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भारत-न्यूजीलैंड बिजनेस इवेंट: वैश्विक विकास का नया लॉन्च पैड बना भारत, न्यूजीलैंड करेगा $20 अरब का निवेश

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नई दिल्ली । शनिवार, 11 जुलाई 2026

भारत और न्यूजीलैंड के बीच द्विपक्षीय और आर्थिक संबंधों में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर स्थापित हुआ है। तीन देशों की अपनी आधिकारिक यात्रा के अंतिम चरण में न्यूजीलैंड पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक निवेशक समुदाय के सामने भारतीय अर्थव्यवस्था की ताकत को बेहद दमदार तरीके से पेश किया। पीएम मोदी ने साफ तौर पर कहा कि आज का भारत केवल एक बड़ा उपभोक्ता बाजार नहीं है, बल्कि यह वैश्विक विकास के लिए एक ‘लॉन्च पैड’ बनकर उभर रहा है।

इस हाई-प्रोफाइल बिजनेस इवेंट में न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने भी भारत में पिछले एक दशक में हुए अभूतपूर्व आर्थिक और सामाजिक बदलावों की जमकर तारीफ की।

भारत और न्यूजीलैंड संबंधों का नया ‘टर्निंग प्वाइंट’

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दोनों देशों के रिश्ते अब एक नए मोड़ (Turning Point) पर आ चुके हैं। भारत और न्यूजीलैंड के संबंधों को ‘रणनीतिक संबंध’ (Strategic Relations) का दर्जा देना केवल एक कूटनीतिक औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह दोनों देशों के साझा और समृद्ध भविष्य का एक नया संकल्प है।

इस साझेदारी को और मजबूत करते हुए न्यूजीलैंड ने अगले 15 वर्षों में भारत में 20 अरब डॉलर (लगभग ₹1.6 लाख करोड़ से अधिक) के निवेश की प्रतिबद्धता (Commitment) जताई है। यह विशाल निवेश इस बात का साफ संकेत है कि न्यूजीलैंड भारत को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में देखता है और उसकी विकास यात्रा में एक अहम भागीदार बनना चाहता है।

फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) से खुलेंगे अवसरों के द्वार

बिजनेस इवेंट के दौरान पीएम मोदी ने भारत-न्यूजीलैंड फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह प्रस्तावित समझौता दोनों देशों के लिए व्यापार के नए क्षितिज खोलेगा। इस एग्रीमेंट के जरिए:

  1. बाजार और निवेश: दोनों देशों के उत्पादों और निवेशकों को एक-दूसरे के बाजारों में आसान पहुंच मिलेगी।

  2. सेवाएं और तकनीक: आईटी, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और तकनीकी आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलेगा।

  3. प्रतिभाओं का विकास: दोनों देशों के कुशल पेशेवरों, छात्रों और विशेषज्ञों के लिए अवसरों के नए द्वार खुलेंगे।

इन प्रमुख सेक्टर्स में सहयोग की अपार संभावनाएं

प्रधानमंत्री ने भारत के तेजी से बढ़ते मध्यम वर्ग, व्यापक डिजिटल क्रांति और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर को वैश्विक कंपनियों के लिए एक अनूठा मौका बताया। उन्होंने मुख्य रूप से निम्नलिखित क्षेत्रों में सहयोग का खाका पेश किया:

1. कृषि, हॉर्टिकल्चर और डेयरी विज्ञान (Agriculture & Horticulture)

न्यूजीलैंड के पास आधुनिक हॉर्टिकल्चर (बागवानी) और दुग्ध विज्ञान (Dairy Science) में वैश्विक विशेषज्ञता है। पीएम मोदी ने सुझाव दिया कि न्यूजीलैंड की इस तकनीक और भारत के विशाल घरेलू बाजार को मिलाकर ‘खेत से बाजार तक’ (Farm-to-Market) की एक मजबूत वैल्यू चेन बनाई जा सकती है, जो वैश्विक निर्यात का प्लेटफॉर्म बनेगी। इसके अलावा, कीवी, सेब, शहद और सीफूड जैसे जल्दी नष्ट होने वाले (Perishable) सामानों के लिए एडवांस्ड कार्गो सोल्यूशंस विकसित किए जाएंगे।

2. एविएशन और मैन्युफैक्चरिंग (Aviation & Manufacturing)

