कानपुर। एचडीएफसी (HDFC) बैंक की पनकी शाखा में ‘मैं ठाकुर हूं’ कहने वाली महिला कर्मचारी का वीडियो वायरल होने के बाद शुरू हुआ विवाद अब और गहरा गया है। मामले ने अब जातिगत बहस से इतर कार्यस्थल पर उत्पीड़न और छेड़छाड़ जैसे गंभीर आरोपों का रूप ले लिया है। शुक्रवार देर रात दूसरी पक्ष की पूर्व महिला बैंक कर्मी ने बैंक मैनेजर पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी है।
मैनेजर पर ‘देर तक रोकने’ और ‘घर छोड़ने’ की पेशकश का आरोप
बिठूर निवासी पूर्व महिला बैंक कर्मी ने अपने पति के साथ पनकी थाने पहुंचकर तहरीर दी। महिला का आरोप है कि बैंक मैनेजर सुमित सिंह उसे बेवजह देर तक काम के बहाने रोकते थे और घर छोड़ने की बात कहते थे। इसी मानसिक प्रताड़ना के कारण उसने 6 जनवरी को इस्तीफा दिया था। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि जब वह इस्तीफा देने गई, तो वहां मौजूद कर्मचारी आस्था सिंह ने उसके साथ गाली-गलौज की और लैपटॉप फेंककर मारने की कोशिश की।
“यह जाति का नहीं, अभद्रता का मामला है”
शिकायतकर्ता महिला ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर इसे भले ही ‘ब्राह्मण बनाम ठाकुर’ का रंग दिया जा रहा हो, लेकिन उसकी लड़ाई जाति को लेकर नहीं है। उसने कहा, “मेरी शिकायत मेरे और मेरे पति के साथ हुई अभद्रता और बैंक मैनेजर के अनुचित व्यवहार को लेकर है।”
अब मिशन शक्ति केंद्र के पास जांच की कमान
मामले की गंभीरता और दोनों पक्षों की ओर से बढ़ते तनाव को देखते हुए, डीसीपी वेस्ट एसएम कासिम आबिदी ने जांच ‘मिशन शक्ति केंद्र’ को सौंप दी है।
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जांच टीम: मिशन शक्ति प्रभारी वंदना के नेतृत्व में टीम सोमवार को बैंक का दौरा करेगी।
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फुटेज की जांच: घटना के दिन (6 जनवरी) के सीसीटीवी फुटेज और अन्य बैंक कर्मियों के बयान दर्ज किए जाएंगे।
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उद्देश्य: यह पता लगाना कि 8 फरवरी को वीडियो किसने और किस उद्देश्य से वायरल किया, और छेड़छाड़ के आरोपों में कितनी सच्चाई है।
क्या था पूरा मामला?
बता दें कि 8 फरवरी को एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें बैंक कर्मी आस्था सिंह ‘मैं ठाकुर हूं’ कहते हुए आक्रोशित नजर आ रही थीं। आस्था का कहना था कि यह वीडियो पुराना है और उनके साथ हुई अभद्रता की प्रतिक्रिया स्वरूप उन्होंने ऐसा कहा था। अब दोनों पक्षों की ओर से तहरीर मिलने के बाद पुलिस फूंक-फूंक कर कदम रख रही है।
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