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अमेरिका ने पाकिस्तान को ‘टॉयलेट पेपर’ की तरह इस्तेमाल किया: रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ का संसद में बड़ा बयान

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भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते का प्रतीकात्मक चित्र।

इस्लामाबाद: पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने नेशनल असेंबली में एक ऐसा बयान दिया है जिसने अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में हलचल मचा दी है। आसिफ ने अमेरिका पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि वाशिंगटन ने पाकिस्तान को अपने रणनीतिक हितों के लिए “टॉयलेट पेपर से भी बदतर” इस्तेमाल किया और जरूरत पूरी होने के बाद उसे उसके हाल पर छोड़ दिया।

‘इस्तेमाल करो और फेंको’ की नीति का आरोप

11 फरवरी 2026 को संसद को संबोधित करते हुए ख्वाजा आसिफ का दर्द छलका। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका ने हमेशा पाकिस्तान का शोषण किया है। आसिफ ने कहा, “वाशिंगटन की नीति हमेशा से ‘इस्तेमाल करो और फेंको’ वाली रही है। जब भी उन्हें हमारी जरूरत पड़ी, उन्होंने हमें गले लगाया और मकसद पूरा होते ही एक तरफ कर दिया।”

अतीत की गलतियों पर आत्ममंथन: अफगान युद्ध एक ‘बड़ी भूल’

रक्षा मंत्री ने पाकिस्तान के इतिहास के काले पन्नों को पलटते हुए स्वीकार किया कि दो अफगान युद्धों में शामिल होना पाकिस्तान की सबसे बड़ी रणनीतिक चूक थी। उन्होंने विशेष रूप से 9/11 के बाद अमेरिका के साथ फिर से गठबंधन करने के फैसले को आत्मघाती बताया, जिसके कारण देश को भारी जान-माल का नुकसान उठाना पड़ा।

सैन्य तानाशाहों पर निशाना

आसिफ ने अपने भाषण में पूर्व सैन्य शासकों जिया-उल-हक और परवेज मुशर्रफ को देश की मौजूदा बदहाली का जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा:

  • इन शासकों ने इस्लाम के नाम पर नहीं, बल्कि एक महाशक्ति (अमेरिका) को खुश करने के लिए पाकिस्तान को विदेशी युद्धों में धकेला।

  • पाकिस्तान ने अपनी संप्रभुता को “किराए पर देने” (renting out) की नीति अपनाई, जिसका खामियाजा आज की पीढ़ी भुगत रही है।

आतंकवाद: अपनी ही गलतियों का परिणाम

यह बयान ऐसे समय में आया है जब इस्लामाबाद में एक शिया मस्जिद पर हुए आत्मघाती हमले ने देश को हिला कर रख दिया है। आसिफ ने दो टूक शब्दों में कहा कि आज पाकिस्तान जिस आतंकवाद का सामना कर रहा है, वह अतीत की इन्हीं गलतियों का नतीजा है।

भारत-अमेरिका ट्रेड डील से बढ़ी बेचैनी

विशेषज्ञों का मानना है कि ख्वाजा आसिफ के इस गुस्से के पीछे एक बड़ी वजह भारत और अमेरिका के बीच हाल ही में फाइनल हुई मेगा ट्रेड डील है। जहां भारत और अमेरिका के संबंध नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं, वहीं पाकिस्तान खुद को वैश्विक मंच पर अलग-थलग महसूस कर रहा है। इसी हताशा ने पाकिस्तान को सार्वजनिक रूप से अमेरिका के खिलाफ बोलने पर मजबूर किया है।

मुख्य बिंदु (Key Highlights):

  1. तारीख: 11 फरवरी 2026

  2. स्थान: नेशनल असेंबली, पाकिस्तान

  3. प्रमुख आरोप: अमेरिका ने पाकिस्तान का रणनीतिक शोषण किया।

  4. संदर्भ: शिया मस्जिद हमला और भारत-अमेरिका ट्रेड डील।

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