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उत्तर प्रदेश में हेल्थकेयर क्रांति: 2017 के बाद कैसे बदला मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर का चेहरा?

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
4 Min Read
लखनऊ ।
उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं और मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार ने जिला स्तर से लेकर राज्य स्तरीय संस्थानों तक कई नए कदम उठाए हैं। 2017 से पहले जहां प्रदेश में सीमित संख्या में मेडिकल कॉलेज थे, वहीं अब ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन मेडिकल कॉलेज’ (One District, One Medical College) की नीति के तहत स्थिति काफी बदली है।

1. 2017 से अब तक: मेडिकल कॉलेजों का आंकड़ा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अनुसार, वर्ष 2017 से पहले राज्य में केवल 41 मेडिकल कॉलेज संचालित थे। लगातार प्रयासों के बाद यह आंकड़ा बढ़कर 85 मेडिकल कॉलेज हो गया है।
  • MBBS सीटों में वृद्धि: नए मेडिकल कॉलेज खुलने से राज्य में डॉक्टरी की पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए MBBS और PG की सीटों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है।
  • स्थानीय स्तर पर डॉक्टर: जिला स्तर पर मेडिकल कॉलेज बनने से ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित हो रही है।

2. दो नए AIIMS से मजबूत होता हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर

राज्य में सुपर-स्पेशियलिटी चिकित्सा सुविधाओं को आम जनता तक पहुंचाने के लिए AIIMS रायबरेली और AIIMS गोरखपुर पूर्ण क्षमता के साथ काम कर रहे हैं।
  • एम्स गोरखपुर: पूर्वांचल क्षेत्र के मरीजों को अब गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए दिल्ली या अन्य महानगरों में नहीं जाना पड़ता।
  • एम्स रायबरेली: अवध और आसपास के जिलों के लिए यह संस्थान उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं का मुख्य केंद्र बन चुका है।
इन दोनों AIIMS संस्थानों में अत्याधुनिक ओपीडी, आईपीडी, आपातकालीन सेवाएं और आधुनिक डायग्नोस्टिक लैब उपलब्ध हैं।

3. जिला स्तर पर विशेषज्ञ चिकित्सा और अनुसंधान पर जोर

अब सरकार का मुख्य ध्यान केवल इमारतों और कॉलेजों के निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने पर है:
  1. बदलते रोग पैटर्न पर रिसर्च: मुख्यमंत्री ने चिकित्सा संस्थानों को निर्देश दिए हैं कि वे बदलते मौसमी व जीवनशैली से जुड़े रोगों (Non-Communicable Diseases) पर अध्ययन और रिसर्च बढ़ाएं।
  2. सुपर-स्पेशियलिटी सुविधाएं: कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी, और ऑन्कोलॉजी (कैंसर इलाज) जैसी तकनीकों को जिला स्तर के मेडिकल कॉलेजों में जोड़ा जा रहा है।
  3. निःशुल्क डायग्नोस्टिक सुविधाएं: सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में आधुनिक पैथोलॉजी और रेडियोलॉजी (CT Scan, MRI) सुविधाओं का दायरा बढ़ाया गया है।

उत्तर प्रदेश मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर: एक नजर में

मानदंड 2017 से पहले वर्तमान स्थिति मुख्य लाभ
कुल मेडिकल कॉलेज 41 85 हर जिले में विशेषज्ञ चिकित्सा की आसान पहुंच
AIIMS की संख्या 0 (निर्माणाधीन/अधूरी) 2 (गोरखपुर व रायबरेली) उच्च स्तरीय सुपर-स्पेशियलिटी इलाज व रिसर्च
मुख्य फोकस प्राथमिक स्वास्थ्य रिसर्च व आधुनिक डायग्नोस्टिक्स रोग पैटर्न के अनुसार एडवांस ट्रीटमेंट

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1: उत्तर प्रदेश में वर्तमान में कुल कितने मेडिकल कॉलेज हैं?
उत्तर: उत्तर प्रदेश में वर्तमान में 85 मेडिकल कॉलेज (सरकारी और निजी मिलाकर) संचालित हैं।
Q2: उत्तर प्रदेश में कौन-कौन से जिलों में AIIMS स्थित हैं?
उत्तर: उत्तर प्रदेश में दो एम्स (AIIMS) कार्य कर रहे हैं—एक गोरखपुर में और दूसरा रायबरेली में।
Q3: ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन मेडिकल कॉलेज’ योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: इस योजना का उद्देश्य उत्तर प्रदेश के प्रत्येक जिले में कम से कम एक मेडिकल कॉलेज स्थापित करना है ताकि स्थानीय स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं और मेडिकल शिक्षा मिल सके।

अस्वीकरण (Disclaimer)

यह लेख उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जारी आधिकारिक बयानों और उपलब्ध स्वास्थ्य आंकड़ों पर आधारित एक सूचनात्मक रिपोर्ट है। किसी भी आपातकालीन चिकित्सा स्थिति या इलाज के लिए कृपया अपने नजदीकी पंजीकृत डॉक्टर या सरकारी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।