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साइबर ठगी से कैसे बचें? 2026 के नए डिजिटल स्कैम और सुरक्षा के आसान तरीके

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नई दिल्ली. 2026 की शुरुआत के साथ ही भारत डिजिटल क्रांति के एक नए युग में है, लेकिन इसी के साथ साइबर अपराधियों के तरीके भी बेहद आधुनिक हो गए हैं। आज अपराधी केवल पासवर्ड ही नहीं चुरा रहे, बल्कि AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और Deepfake तकनीक का उपयोग कर लोगों के भरोसे को निशाना बना रहे हैं। हाल ही में दिल्ली में एक बुजुर्ग से ₹96 लाख की ठगी और बलिया में एक पुलिसकर्मी से ₹5.5 लाख की लूट ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सावधानी ही एकमात्र बचाव है।

साइबर ठगी के 5 नए और खतरनाक तरीके

आजकल अपराधी पारंपरिक तरीकों के बजाय इन 5 नए तरीकों का उपयोग कर रहे हैं:

  1. डिजिटल अरेस्ट (Digital Arrest): ठग खुद को CBI, ED या पुलिस अधिकारी बताकर वीडियो कॉल करते हैं और गैर-कानूनी पार्सल या मनी लॉन्ड्रिंग के नाम पर आपको घर में ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर पैसा वसूलते हैं।

  2. AI वॉयस क्लोनिंग: AI की मदद से आपके किसी करीबी की आवाज निकालकर इमरजेंसी में पैसे की मांग करना।

  3. इन्वेस्टमेंट और टास्क स्कैम: टेलीग्राम या व्हाट्सएप पर ‘घर बैठे कमाई’ या ‘शेयर बाजार में भारी मुनाफे’ का लालच देना।

  4. KYC और कूरियर फ्रॉड: “आपका बैंक खाता बंद होने वाला है” या “आपका पार्सल अवैध है” जैसे मैसेज भेजकर लिंक पर क्लिक करवाना।

  5. QR कोड धोखाधड़ी: “पैसे प्राप्त करने के लिए QR स्कैन करें”—याद रखें, पैसे प्राप्त करने के लिए कभी PIN या QR की जरूरत नहीं होती।

खुद को सुरक्षित रखने के लिए ‘गोल्डन रूल्स’

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, इन युक्तियों को अपनाकर आप 90% तक सुरक्षित रह सकते हैं:

  • दो-चरणीय प्रमाणीकरण (2FA) अनिवार्य करें: अपने सोशल मीडिया और बैंकिंग ऐप्स पर Two-Factor Authentication ऑन रखें। इससे पासवर्ड लीक होने पर भी आपका खाता सुरक्षित रहेगा।

  • डिजिटल अरेस्ट से न डरें: भारत में कोई भी सरकारी एजेंसी या कानून प्रवर्तन अधिकारी व्हाट्सएप या स्काइप वीडियो कॉल पर न तो किसी को गिरफ्तार करता है और न ही पैसे मांगता है। ऐसा कॉल आने पर तुरंत काट दें।

  • अज्ञात लिंक्स से तौबा: किसी भी लुभावने ऑफर या कूरियर ट्रैकिंग के लिंक पर क्लिक न करें। हमेशा आधिकारिक वेबसाइट या ऐप का उपयोग करें।

  • PIN और OTP की सुरक्षा: अपना UPI PIN तभी डालें जब आपको पैसे भेजने हों। पैसे प्राप्त करने के लिए किसी PIN की आवश्यकता नहीं होती।

  • सार्वजनिक वाई-फाई का प्रयोग न करें: रेलवे स्टेशन या कैफे के फ्री वाई-फाई पर बैंकिंग लेनदेन करने से बचें।

यदि ठगी हो जाए, तो क्या करें? (तत्काल कार्रवाई)

यदि आप या आपके आसपास कोई साइबर ठगी का शिकार होता है, तो ‘गोल्डन ऑवर’ (पहले 2 घंटे) में ये कदम उठाएं:

  1. हेल्पलाइन नंबर 1930: तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें।

  2. पोर्टल पर शिकायत: cybercrime.gov.in पर जाकर अपनी शिकायत विस्तार से दर्ज करें।

  3. बैंक को सूचित करें: संबंधित बैंक को कॉल कर तुरंत अपने खाते और कार्ड ब्लॉक करवाएं।

डिजिटल इंडिया तभी सफल होगा जब हम ‘डिजिटल रूप से साक्षर और सतर्क’ होंगे। आपकी थोड़ी सी जागरूकता आपको और आपके परिवार की गाढ़ी कमाई को सुरक्षित रख सकती है।

यह भी पढ़ें : 1963 की गणतंत्र दिवस परेड में RSS की भागीदारी: नेहरू के निमंत्रण की पूरी कहानी

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