भारत आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा घरेलू विमानन बाजार (Aviation Market) है। देश में एयरपोर्ट्स, रीजनल कनेक्टिविटी और एयर कार्गो में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हो रही है। पीएम मोदी ने न्यूजीलैंड को कार्गो कॉरिडोर, फ्लाइट कनेक्टिविटी और संयुक्त टूरिज्म पैकेज बनाने का न्योता दिया। इसके साथ ही, भारत की प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम के तहत खाद्य प्रसंस्करण से लेकर टेक्सटाइल तक 14 सेक्टर्स में करीब 20 अरब डॉलर का सरकारी सपोर्ट दिया जा रहा है, जिसका लाभ कीवी कंपनियां उठा सकती हैं।

3. फिनटेक और स्मार्ट सिटी मिशन (Fintech & Smart Cities)

भारत आज फिनटेक (Fintech) के क्षेत्र में एक ग्लोबल लीडर है। दुनिया के कुल 50 प्रतिशत रियल-टाइम डिजिटल पेमेंट्स अकेले भारत में होते हैं। पीएम मोदी ने ग्रीन बॉन्ड्स और ब्लेंडेड फाइनेंस में भी सहयोग बढ़ाने की वकालत की। इसके अतिरिक्त, भारत के ‘स्मार्ट सिटी मिशन’ के तहत 100 शहरों में 8,000 से अधिक परियोजनाओं पर काम चल रहा है, जहाँ वाहन, जल और कचरा प्रबंधन (Waste Management) में तकनीक साझा करने के बेहतरीन अवसर हैं।

न्यूजीलैंड के पीएम क्रिस्टोफर लक्सन ने बांधे तारीफों के पुल

न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने भारत के आर्थिक कायाकल्प को बेहद करीब से देखने का अपना अनुभव साझा किया। उन्होंने कहा, “मैं लंबे समय से भारत का बड़ा प्रशंसक रहा हूं। 90 के दशक के मध्य में जब मैं पहली बार यूनिलीवर (हिंदुस्तान यूनिलीवर की मूल कंपनी) के काम से भारत आया था, तब लोग दैनिक मजदूरी सिक्कों में पाते थे।”

लक्सन ने आगे कहा कि आज का भारत पूरी तरह बदल चुका है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला गया है। भारत का मध्यम वर्ग आज 44 करोड़ का है, जिसके इस दशक के अंत तक (2030 तक) 75 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है। उन्होंने न्यूजीलैंड और भारत के उद्योगपतियों से इन नए अवसरों का पूरा फायदा उठाने की अपील की।

दो दिनों के इस सफल और ऐतिहासिक कार्यक्रम के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार दोपहर को भारत के लिए रवाना हो गए।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1. भारत-न्यूजीलैंड बिजनेस इवेंट में न्यूजीलैंड ने भारत में कितने निवेश की घोषणा की है?

Ans: न्यूजीलैंड ने अगले 15 वर्षों में भारत में 20 अरब डॉलर (करीब $20 Billion) के निवेश की प्रतिबद्धता जताई है।

Q2. पीएम मोदी ने भारत के किस सेक्टर को दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा बाजार बताया?

Ans: पीएम मोदी ने भारत के एविएशन सेक्टर (विमानन क्षेत्र) को दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा घरेलू विमानन बाजार बताया है।

Q3. दुनिया के कुल रियल-टाइम डिजिटल पेमेंट्स में भारत की हिस्सेदारी कितनी है?

Ans: भारत फिनटेक क्षेत्र में वैश्विक लीडर है और दुनिया के लगभग 50% रियल-टाइम डिजिटल पेमेंट्स अकेले भारत में होते हैं।

Q4. न्यूजीलैंड के पीएम क्रिस्टोफर लक्सन के अनुसार भारत का मध्यम वर्ग कब तक 75 करोड़ हो जाएगा?

Ans: क्रिस्टोफर लक्सन के अनुसार, भारत का मध्यम वर्ग वर्तमान में 44 करोड़ है, जो इस दशक के अंत (2030) तक 75 करोड़ तक पहुंचने की उम्मीद है।

अस्वीकरण (Disclaimer): यह लेख उपलब्ध समाचार स्रोतों और आधिकारिक बयानों के आधार पर सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए तैयार किया गया है। व्यापारिक या निवेश संबंधी निर्णय लेने से पहले आधिकारिक सरकारी विज्ञप्तियों और विशेषज्ञों की सलाह अवश्य लें। मातृभूमि समाचार (matribhumisamachar.com) किसी भी वित्तीय लाभ या हानि के लिए उत्तरदायी नहीं है।

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