रांची । सोमवार, 10 अगस्त 2026
झारखंड की राजधानी रांची में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली, पेपर लीक और अनियमितताओं को लेकर जारी छात्र आंदोलन ने बेहद गंभीर रूप ले लिया है। सोमवार को झारखंड विधानसभा घेराव के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच तीखी झड़प हो गई, जिसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया।
इसी बीच राज्य सीआईडी (CID) ने मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के पूर्व अध्यक्ष और राज्य के पूर्व मुख्य सचिव एल. खियांग्ते को गिरफ्तार कर लिया है।
14वीं JPSC सिविल सेवा और JSSC-CGL परीक्षा में धांधली का आरोप
14वीं JPSC सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा और JSSC-CGL परीक्षाओं में व्यापक धांधली के आरोपों को लेकर अभ्यर्थी पिछले दो सप्ताह से अधिक समय से सड़कों पर हैं। छात्रों का आरोप है कि:
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OMR शीटों के साथ छेड़छाड़ की गई है।
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परीक्षा संचालन का ठेका एक ऐसी निजी कंपनी (TSR Data Processing Pvt Ltd) को दिया गया, जिसे JSSC पहले ही मई 2025 में ब्लैकलिस्ट कर चुका था।
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नियमों को ताक पर रखकर बिना ओपन टेंडर के ही करोड़ों रुपये का ठेका आवंटित किया गया।
छात्र संगठनों का कहना है कि इन धांधलियों के कारण राज्य के लाखों युवाओं का भविष्य अधर में लटक गया है।
रांची की सड़कों पर पुलिस कार्रवाई और प्रदर्शनकारियों का आक्रोश
सोमवार सुबह हजारों की संख्या में छात्र तिरंगा और तख्तियां लेकर जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से विधानसभा घेराव के लिए निकले।
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जगन्नाथपुर मंदिर के समीप लगाए गए बैरिकेड्स को जब छात्रों ने तोड़ने का प्रयास किया, तो पुलिस ने पहले वाटर कैनन और आंसू गैस का प्रयोग किया।
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इसके बाद हुए लाठीचार्ज में कई छात्र-छात्राओं के घायल होने की खबर है।*JLKM नेता देवेंद्र नाथ महतो, जो पिछले कई दिनों से अनशन पर थे, वे भी एम्बुलेंस के जरिए जुलूस में शामिल हुए।
CID की बड़ी कार्रवाई: पूर्व JPSC अध्यक्ष गिरफ्तार
सीआईडी एडीजी मनोज कौशिक के अनुसार, लंबी पूछताछ और सबूत जुटाने के बाद JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते को गिरफ्तार किया गया है।
मामले की जांच में यह बात सामने आई है कि परीक्षा नियंत्रक की लिखित आपत्तियों के बावजूद ब्लैकलिस्टेड कंपनी को नियमों के विरुद्ध जाकर ठेका दिया गया था। इस मामले में अब तक JPSC की पूर्व उप-परीक्षा नियंत्रक श्वेता कुमारी गुप्ता, आउटसोर्सिंग कंपनी के अधिकारियों समेत कुल 20 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
छात्रों की प्रमुख मांगें
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14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा और विवादित JSSC परीक्षाओं को तत्काल रद्द किया जाए।
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पूरे परीक्षा घोटाले की स्वतंत्र जांच CBI या उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में कराई जाए।
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भर्ती प्रक्रियाओं में OMR शीट में “नॉट एटेम्पटेड” का 5वां विकल्प जोड़ा जाए और कट-ऑफ मार्क्स सार्वजनिक किए जाएं।
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परीक्षा धांधली में शामिल अधिकारियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई हो।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1: रांची में छात्र क्यों प्रदर्शन कर रहे हैं?
उत्तर: छात्र 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा और JSSC-CGL परीक्षा में हुई अनियमितताओं, OMR शीट में गड़बड़ी, पेपर लीक की आशंकाओं और परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।
Q2: JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते को क्यों गिरफ्तार किया गया है?
उत्तर: एल. खियांग्ते पर आरोप है कि उन्होंने नियम-कानूनों को दरकिनार कर ब्लैकलिस्टेड कंपनी को परीक्षा संचालन का ठेका दिया और भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया। सीआईडी ने जांच के बाद उन्हें गिरफ्तार किया है।
Q3: इस परीक्षा घोटाले में अब तक कितनी गिरफ्तारियां हो चुकी हैं?
उत्तर: सीआईडी इस मामले में अब तक पूर्व JPSC अध्यक्ष, उप-परीक्षा नियंत्रक और आउटसोर्सिंग कंपनी के निदेशकों समेत 20 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।
Disclaimer
यह समाचार रिपोर्ट उपलब्ध मीडिया रिपोर्ट्स और आधिकारिक बयानों के आधार पर तैयार की गई है। आरोपी अधिकारियों पर लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि अदालत में कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी।
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