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पहचान छिपाकर नाबालिग का अपहरण करने वाला आरोपी मुठभेड़ में गिरफ्तार: मुजफ्फरनगर पुलिस की बड़ी कार्रवाई

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

मुजफ्फरनगर । शुक्रवार, 15 मई 2026

मुजफ्फरनगर के नई मंडी थाना क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की तत्परता का एक बड़ा उदाहरण सामने आया है। पुलिस ने एक ऐसे शातिर अपराधी को सलाखों के पीछे भेजा है, जिसने न केवल एक नाबालिग का अपहरण किया, बल्कि अपनी धार्मिक पहचान छिपाकर उसे प्रेम जाल में फंसाया था।

घटना का विवरण: ‘मोनू’ बनकर फैलाया जाल

जानकारी के अनुसार, आरोपी की पहचान शाहरुख के रूप में हुई है, जिसने खुद को ‘मोनू’ बताकर एक हिंदू नाबालिग युवती से जान-पहचान बढ़ाई। पीड़ित परिवार एक गुड़ कोल्हू पर मजदूरी करता है, जहाँ आरोपी का अक्सर आना-जाना था। इसी का फायदा उठाकर उसने युवती को अपने झांसे में लिया और 12 मई को उसे लेकर फरार हो गया।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई और बरामदगी

गुरुवार शाम करीब 6:30 बजे जैसे ही परिजनों ने पुलिस को मामले की जानकारी दी, नई मंडी थाना प्रभारी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल टीमों का गठन किया। पुलिस की सक्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि सूचना मिलने के मात्र दो घंटे के भीतर किशोरी को सकुशल बरामद कर लिया गया।

एटूजेड रोड पर हुई मुठभेड़

किशोरी की बरामदगी के बाद पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी थी। देर रात मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने एटूजेड रोड पर घेराबंदी की। खुद को पुलिस से घिरा देख आरोपी शाहरुख ने फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस द्वारा की गई आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्रवाई में आरोपी के पैर में गोली लगी, जिससे वह घायल होकर गिर पड़ा। पुलिस ने उसे तुरंत गिरफ्तार कर जिला अस्पताल में भर्ती कराया।

जांच के दायरे में ‘धर्मांतरण’ का कोण

इस मामले में पीड़िता के परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि आरोपी का उद्देश्य युवती का धर्म परिवर्तन कराना था। पुलिस प्रशासन ने इन आरोपों को गंभीरता से लिया है। सीओ नई मंडी राजू कुमार साव ने स्पष्ट किया है कि:

  • आरोपी के विरुद्ध संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

  • उसकी आपराधिक पृष्ठभूमि (Criminal History) खंगाली जा रही है।

  • पहचान छिपाकर अपराध करने के पीछे की साजिश की गहन जांच जारी है।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।