नई दिल्ली. वित्त मंत्रालय ने 1 फरवरी 2026 को पेश होने वाले आम बजट 2026-27 के लिए सुझावों की प्रक्रिया (MyGov पर) शुरू कर दी है। सुझाव देने की (16 जनवरी अंतिम तिथि है। मिडिल क्लास और नौकरीपेशा वर्ग के लिए यह बजट काफी उम्मीदों भरा है, खासकर नए आयकर कानून (Income Tax Act 2025) के लागू होने के बाद। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2026 (रविवार) को मोदी सरकार का एक और महत्वपूर्ण बजट पेश करेंगी। चुनाव और वैश्विक आर्थिक बदलावों के बीच, इस बार मिडिल क्लास की नजरें सीधे तौर पर अपनी बचत और टैक्स स्लैब पर टिकी हैं। आइए जानते हैं कि इस बार के बजट सुझावों में मध्यम वर्ग ने सरकार से क्या माँगा है :
1. स्टैंडर्ड डिडक्शन (Standard Deduction) में बढ़ोतरी
वर्तमान में नई टैक्स व्यवस्था के तहत स्टैंडर्ड डिडक्शन ₹75,000 है। लेकिन बढ़ती महंगाई और लिविंग कॉस्ट को देखते हुए विशेषज्ञों और आम जनता ने इसे बढ़ाकर ₹1,00,000 करने का सुझाव दिया है। इससे नौकरीपेशा वर्ग के हाथ में खर्च करने योग्य आय (Disposable Income) बढ़ेगी।
2. इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव
पिछले बजट (2025) में ₹12 लाख तक की आय को टैक्स फ्री (छूट के साथ) कर दिया गया था। इस बार मिडिल क्लास की उम्मीद है कि:
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बेसिक छूट सीमा: ₹4 लाख से बढ़ाकर ₹5 लाख की जाए।
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30% का उच्चतम स्लैब: वर्तमान में ₹24 लाख से ऊपर की आय पर 30% टैक्स लगता है। सुझाव है कि इसे बढ़ाकर ₹36-40 लाख किया जाए ताकि ‘अपवर्ड मोबिलिटी’ वाले मध्यम वर्ग को राहत मिल सके।
3. होम लोन और अफोर्डेबल हाउसिंग (Home Loan Relief)
रियल एस्टेट की बढ़ती कीमतों को देखते हुए ‘अफोर्डेबल हाउसिंग’ की परिभाषा बदलने की मांग की जा रही है।
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प्राइस कैप: ₹45 लाख की सीमा को बढ़ाकर दिल्ली-NCR जैसे शहरों के लिए ₹75-85 लाख करने का सुझाव है।
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ब्याज पर छूट: नई टैक्स व्यवस्था में भी होम लोन के ब्याज (Section 24b) पर कम से कम ₹2 लाख की छूट शामिल करने की प्रबल मांग है।
4. हेल्थ इंश्योरेंस और धारा 80D
कोरोना के बाद हेल्थ केयर पर होने वाला खर्च 150-200% तक बढ़ा है।
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मिडिल क्लास चाहता है कि धारा 80D के तहत बीमा प्रीमियम पर छूट की सीमा ₹25,000 से बढ़ाकर ₹50,000-₹1,00,000 की जाए।
5. NPS और सुरक्षित भविष्य
गैर-सैलरीड वर्ग और छोटे व्यापारियों ने NPS (National Pension System) में निवेश पर अतिरिक्त छूट की मांग की है। इसके अलावा, पुरानी पेंशन योजना (OPS) बनाम नई पेंशन योजना (UPS) के बीच के अंतर को कम करने के लिए विशेष घोषणाओं की उम्मीद है।
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बजट 2026: मुख्य आंकड़े (अनुमानित)
| क्षेत्र | वर्तमान स्थिति | मिडिल क्लास की मांग |
| स्टैंडर्ड डिडक्शन | ₹75,000 | ₹1,00,000 |
| अफोर्डेबल हाउसिंग कैप | ₹45 लाख | ₹75 – 85 लाख |
| 30% टैक्स स्लैब शुरू | ₹24 लाख से | ₹36 – 40 लाख से |
| हेल्थ इंश्योरेंस छूट (80D) | ₹25,000 | ₹1,00,000 |
वित्त मंत्रालय के पास आए सुझावों में एक बात साफ है—मध्यम वर्ग अब केवल ‘सरल टैक्स’ नहीं, बल्कि ‘सस्ता टैक्स’ चाहता है। यदि सरकार इन सुझावों पर गौर करती है, तो यह न केवल लोगों की बचत बढ़ाएगा, बल्कि भारतीय अर्थव्यवस्था में खपत (Consumption) को भी नई रफ्तार देगा।
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