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गाजियाबाद दहेज हत्या मामला: 30 लाख नकद और Scorpio-N की मांग, छत से नीचे फेंककर नवविवाहिता की हत्या का आरोप, आरोपी पति गौरव गिरफ्तार

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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गाजियाबाद | 
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के मुरादनगर थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां विवाह के मात्र 6 महीने के भीतर एक 23 वर्षीय नवविवाहिता आकृति (रिया) की संदिग्ध परिस्थितियों में छत से नीचे गिरने के कारण गंभीर रूप से घायल होने के बाद अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई।
मायके पक्ष (भंगेल, नोएडा) ने ससुराल वालों पर ₹30 लाख नकद और एक Scorpio-N लग्जरी कार की मांग पूरी न होने पर मारपीट कर छत से नीचे फेंककर हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है। पुलिस ने मृतका के भाई प्रभात की तहरीर पर कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी पति गौरव को गिरफ्तार कर लिया है और बाकी आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है।

1. प्रेम विवाह के बाद भी नहीं घटा दहेज का लालच

प्राप्त जानकारी के अनुसार, नोएडा के भंगेल निवासी आकृति का विवाह मुरादनगर कस्बा रोड निवासी गौरव के साथ तय हुआ था। विवाह के समय ही वर पक्ष की ओर से अतिरिक्त नकदी और गाड़ी की मांग को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ था, जिसके बाद यह विवाह टूट गया था।
हालांकि, बाद में दोनों पक्षों ने सहमति जताई और 23 मार्च 2026 को रजिस्ट्रार कार्यालय में कोर्ट मैरिज कर ली। लेकिन मायके वालों का आरोप है कि विवाह के बाद भी ससुराल पक्ष का लालच कम नहीं हुआ। पति गौरव और उसके परिजन लगातार ₹30 लाख नकद (कर्ज चुकाने के नाम पर) और Scorpio-N कार की मांग कर रहे थे। मांग पूरी न होने पर आकृति को शारीरिक और मानसिक रूप से बुरी तरह प्रताड़ित किया जाने लगा।

2. “भैया ये लोग मुझे मार देंगे…” — मौत से पहले आकृति की आखिरी कॉल

परिजनों के अनुसार, 7 सितंबर 2026 की रात करीब 9 बजे आकृति ने रोते-बिलखते अपने भाई को फोन किया था। उसने फोन पर बताया कि उसका पति गौरव, ससुर रमेश, सास सरोज और ननदें मिलकर उसके साथ मारपीट कर रही हैं और उसे जान से मारने का प्रयास कर रही हैं।
फोन कटने के कुछ ही समय बाद ससुराल पक्ष की तरफ से सूचना दी गई कि आकृति घर की पहली/दूसरी मंजिल की छत से नीचे गिर गई है। परिजन तुरंत मुरादनगर पहुंचे और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 10 सितंबर को उसने दम तोड़ दिया।

3. पुलिस कार्रवाई, BNS की गंभीर धाराएं और सबूत

मुरादनगर थाना पुलिस ने मृतका के भाई की शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) और दहेज प्रतिषेध अधिनियम की गंभीर धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है:
  • BNS धारा 80: दहेज मृत्यु (Dowry Death)
  • BNS धारा 85: पति या रिश्तेदारों द्वारा क्रूरता (Cruelty by Husband or Relatives)
  • BNS धारा 115(2): जानबूझकर चोट पहुंचाना
  • BNS धारा 352: शांति भंग करने के इरादे से अपमान
  • दहेज प्रतिषेध अधिनियम: धारा 3 और 4
पुलिस को घटनास्थल से एक CCTV फुटेज भी मिला है, जिसमें महिला को रात में मकान के बाहर सड़क पर गिरते हुए देखा जा सकता है। 12 सितंबर को पुलिस ने मुख्य आरोपी पति गौरव को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में पुलिस के अनुसार आरोपी पति ने दहेज की मांग और उत्पीड़न की बात स्वीकार की है।

 

Frequently Asked Questions (FAQ)

Q1: मुरादनगर दहेज हत्या मामले में मुख्य आरोपी कौन है?
उत्तर: इस मामले का मुख्य आरोपी मृतका का पति गौरव है, जिसे मुरादनगर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इसके अलावा सास, ससुर और ननदों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई है।
Q2: ससुराल पक्ष पर दहेज में क्या-क्या मांगने का आरोप है?
उत्तर: मृतका के परिजनों का आरोप है कि ससुराल वाले मायके से ₹30 लाख नकद और एक Scorpio-N लग्जरी कार की मांग कर रहे थे।
Q3: पुलिस ने इस मामले में कौन सी धाराएं लगाई हैं?
उत्तर: पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 80 (दहेज मृत्यु), धारा 85 (क्रूरता), धारा 115(2), धारा 352 और दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3/4 के तहत मामला दर्ज किया है।
Q4: घटना की मुख्य साक्ष्य क्या हैं?
उत्तर: मृतका द्वारा मौत से ठीक पहले अपने भाई को किया गया फोन कॉल, आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज, और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट इस मामले के प्रमुख साक्ष्य हैं।

Disclaimer

यह लेख गाजियाबाद (मुरादनगर) पुलिस द्वारा दर्ज की गई प्राथमिकी (FIR), पुलिस बयानों और प्रमुख समाचार माध्यमों द्वारा जारी की गई आधिकारिक रिपोर्ट्स पर आधारित है। मामले की अंतिम सच्चाई जांच रिपोर्ट (Charge Sheet) और माननीय न्यायालय के न्यायिक फैसले के बाद ही स्पष्ट होगी।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।