सोमवार, जनवरी 19 2026 | 08:16:44 PM
Breaking News
Home / राज्य / उत्तरप्रदेश / पुनर्निर्मित माधव भवन में स्वाध्याय और शोध की व्यवस्था होगी – डॉ. कृष्णगोपाल जी

पुनर्निर्मित माधव भवन में स्वाध्याय और शोध की व्यवस्था होगी – डॉ. कृष्णगोपाल जी

Follow us on:

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ आरएसएस संघ शताब्दी वर्ष

ब्रज प्रांत के पुनर्निर्मित कार्यालय ‘माधव भवन’ का भव्य लोकार्पण संपन्न

आगरा, 15 जनवरी 2026। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, ब्रज प्रान्त कार्यालय ‘माधव भवन’ के लोकार्पण कार्यक्रम में शारदा पीठाधीवश्वर जगद्गुरू शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम जी महाराज ने कहा कि संघ पर राष्ट्रीय एवं अन्तरराष्ट्रीय प्रश्नचिन्ह खड़े किये जाते हैं। उन पर बौद्धिक स्तर से उत्तर दिया जाना चाहिए, केवल भावनाओं से काम चलने वाला नहीं है। उन्होंने आशा प्रकट की कि यहां पुनर्निर्मित माधव भवन में ऐसे संकाय की व्यवस्था हो, जहां अध्ययनशील कार्यकर्ता समाज को प्रभावी बौद्धिक उत्तर दे सकें। ज्ञानवान कार्यकर्ता ही विधर्मियों को करारा उत्तर दे सकते हैं क्योंकि चिंतन केवल सनातन के पास है। दूसरे धर्म तो अनावश्यक विमर्श खड़ा करने में माहिर हैं।

इस अवसर पर सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्णगोपाल जी ने कहा कि किसी भी संस्था या समाज को युगानुकूल आगे बढ़ना होता है। जब पुराना माधव भवन सन् 1977 में प्रारम्भ हुआ था, तब देश भर में संघ की केवल 8 हजार शाखाएं थीं, जो वर्तमान में 90000 तक पहुंच गयी हैं। यहां से संघ की अनेकों गतिविधियों, सेवा कार्य, संस्कार, शिक्षा और स्वास्थ्य के प्रसार की दृष्टि से भी केन्द्र स्थापित किये जाएंगे, जो संघ की समाज के लिए प्राथमिक जिम्मेदारी के साथ-साथ महत्वपूर्ण भी है।

आगरा से जुड़े हिन्दू समाज के महापुरूषों द्वारा किए गए बलिदान के ऐतिहासिक प्रसंगों का स्मरण करते हुए उन्होंने कहा कि अपने बुद्धि-चातुर्य और रणनीतिक कार्यशैली से छत्रपति शिवाजी ने आगरा से औरंगजेब की कैद से मुक्त होकर हिन्दू समाज के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय जोड़ा था। उस अविस्मणीय घटना को पूरा विश्व आश्चर्य से देखता है और उनके लिए यह शोध का विषय है कि इतनी लम्बी-चौड़ी मुगल सेना एवं सुरक्षा के बन्धन से किस प्रकार शिवाजी अपने पुत्र सहित मुक्त होकर निकल गए।

सह सरकार्यवाह जी ने फुब्बारा कोतवाली पर हुए गोकुलाजाट के बलिदान का भी स्मरण कराया और फतेहपुर सीकरी में राणा सांगा द्वारा क्रूर मुगल बादशाह के साथ हुए युद्ध में हिन्दू धर्म की रक्षा के लिए दी गयी उनके प्राणों की आहुति का स्मरण कराया।

उन्होंने कहा कि हमारे आगरा के लोग इस गौरवशाली इतिहास को भूलते जा रहे हैं। हमारा समाज आत्मविस्मृत हो गया है। आगरा के निकट वृन्दावन, गोकुल, गोवर्धन के भक्ति आंदोलन में वहां के साधु-संतों और सनातनियों ने जो बलिदान दिया है, हिन्दू धर्म और मंदिरों की रक्षा अपने प्राणों पर खेलकर की थी, उसे भी हम लोग समाज के समक्ष प्रभावशाली ढ़ंग से प्रस्तुत नहीं कर पा रहे हैं।

उन्होंने आशा प्रकट की कि पुनर्निर्मित माधव भवन में स्वाध्याय और शोध की व्यवस्था होगी जो उस काल खण्ड के दस्तावेजों को सुरक्षित करते हुए वर्तमान समाज के सामने हजारों वर्षों में हमारे हिन्दू समाज द्वारा दिए बलिदान के गौरवशाली इतिहास को सामने लाने का काम करेगा।

उन्होंने उपस्थित जनसमुदाय को सुझाव दिया कि शिवाजी महाराज, गोकुलाजाट एवं राणा सांगा के बलिदान स्थल पर उनके स्मारक और म्युजियम निर्माण का कार्य प्रारम्भ करना चाहिए, जिससे बाहर से आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों को ताजमहल के साथ-साथ हमारा गौरवशाली इतिहास जानने का भी अवसर प्राप्त हो सके।

साभार : विश्व संवाद केंद्र

मित्रों,
मातृभूमि समाचार का उद्देश्य मीडिया जगत का ऐसा उपकरण बनाना है, जिसके माध्यम से हम व्यवसायिक मीडिया जगत और पत्रकारिता के सिद्धांतों में समन्वय स्थापित कर सकें। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए हमें आपका सहयोग चाहिए है। कृपया इस हेतु हमें दान देकर सहयोग प्रदान करने की कृपा करें। हमें दान करने के लिए निम्न लिंक पर क्लिक करें -- Click Here


* 1 माह के लिए Rs 1000.00 / 1 वर्ष के लिए Rs 10,000.00

Contact us

Check Also

CJI सूर्यकांत और CM योगी ने किया अमेठी दीवानी न्यायालय का शिलान्यास, जानें बजट

लखनऊ. अमेठी जिले के गठन के करीब साढ़े 15 साल बाद आज का दिन जिले …