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युद्ध की आग में झुलसता ईरान: क्या यह अंत की शुरुआत है?

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
4 Min Read

तेहरान । सोमवार, 4 मई 2026

तेहरान से आ रही खबरें दिल दहला देने वाली हैं। अमेरिका और इजरायल के साथ जारी संघर्ष ने न केवल ईरान के सैन्य ठिकानों को बल्कि उसकी आर्थिक रीढ़ को भी तोड़ दिया है। अलजजीरा और फ्रांस 24 की हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान इस समय अपने इतिहास के सबसे बुरे दौर से गुजर रहा है।

नौकरियों का अकाल: 20 लाख लोग बेरोजगार

शुरुआती अनुमानों के मुताबिक, इस संघर्ष के कारण लगभग 20 लाख लोगों की नौकरियां चली गई हैं। तेहरान की छोटी वर्कशॉप से लेकर बड़ी डिजिटल कंपनियों तक, हर जगह छंटनी का दौर जारी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि स्थिति नहीं सुधरी, तो आने वाले समय में 41 लाख अन्य लोग गरीबी की चपेट में आ सकते हैं।

बुनियादी ढांचे की तबाही और औद्योगिक ठप

ईरानी अधिकारियों ने पुष्टि की है कि हवाई हमलों में 23,000 से अधिक व्यावसायिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचा है।

  • स्टील सेक्टर: मोबाराकेह स्टील कंपनी जैसी बड़ी इकाइयों ने काम रोक दिया है।

  • पेट्रोकेमिकल सेक्टर: उत्पादन ठप होने से यूपीवीसी और पॉलिमर की भारी कमी हो गई है।

  • औद्योगिक केंद्र: कज़्विन और मरवदश्त जैसे प्रमुख केंद्रों में कारखाने बंद हो रहे हैं।

महंगाई का ‘पाताल’ छूता रियाल

ईरान में महंगाई दर अब नियंत्रण से बाहर है। कुछ स्वतंत्र अनुमानों के अनुसार, यह 180% के करीब है।

  • मुद्रा की गिरावट: ईरानी रियाल की कीमत इतनी गिर चुकी है कि लोगों के लिए दो वक्त की रोटी जुटाना भी मुश्किल है।

  • दवाओं का संकट: जीवन रक्षक दवाओं की कीमतें आसमान छू रही हैं। हड्डी के कैंसर की दवा Xgeva, जो पहले 1.5 करोड़ रियाल की थी, अब 42 करोड़ रियाल (लगभग 262 डॉलर) की हो गई है।

डिजिटल ब्लैकआउट: इंटरनेट बंदी का भारी बोझ

ईरान सरकार ने करीब दो महीनों से देश में इंटरनेट को पूरी तरह से बंद कर रखा है। संचार मंत्री सत्तार हाशेमी के अनुसार:

  • इंटरनेट बंदी से प्रतिदिन 35 मिलियन डॉलर (3.5 करोड़ डॉलर) का सीधा नुकसान हो रहा है।

  • अप्रत्यक्ष प्रभावों को जोड़ लिया जाए, तो यह नुकसान 80 मिलियन डॉलर प्रतिदिन तक पहुंच सकता है।

    सरकार इसे ‘साइबर सुरक्षा’ कह रही है, जबकि जनता इसे विरोध प्रदर्शनों को दबाने की साजिश मान रही है।

होर्मुज की नाकेबंदी और कच्चे माल की कमी

अमेरिकी नौसेना द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) की नाकेबंदी ने ईरान के आयात-निर्यात को पूरी तरह काट दिया है। इसके कारण निर्माताओं को कच्चा माल नहीं मिल रहा है और बंदरगाहों पर जरूरी सामान सड़ रहा है।

तथ्य 

  • वेतन वृद्धि का भ्रम: सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के वेतन में 60% वृद्धि की घोषणा की थी, लेकिन धरातल पर इसे लागू नहीं किया गया है। श्रम विभाग ने अब तक कोई औपचारिक आदेश जारी नहीं किया है।

  • नेतृत्व परिवर्तन: रिपोर्ट्स के अनुसार, मार्च 2026 में मुजतबा खामेनेई ने नए सर्वोच्च नेता के रूप में कार्यभार संभाला है, जो इस संकट के बीच देश की कमान देख रहे हैं।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।