ह्यूस्टन. रविवार, 10 मई 2026
अमेरिकी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर ‘Kelly For Texas’ (@KellyIsRightTX) हैंडल से एक के बाद एक कई ऐसे पोस्ट किए गए, जिन्होंने न केवल भारतीय-अमेरिकी समुदाय को आहत किया है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सांस्कृतिक संवेदनशीलता पर बहस छेड़ दी है. केली स्मिथ, जो खुद को 2026 टेक्सस गवर्नर चुनाव के लिए दावेदार बता रही हैं, ने अपनी पोस्ट में भारतीय संस्कृति, मंदिरों और हिंदू रीति-रिवाजों का उपहास उड़ाया है.
1. ‘प्रिया’ और मंदिर में बीफ का विवाद
केली ने एआई (AI) द्वारा जनरेट की गई एक तस्वीर साझा की, जिसमें वे पीले लहंगे में एक मंदिर के सामने खड़ी हैं. उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में लिखा कि वे अब ‘प्रिया’ बन गई हैं, लेकिन वे मंदिर में जूते पहनेंगी और हैमबर्गर/स्टेक खाएंगी. उनका यह तर्क उन भारतीयों पर प्रहार था जो अमेरिका में रहकर अपनी संस्कृति (जैसे मंदिर जाना) को बनाए रखते हैं.
2. ‘असिमिलेशन’ (एकीकरण) की बहस
केली का मुख्य तर्क यह है कि यदि कोई अमेरिका आता है, तो उसे अपनी मूल पहचान पूरी तरह छोड़ देनी चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय समुदाय के कारण टेक्सस के शहरों (जैसे फ्रिस्को और प्लानो) का स्वरूप बदल रहा है, जिसे उन्होंने “इंडियन टेकओवर” का नाम दिया.
तथ्यों की पड़ताल
सोशल मीडिया पर चल रही इस बहस के बीच कुछ महत्वपूर्ण तथ्यों को समझना जरूरी है:
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चुनावी स्थिति: हालांकि केली स्मिथ खुद को गवर्नर प्रत्याशी बता रही हैं, लेकिन आधिकारिक चुनावी रिकॉर्ड के अनुसार, वर्तमान गवर्नर ग्रेग एबॉट और अन्य स्थापित रिपब्लिकन/डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों के बीच ही मुख्य मुकाबला देखा जा रहा है. केली की उम्मीदवारी को राजनीतिक विश्लेषक एक ‘अटेंशन-सीकिंग’ स्टंट मान रहे हैं.
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प्रदूषण बनाम आस्था: केली ने झीलों में दूध और मूर्तियों के विसर्जन को “कूड़ा फैलाना” कहा है. हालांकि अमेरिका के कई राज्यों में जल निकायों के संरक्षण के कड़े नियम हैं, लेकिन इसे सीधे तौर पर किसी एक धर्म को लक्षित कर अपमानजनक भाषा में कहना ‘नफरती भाषण’ (Hate Speech) के दायरे में आता है.
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आर्थिक योगदान: केली का दावा कि “हर नया शॉपिंग सेंटर भारतीय है” और यह टेक्सस के लिए अपमानजनक है, आर्थिक आंकड़ों के विपरीत है. भारतीय-अमेरिकी समुदाय टेक्सस की जीडीपी और तकनीकी विकास (H-1B और व्यापार के माध्यम से) में सबसे अधिक योगदान देने वाले समूहों में से एक है.
विवाद का प्रभाव
इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर #Hinduphobia और #TexasElections2026 जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं. भारतीय-अमेरिकी संगठनों ने इसकी कड़ी निंदा की है और X (पूर्व ट्विटर) से इस हैंडल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.
निष्कर्ष: यह विवाद केवल एक व्यक्ति के पोस्ट तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अमेरिका में बढ़ रहे दक्षिणपंथी ध्रुवीकरण और प्रवासियों के प्रति बढ़ती असहिष्णुता का संकेत है.
Matribhumisamachar


