लखनऊ. उत्तर प्रदेश के दो बड़े औद्योगिक महानगरों, लखनऊ और कानपुर के बीच के सफर को सुगम बनाने वाले बहुप्रतीक्षित लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के संचालन को लेकर एक नया अपडेट सामने आया है। बार-बार बदलती तारीखों के बीच, एनएचएआइ (NHAI) लखनऊ यूनिट के नवागत परियोजना निदेशक (PD) नकुल वर्मा ने अब मार्ग संचालन के लिए 1 अप्रैल 2026 की संभावित (Tentative) तारीख घोषित की है।
होली नहीं, अब अप्रैल का इंतजार
इससे पहले अधिकारियों द्वारा 30 नवंबर 2025 और फिर मार्च 2026 (होली) तक काम पूरा करने के दावे किए गए थे। हालांकि, वर्तमान स्थिति को देखते हुए पीडी ने अपने दावे में संशोधन किया है। उनका कहना है कि लखनऊ में स्कूटर इंडिया चौराहे के पास अभी कुछ तकनीकी काम शेष है, जिसे पूरा होने में लगभग डेढ़ महीने का समय और लगेगा। इसके बाद अप्रैल के पहले दिन से जनता के लिए यह मार्ग खोल दिया जाएगा।
प्रोजेक्ट की वर्तमान स्थिति और चुनौतियां
5 जनवरी 2022 को शुरू हुए इस प्रोजेक्ट को अब लगभग 4 साल पूरे हो चुके हैं। निर्माण में देरी के बावजूद, तकनीकी रूप से यह देश के सबसे आधुनिक एक्सप्रेसवे में से एक होने जा रहा है।
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कुल प्रगति: वर्तमान में निर्माण कार्य 92 प्रतिशत पूरा हो चुका है।
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तकनीकी नवाचार: देश में पहली बार इस एक्सप्रेसवे के निर्माण में AIMGC (आटोमेटेड इंटेलिजेंस मशीन गाइडेड कंस्ट्रक्शन) तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। साथ ही, सटीक निर्माण के लिए GPS और 3D तकनीक की मदद ली जा रही है।
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ग्रीनफील्ड क्षेत्र: कुल 63 किमी के मार्ग में से 45 किमी का हिस्सा (बनी से कानपुर तक) पूरी तरह से नया (Greenfield) विकसित किया जा रहा है।
एक नजर में: लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे
| मुख्य बिंदु | विवरण |
| कुल लंबाई | 62.7 किमी (17.7 किमी एलीवेटेड, 45 किमी ग्रीनफील्ड) |
| कुल लागत | ₹4700 करोड़ |
| वर्तमान चौड़ाई | 6 लेन (भविष्य में 8 लेन का प्रावधान) |
| सफर का समय | 3-4 घंटे से घटकर मात्र 35-45 मिनट |
| रफ्तार सीमा | 100 से 125 किमी/घंटा |
कनेक्टिविटी का महाजाल
यह एक्सप्रेसवे केवल दो शहरों को ही नहीं जोड़ेगा, बल्कि उत्तर प्रदेश के लॉजिस्टिक नेटवर्क को भी मजबूती देगा। यह लखनऊ के शहीद पथ से शुरू होकर उन्नाव के बनी, कांथा और अमरसस होते हुए कानपुर के आजाद मार्ग (कडेर पतारी गांव) पर समाप्त होगा। भविष्य में इसे कानपुर के उद्योग पथ, गंगा एक्सप्रेसवे और लखनऊ की आउटर रिंग रोड से भी लिंक किया जाएगा।
निष्कर्ष: यद्यपि निर्माण की मूल समयसीमा जुलाई 2025 थी, लेकिन अब अप्रैल 2026 की नई तारीख ने यात्रियों में एक नई उम्मीद जगाई है। यदि 1 अप्रैल को मार्ग खुलता है, तो यह क्षेत्र के आर्थिक और औद्योगिक विकास के लिए एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा।
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