दुबई. पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में जारी तनाव अब एक खतरनाक मोड़ ले चुका है। इराक के क्षेत्रीय जलक्षेत्र में एक अमेरिकी स्वामित्व वाले तेल टैंकर ‘Seaface Vishnu’ पर हुए भीषण हमले ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री गलियारों में दहशत पैदा कर दी है। समाचार एजेंसी पीटीआई (PTI) के अनुसार, इस हमले में एक भारतीय नागरिक की दुखद मृत्यु हो गई है, जबकि जहाज पर सवार अन्य भारतीयों सहित 26 क्रू सदस्यों को सुरक्षित निकाल लिया गया है।
खोर अल-जुबैर बंदरगाह के पास ‘सुसाइड बोट’ से हमला
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह हमला बुधवार को इराक के खोर अल-जुबैर बंदरगाह के पास हुआ। बताया जा रहा है कि ईरान की ओर से एक सुसाइड बोट (आत्मघाती नाव) के जरिए टैंकर को निशाना बनाया गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि जहाज को गंभीर नुकसान पहुँचा है। यह टैंकर मार्शल आइलैंड्स के झंडे के साथ संचालित हो रहा था और अमेरिकी कंपनी के स्वामित्व में था, जिसके कारण इसे निशाना बनाए जाने की आशंका जताई जा रही है।
मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव और भारत पर प्रभाव
15 भारतीयों को सुरक्षित निकाला गया, एक की मौत
हमले के वक्त जहाज पर कुल 27 क्रू सदस्य और कर्मचारी तैनात थे।
-
हताहत: हमले में एक भारतीय नागरिक की जान चली गई। हालांकि, अभी तक मृतक की पहचान और गृहनगर की जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
-
रेस्क्यू: शेष 27 में से 26 सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया है। इनमें 15 भारतीय क्रू सदस्य शामिल हैं।
-
वर्तमान स्थिति: सभी सुरक्षित कर्मचारियों को इराक के बसरा शहर ले जाया गया है, जहाँ उन्हें चिकित्सा सहायता और सुरक्षित आश्रय प्रदान किया गया है।
Seaface Vishnu: जहाज की प्रोफाइल
शिप ट्रैकिंग वेबसाइट Vessel Finder के आंकड़ों के अनुसार, इस टैंकर का इतिहास और विवरण इस प्रकार है:
-
निर्माण: वर्ष 2007
-
प्रकार: क्रूड ऑयल टैंकर (Crude Oil Tanker)
-
आकार: लंबाई 228.6 मीटर और चौड़ाई 32.57 मीटर।
-
पंजीकरण: मार्शल आइलैंड्स (Marshall Islands)
समुद्री सुरक्षा के नए नियम और भारतीय नाविकों की स्थिति
कंपनी ने भारत सरकार से की सुरक्षा की अपील
टैंकर के मालिक और संबंधित कंपनी ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। कंपनी ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि वे भारतीय नागरिक की मौत से मर्माहत हैं।
“हमने भारत सरकार से इस कायरतापूर्ण हमले की कड़ी निंदा करने का आग्रह किया है। पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के बीच इस क्षेत्र में काम कर रहे निर्दोष नाविकों (Seafarers) की सुरक्षा सुनिश्चित करना अब अंतरराष्ट्रीय प्राथमिकता होनी चाहिए।”
भारत के लिए चिंता का विषय
यह हमला भारत के लिए बड़ी चिंता का विषय है क्योंकि वैश्विक मर्चेंट नेवी में भारतीयों की संख्या बहुत अधिक है। लाल सागर (Red Sea) और फारस की खाड़ी (Persian Gulf) में बढ़ते हमलों ने भारतीय नाविकों के परिवारों में डर पैदा कर दिया है। विदेश मंत्रालय (MEA) जल्द ही इस मामले में औपचारिक बयान जारी कर सकता है और मृतक के पार्थिव शरीर को भारत लाने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।
Matribhumisamachar


