरी को अलर्ट पर रखा गया है।
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