नई दिल्ली. भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए आज का दिन ऐतिहासिक रहा। ‘स्टार्टअप इंडिया’ पहल के 10 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित एक भव्य समारोह को संबोधित किया। 16 जनवरी 2016 को शुरू हुए इस अभियान ने एक दशक में भारत को दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप हब बना दिया है।
🚀 10 साल का सफर: यूनिकॉर्न से डेकाकॉर्न तक
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में बीते दशक की उपलब्धियों का लेखा-जोखा पेश किया। उन्होंने बताया कि कैसे 2016 में चंद सैकड़ों स्टार्टअप्स से शुरू हुआ यह सफर आज 1.5 लाख से अधिक पंजीकृत स्टार्टअप्स तक पहुँच गया है।
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जॉब क्रिएटर बना युवा: पीएम ने कहा, “आज का युवा अब नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला (Job Provider) बन गया है।”
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टियर-2 और टियर-3 शहरों का उदय: उन्होंने खुशी जताई कि आज देश के 45% स्टार्टअप्स छोटे शहरों से आ रहे हैं, जो देश के समावेशी विकास का प्रमाण है।
💡 “जोखिम लो” (Take Risks): युवाओं के लिए पीएम का संदेश
प्रधानमंत्री के संबोधन का सबसे प्रेरक हिस्सा वह था जब उन्होंने युवाओं के ‘रिस्क टेकिंग’ एप्टीट्यूड (जोखिम लेने की क्षमता) की सराहना की।
पीएम मोदी के भाषण की 3 बड़ी बातें:
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“फेल होने से मत डरो”: पीएम ने कहा कि स्टार्टअप की दुनिया में ‘असफलता’ जैसा कुछ नहीं होता, या तो आप जीतते हैं या आप सीखते हैं। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे असफलताओं को बाधा नहीं बल्कि सीढ़ी मानें।
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जोखिम लेने का साहस: उन्होंने युवाओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा, “आज का भारत आपके पीछे खड़ा है। डरो मत, जोखिम लो। जब आप जोखिम लेते हैं, तो आप न केवल अपने लिए बल्कि देश के लिए नए रास्ते खोलते हैं।”
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ग्लोबल माइंडसेट: पीएम ने आह्वान किया कि भारतीय स्टार्टअप्स को अब केवल ‘भारत के लिए’ नहीं बल्कि ‘दुनिया के लिए’ समाधान (Solutions for the World) तैयार करने चाहिए।
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🛠️ स्टार्टअप इंडिया 2.0 का विजन
इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने ‘स्टार्टअप इंडिया 2.0’ के रोडमैप की भी झलक दिखाई, जिसमें निम्नलिखित क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा:
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Deep-Tech और AI: उभरती हुई तकनीकों में भारत को विश्व गुरु बनाना।
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Space-Tech: अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी स्टार्टअप्स की भागीदारी को और आसान बनाना।
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Agri-Tech: खेती-किसानी की समस्याओं को सुलझाने के लिए स्टार्टअप्स को विशेष प्रोत्साहन।
📊 10 वर्षों की उपलब्धियां एक नज़र में
| मानक | 2016 (शुरुआत) | 2026 (आज) |
| कुल स्टार्टअप्स | ~400 | 1,50,000+ |
| यूनिकॉर्न (Unicorns) | 4-5 | 115+ |
| महिला उद्यमी | 10% से कम | 48% स्टार्टअप्स में महिला निदेशक |
| क्षेत्रीय विस्तार | केवल मेट्रो शहर | देश के 600+ जिले |
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