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NIA Action in Srinagar LeT Case: लश्कर आतंकियों को पनाह देने वाले ‘मामा गैस’ की संपत्ति जब्त, UAPA के तहत कड़ी कार्रवाई

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
5 Min Read

जम्मू।

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद और उसके मददगारों के पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) को खत्म करने की दिशा में एक बड़ी कार्रवाई की है। श्रीनगर के हजरतबल स्थित दनिहामा गांव में लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से जुड़ी आतंकी साजिश के मामले में आरोपी गुलाम मोहम्मद मीर उर्फ ‘मामा गैस’ की रिहायशी संपत्ति को आधिकारिक तौर पर अटैच कर दिया गया है।

यह कदम घाटी में पाकिस्तान समर्थित आतंकी नेटवर्क और उनके स्थानीय मददगारों (OGWs) के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों का हिस्सा है।

 

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गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत कार्रवाई

जांच एजेंसी के अनुसार, यह संपत्ति (सर्वे/मकान संख्या 315) श्रीनगर के हजरतबल इलाके के दनिहामा गांव में स्थित है। एजेंसी ने गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 (UAPA) की धारा 25 के प्रावधानों के तहत मामले RC-02/2026/NIA/JMU में आवश्यक सक्षम प्राधिकारी से पूर्व अनुमति प्राप्त करने के बाद इस कुर्की की प्रक्रिया को पूरा किया है।

 

आतंकी सुरक्षित ठिकाने के रूप में किया जा रहा था इस्तेमाल

NIA की जांच में यह खुलासा हुआ है कि गुलाम मोहम्मद मीर उर्फ मामा गैस ने जानबूझकर अपने घर को लश्कर-ए-तैयबा के पाकिस्तानी आतंकियों के लिए एक सुरक्षित ठिकाने (Safe House) के रूप में उपलब्ध कराया था। इस परिसर का इस्तेमाल आतंकियों के ठहरने, छिपने और आतंकी गतिविधियों से संबंधित विस्फोटक एवं डिजिटल सामग्री को जमा करने के लिए किया जा रहा था।

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यह मामला मूल रूप से 31 मार्च 2026 को श्रीनगर के जकूरा पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर (FIR) से जुड़ा हुआ है, जिसे बाद में आतंकी साजिश की गंभीरता को देखते हुए NIA को सौंप दिया गया था।

 

तलाशी के दौरान मिले थे दो पाकिस्तानी आतंकी

6 अप्रैल 2026 को NIA और स्थानीय सुरक्षा बलों द्वारा दनिहामा स्थित इस मकान में की गई संयुक्त तलाशी के दौरान दो संदिग्ध पाकिस्तानी आतंकवादी मौजूद पाए गए थे। जांच एजेंसी के अनुसार, इनकी पहचान अबू हुरैरा और खुबैब के रूप में हुई थी, जो लश्कर-ए-तैयबा के सक्रिय सदस्य थे।

छापेमारी के दौरान मौके से घातक विस्फोटक सामग्री, आधुनिक डिजिटल उपकरण और अन्य आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए गए थे।

 

ओवर ग्राउंड वर्कर्स (OGWs) का नेटवर्क रडार पर

जांच एजेंसी अब पाकिस्तान में बैठे आतंकी आकाओं (Handlers) और घाटी में मौजूद उनके ओवर ग्राउंड वर्कर्स (OGWs) के संबंधों को खंगाल रही है।

NIA के अनुसार:

  • स्थानीय मददगार पाकिस्तान में बैठे कमांडरों के संपर्क में थे।
  • ये मददगार आतंकियों को रसद, आवाजाही (Logistics) और पनाह मुहैया करा रहे थे।
  • इस प्रकार के नेटवर्क का उद्देश्य सुरक्षा बलों, सरकारी बुनियादी ढांचों और आम नागरिकों पर हमले की साजिश रचना था।

एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि मामले में आगे की जांच जारी है और जल्द ही इस साजिश में शामिल अन्य स्थानीय समर्थकों पर भी शिकंजा कसा जाएगा।

 

Frequently Asked Questions (FAQ)

Q1: NIA ने श्रीनगर में किस आरोपी की संपत्ति अटैच की है?

Ans: NIA ने लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े आतंकी साजिश मामले में आरोपी गुलाम मोहम्मद मीर उर्फ ‘मामा गैस’ की दनिहामा, हजरतबल स्थित रिहायशी संपत्ति को अटैच किया है।

Q2: यह कार्रवाई किस कानून के तहत की गई है?

Ans: यह कार्रवाई गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA), 1967 की धारा 25 के तहत की गई है।

Q3: आरोपी के मकान से कौन–कौन से आतंकी मिले थे?

Ans: 6 अप्रैल 2026 की तलाशी में वहां से लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े दो पाकिस्तानी आतंकी—अबू हुरैरा और खुबैब मिले थे।

 

अस्वीकरण (Disclaimer)

यह समाचार लेख सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जांच एजेंसियों की रिपोर्ट एवं प्राथमिक जानकारियों पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल सूचनात्मक एवं शैक्षणिक विवरण प्रदान करना है।

 

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।