नई दिल्ली. देश के 77वें गणतंत्र दिवस समारोह की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बीच दिल्ली का कर्तव्य पथ भारतीय सेना, अर्धसैनिक बलों और एनसीसी कैडेट्स की गूंजती कदमताल से जीवंत हो उठा है। इस साल का समारोह न केवल अपनी भव्य सैन्य शक्ति के लिए, बल्कि भारत-यूरोपीय संघ के मजबूत होते कूटनीतिक संबंधों के लिए भी यादगार होने वाला है।
1. मुख्य अतिथि: यूरोप के दो बड़े दिग्गजों को न्योता
विदेश मंत्रालय (MEA) ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि इस साल गणतंत्र दिवस परेड में यूरोपीय संघ (EU) का शीर्ष नेतृत्व मुख्य अतिथि होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर इस बार दो प्रमुख नाम शिरकत करेंगे:
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एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा: यूरोपीय परिषद (European Council) के अध्यक्ष।
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उर्सुला वॉन डेर लेयेन: यूरोपीय आयोग (European Commission) की अध्यक्ष।
कूटनीतिक महत्व: यह पहला मौका है जब यूरोपीय संघ के दो शीर्ष पदधारी एक साथ मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हो रहे हैं। यह भारत और EU के बीच प्रस्तावित ‘मुक्त व्यापार समझौते’ (FTA) और सामरिक साझेदारी को और मजबूती देने का संकेत है। दोनों नेता 25 से 27 जनवरी तक भारत की राजकीय यात्रा पर रहेंगे और 16वें भारत-EU शिखर सम्मेलन में भी भाग लेंगे।
2. कर्तव्य पथ पर रिहर्सल और नई झलकियाँ
7 जनवरी से ही कर्तव्य पथ पर परेड की रिहर्सल जारी है। इस बार परेड में कई आधुनिक बदलाव देखने को मिलेंगे:
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अनूठे दस्ते: इस बार परेड में पहली बार बैक्ट्रियन ऊंट (दो कूबड़ वाले), जांस्कर पोनी और शिकारी पक्षियों को शामिल किए जाने की संभावना है।
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नारी शक्ति: पिछले साल की तरह इस बार भी महिला सैन्य कर्मियों का दस्ता आकर्षण का केंद्र रहेगा।
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फुल ड्रेस रिहर्सल: मुख्य परेड से पहले 23 जनवरी 2026 को फुल ड्रेस रिहर्सल आयोजित की जाएगी।
3. आम जनता के लिए फ्री पास और टिकट
अगर आप भी इस भव्यता का गवाह बनना चाहते हैं, तो सरकार ने प्रक्रिया काफी सरल कर दी है:
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फ्री पास: 23 जनवरी की फुल ड्रेस रिहर्सल के लिए 15 और 16 जनवरी को ‘आमंत्रण’ (Aamantran) पोर्टल पर फ्री पास उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
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टिकट बुकिंग: 26 जनवरी की मुख्य परेड के लिए टिकटों की बिक्री 5 जनवरी से शुरू हो चुकी है, जिनकी कीमत ₹20 और ₹100 रखी गई है।
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