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असम में ‘हिमंता मैजिक’ बरकरार: 12 मई को दूसरी बार लेंगे मुख्यमंत्री पद की शपथ, पीएम मोदी होंगे साक्षी

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
2 Min Read

गुवाहाटी । रविवार, 10 मई 2026

असम की राजनीति में एक नया इतिहास रचते हुए, हिमंता बिस्वा सरमा एक बार फिर राज्य की कमान संभालने के लिए तैयार हैं। हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों में भाजपा नीत NDA की प्रचंड जीत के बाद, गुवाहाटी में आयोजित भाजपा और NDA विधायक दल की बैठक में उन्हें सर्वसम्मति से नेता चुन लिया गया है। इस निर्णय के साथ ही उनके लगातार दूसरे कार्यकाल (और भाजपा के तीसरे कार्यकाल) के लिए मुख्यमंत्री बनने का मार्ग पूरी तरह प्रशस्त हो गया है।

शपथ ग्रहण समारोह की भव्य तैयारी

नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 12 मई 2026 को गुवाहाटी के खानापारा वेटरनरी कॉलेज ग्राउंड में आयोजित किया जाएगा। इस समारोह की गरिमा बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इसके अलावा, समारोह में भाजपा शासित कई राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री और प्रमुख औद्योगिक हस्तियों के शामिल होने की भी संभावना है।

ऐतिहासिक जनादेश: आंकड़ों की नज़र से

2026 के इन चुनावों में भाजपा ने अब तक का सबसे शानदार प्रदर्शन किया है:

  • भाजपा की एकल जीत: पार्टी ने अकेले दम पर 82 सीटों पर जीत दर्ज की है, जो 126 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के आंकड़े (64) से कहीं अधिक है।

  • NDA का प्रदर्शन: सहयोगी दलों (AGP और BPF) के साथ मिलकर गठबंधन ने कुल 102 सीटों पर कब्जा किया है।

  • विपक्ष की स्थिति: कांग्रेस को केवल 19 सीटों पर संतोष करना पड़ा, जो राज्य में उसका अब तक का सबसे कम स्कोर है।

जीत के 3 प्रमुख कारण (Key Factors)

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, हिमंता बिस्वा सरमा की इस बड़ी जीत के पीछे तीन मुख्य स्तंभ रहे हैं:

  1. विकास का मॉडल: बुनियादी ढांचे, विशेषकर सड़कों और पुलों के निर्माण में आई तेजी।

  2. कानून-व्यवस्था: उग्रवाद पर लगाम और राज्य में शांतिपूर्ण माहौल सुनिश्चित करना।

  3. कल्याणकारी योजनाएं: ‘ओरुनोडोई’ (Orunodoi) जैसी योजनाओं के माध्यम से सीधे लाभार्थियों तक पहुँच बनाना।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।