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मणिपुर: बिष्णुपुर में अफवाहों के बाद भारी हिंसा, सुरक्षाबलों से भिड़ी भीड़; 18 घायल, 8 हथियार छीने

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
4 Min Read

इंफाल | बुधवार, 15 अप्रैल 2026

मणिपुर के बिष्णुपुर जिले में एक बार फिर तनाव चरम पर है। मंगलवार दोपहर थिनुंगेई इलाके में सादे कपड़ों में जा रहे सुरक्षाकर्मियों के काफिले को स्थानीय लोगों ने ‘उग्रवादी’ समझकर रोक लिया, जिसके बाद हुई हिंसक झड़प में 18 लोग घायल हो गए। भीड़ ने न केवल गाड़ियों को आग के हवाले किया, बल्कि सुरक्षाबलों से 8 हथियार भी छीन लिए थे, जिन्हें बाद में कड़ी मशक्कत के बाद बरामद किया गया।

अफवाह ने भड़काई आग: क्या था पूरा मामला?

सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, यह पूरी हिंसा एक “गलतफहमी” और “अफवाह” का नतीजा थी। दरअसल, इम्फाल एयरपोर्ट पर 7 किलो मॉर्फिन के साथ पकड़े गए एक तस्कर से मिली सूचना के आधार पर सुरक्षाकर्मी सादे कपड़ों में एक गुप्त ऑपरेशन के लिए क्वाकटा जा रहे थे।

स्थानीय लोगों ने बोलेरो, वर्ना और स्विफ्ट जैसी निजी गाड़ियों में जा रहे इन कर्मियों को संदिग्ध समझा। हाल ही में हुए बम धमाकों के कारण गुस्से में बैठी भीड़ ने गाड़ियों को घेर लिया। जब सुरक्षाकर्मी मौके पर अपनी पहचान साबित नहीं कर पाए, तो भीड़ बेकाबू हो गई और गाड़ियों में आग लगा दी।

मुख्य घटनाक्रम: एक नज़र में

  • तारीख और समय: 14 अप्रैल, दोपहर करीब 1:30 बजे।

  • हिंसा का स्थान: थिनुंगेई और टिड्डिम रोड, बिष्णुपुर।

  • नुकसान: 2 वाहन पूरी तरह जला दिए गए।

  • हथियारों की लूट: झड़प के दौरान भीड़ ने 8 हथियार छीन लिए थे (अब बरामद)।

  • गिरफ्तारी: पुलिस ने हिंसा और आगजनी के आरोप में 4 लोगों को गिरफ्तार किया है।

ट्रोंगलाओबी बम धमाका: गुस्से की असली वजह

स्थानीय लोगों के इस आक्रोश के पीछे 7 अप्रैल को ट्रोंगलाओबी में हुआ वो दर्दनाक धमाका है, जिसमें दो मासूम बच्चों की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद से ही घाटी के जिलों में सुरक्षाबलों के खिलाफ प्रदर्शन हो रहे थे। लोगों का आरोप था कि उग्रवादी घाटी के रिहायशी इलाकों को निशाना बना रहे हैं और सुरक्षा एजेंसियां उन्हें रोकने में विफल रही हैं।

प्रशासन की सख्त कार्रवाई और ताजा स्थिति

मणिपुर के गृह मंत्री गोविंददास कोंथौजम ने आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर स्थिति स्पष्ट की:

  1. इंटरनेट पर प्रतिबंध: अफवाहों को फैलने से रोकने के लिए 5 जिलों (इम्फाल पश्चिम, पूर्व, थौबल, काकचिंग और बिष्णुपुर) में मोबाइल इंटरनेट बैन को 16 अप्रैल तक बढ़ा दिया गया है।

  2. कर्फ्यू की स्थिति: बिष्णुपुर में धारा 163 (BNSS) के तहत सख्त कर्फ्यू लागू है, जबकि अन्य क्षेत्रों में जरूरी सामान खरीदने के लिए कुछ घंटों की ढील दी गई है।

  3. NIA जांच: ट्रोंगलाओबी धमाके की जांच NIA को सौंप दी गई है और अब तक UKNA के 5 संदिग्धों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

विशेष नोट: प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर चल रही अपुष्ट खबरों पर ध्यान न दें। सुरक्षा बलों ने इलाके में ‘फ्लैग मार्च’ कर लोगों को शांति बनाए रखने का भरोसा दिलाया है।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।