सौर तूफान की चेतावनी: आज पृथ्वी से टकराएगा ‘कोरोनल मास इजेक्शन’, संचार और पावर ग्रिड पर पड़ सकता है असर

Saransh Kanaujia
2 Min Read

नई दिल्ली. अंतरिक्ष के मौसम में मची हलचल के बीच, NOAA (नेशनल ओशनिक एंड एटमॉस्फेरिक एडमिनिस्ट्रेशन) के स्पेस वेदर प्रेडिक्शन सेंटर ने आज पृथ्वी पर G2 श्रेणी (मध्यम स्तर) के भू-चुंबकीय तूफान (Geomagnetic Storm) की चेतावनी जारी की है। वैज्ञानिकों के अनुसार, यह स्थिति 8 जनवरी को सूर्य की सतह से निकले एक विशाल कोरोनल मास इजेक्शन (CME) के पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र से टकराने के कारण बन रही है।

क्या होगा पृथ्वी पर असर?

विशेषज्ञों ने इस सौर घटना से होने वाले संभावित प्रभावों को लेकर अलर्ट जारी किया है:

  • संचार और नेविगेशन में बाधा: इस तूफान के कारण पृथ्वी की निचली कक्षा (LEO) में चक्कर काट रहे उपग्रहों पर ‘ड्रैग’ बढ़ सकता है, जिससे उनकी स्थिति में मामूली बदलाव आने की आशंका है। इसके अतिरिक्त, GPS नेविगेशन की सटीकता कम हो सकती है और हाई-फ्रीक्वेंसी (HF) रेडियो संचार में अस्थायी रुकावट आ सकती है।

  • पावर ग्रिड पर प्रभाव: उच्च अक्षांशों (जैसे उत्तरी ध्रुव के नजदीकी क्षेत्र) में वोल्टेज के उतार-चढ़ाव की समस्या देखी जा सकती है। हालांकि, मध्यम श्रेणी का होने के कारण बड़े ब्लैकआउट का खतरा कम है।

  • खूबसूरत ‘अरोरा’ का नजारा: कनाडा, अलास्का और स्कैंडिनेविया जैसे क्षेत्रों में आसमान में हरे और लाल रंग की शानदार रोशनी (अरोरा) दिखाई देने की संभावना है।

‘वुल्फ मून’ बनेगा चुनौती

खगोल प्रेमियों के लिए एक छोटी निराशा यह है कि आज ‘वुल्फ मून’ (पूर्णिमा) है। चांद की तेज रोशनी के कारण अरोरा की दृश्यता थोड़ी फीकी पड़ सकती है, लेकिन फिर भी ऊंचे अक्षांशों पर रहने वाले लोग इस आकाशीय नजारे का आनंद ले सकेंगे।

Related Post

Share This Article