तेहरान. जनवरी 2026 में ईरान की स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई है। आर्थिक बदहाली और आसमान छूती महंगाई के खिलाफ शुरू हुए प्रदर्शनों ने अब एक राष्ट्रव्यापी विद्रोह का रूप ले लिया है। ईरान इस समय पिछले तीन वर्षों के सबसे गंभीर आंतरिक संकट से जूझ रहा है। रियाल (Rial) के मूल्य में भारी गिरावट और बढ़ती मुद्रास्फीति ने आम जनता को सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर कर दिया है। सरकार की दमनकारी कार्रवाई और संचार प्रणालियों पर पाबंदी ने स्थिति को और भी भयावह बना दिया है।
व्यापक अशांति और ‘आर्थिक विद्रोह’
प्रदर्शनों की शुरुआत दिसंबर 2025 के अंत में तेहरान के ग्रैंड बाज़ार से हुई थी, जो अब मशहद, इस्फ़हान, शिराज और तबरीज़ जैसे 100 से अधिक शहरों में फैल चुकी है। प्रदर्शनकारी अब केवल आर्थिक सुधार ही नहीं, बल्कि शासन परिवर्तन और राजनीतिक स्वतंत्रता की मांग भी कर रहे हैं। कई शहरों में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हिंसक झड़पें हुई हैं।
दुनिया का सबसे ‘परिष्कृत’ इंटरनेट ब्लैकआउट
ईरानी अधिकारियों ने सूचना के प्रवाह को पूरी तरह रोकने के लिए देशव्यापी इंटरनेट और टेलीफोन ब्लैकआउट लागू कर दिया है।
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अवधि: यह शटडाउन पिछले 36 घंटों से अधिक समय से जारी है।
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असर: नेटब्लॉक्स (NetBlocks) जैसे विशेषज्ञों का मानना है कि यह अब तक का सबसे तकनीकी रूप से उन्नत शटडाउन है, जिससे प्रदर्शनकारियों के बीच समन्वय और दुनिया तक ज़मीनी हकीकत पहुँचना नामुमकिन हो गया है।
अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर ब्रेक
सुरक्षा जोखिमों और संचार प्रणालियों के विफल होने के कारण वैश्विक विमानन कंपनियों ने ईरान के लिए अपनी सेवाएँ निलंबित कर दी हैं:
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UAE की एयरलाइंस: Flydubai, Emirates और Etihad ने तेहरान और अन्य प्रमुख शहरों के लिए अपनी उड़ानें रद्द कर दी हैं।
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अन्य प्रमुख कंपनियाँ: Turkish Airlines, Qatar Airways, Pegasus Airlines और Austrian Airlines ने भी सुरक्षा कारणों से अपनी उड़ानें वापस ले ली हैं।
हताहतों की संख्या और गिरफ्तारियां
मानवाधिकार संगठनों (जैसे HRANA और एमनेस्टी इंटरनेशनल) की रिपोर्ट के अनुसार:
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मौतें: सुरक्षा बलों की गोलीबारी और कार्रवाई में अब तक कम से कम 65 प्रदर्शनकारियों की जान जा चुकी है।
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गिरफ्तारियां: 2,300 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है, जिनमें छात्र और नागरिक कार्यकर्ता शामिल हैं।
वैश्विक प्रतिक्रिया और आरोप-प्रत्यारोप
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ईरान का रुख: ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने इन प्रदर्शनों को ‘दंगा’ करार दिया है और आरोप लगाया है कि इसके पीछे अमेरिका और इज़राइल जैसी बाहरी ताकतों का हाथ है।
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अमेरिका की चेतावनी: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग और हत्याएं नहीं रुकीं, तो अमेरिका “बहुत सख्त कार्रवाई” करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि “दुनिया ईरान पर नज़र रख रही है।”
वर्तमान स्थिति: ईरान में तनाव चरम पर है और संचार के अभाव में ज़मीनी हकीकत का सटीक आकलन करना कठिन होता जा रहा है। आने वाले कुछ दिन ईरान की सत्ता और वहां की जनता के भविष्य के लिए निर्णायक साबित हो सकते हैं।
Matribhumisamachar


