बुधवार, जनवरी 21 2026 | 02:39:28 AM
Breaking News
Home / राष्ट्रीय / नकली बीजों का खेल खत्म: Seed Act 2026 की पूरी जानकारी, जानें कैसे नया कानून बढ़ाएगा किसानों की पैदावार और सुरक्षा

नकली बीजों का खेल खत्म: Seed Act 2026 की पूरी जानकारी, जानें कैसे नया कानून बढ़ाएगा किसानों की पैदावार और सुरक्षा

Follow us on:

नई दिल्ली. बजट सत्र के आगाज के साथ ही कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भारतीय कृषि क्षेत्र में सुधार के लिए एक क्रांतिकारी विधेयक— ‘सीड एक्ट 2026’ (Seed Act 2026)—की घोषणा की है। यह नया कानून 1966 के पुराने बीज अधिनियम की जगह लेगा और इसका मुख्य उद्देश्य किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले बीजों की उपलब्धता सुनिश्चित करना तथा बाजार में बिकने वाले नकली बीजों के जाल को पूरी तरह खत्म करना है।

🛡️ ‘सीड एक्ट 2026’ की मुख्य विशेषताएं

यह कानून बीज उत्पादन से लेकर बिक्री तक की पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही लाने के लिए तैयार किया गया है।

  • हर पैकेट पर QR कोड और ट्रेसिबिलिटी (Traceability): अब बीज के हर पैकेट पर एक QR कोड होगा। इसे स्कैन करते ही किसान जान पाएंगे कि बीज कहाँ तैयार हुआ, किस कंपनी ने बनाया और कौन इसका डीलर है। यह ‘डिजिटल पासपोर्ट’ नकली बीजों की पहचान को आसान बनाएगा।

  • अनिवार्य पंजीकरण (Mandatory Registration): सभी बीज कंपनियों और किस्मों का पंजीकरण अनिवार्य होगा। बिना पंजीकरण के कोई भी बीज बाजार में नहीं बेचा जा सकेगा।

  • सख्त दंड का प्रावधान: पुराने कानून में जुर्माना मात्र ₹500 था, जिसे बढ़ाकर अब ₹30 लाख तक कर दिया गया है। साथ ही, जानबूझकर धोखाधड़ी करने वालों के लिए 3 साल की जेल का भी प्रावधान है।

  • राष्ट्रीय बीज मिशन (National Seed Mission): बजट में 100 से अधिक उच्च पैदावार वाली किस्मों के विकास और प्रसार के लिए एक विशेष मिशन की घोषणा की गई है।

🌾 किसानों के लिए यह कैसे मददगार होगा?

लाभ का क्षेत्र प्रभाव
फसल सुरक्षा प्रमाणित बीज मिलने से फसल खराब होने का जोखिम कम होगा और पैदावार बढ़ेगी।
आर्थिक सुरक्षा नकली बीजों के कारण होने वाले वित्तीय नुकसान से किसानों को मुक्ति मिलेगी।
जवाबदेही यदि बीज खराब निकलता है, तो ट्रेसिबिलिटी सिस्टम के जरिए सीधे कंपनी पर कार्रवाई संभव होगी।
परंपरागत बीजों की सुरक्षा कृषि मंत्री ने स्पष्ट किया है कि किसान अपने घरेलू बीजों को बोने, सहेजने और अदला-बदली करने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र रहेंगे।

🚫 नकली बीजों पर लगाम लगाने की रणनीति

सरकार ने ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाते हुए त्रि-स्तरीय सुरक्षा घेरा तैयार किया है:

  1. केंद्रीय और राज्य बीज समितियाँ: ये समितियाँ बीज की गुणवत्ता की निरंतर निगरानी करेंगी।

  2. डिजिटल मॉनिटरिंग: ‘सेंट्रलाइज्ड सीड ट्रेसिबिलिटी पोर्टल’ के जरिए उत्पादन से वितरण तक की कड़ी पर नजर रखी जाएगी।

  3. अनधिकृत विक्रेताओं पर प्रतिबंध: केवल पंजीकृत डीलर ही बीज बेच पाएंगे, जिससे सड़क किनारे या फर्जी दुकानों पर बिकने वाले नकली बीजों पर रोक लगेगी।

कृषि मंत्री का संदेश: “हम ऐसा तंत्र बना रहे हैं जहाँ घटिया बीज सिस्टम में प्रवेश ही न कर सकें। यह विधेयक किसानों की आय दोगुनी करने के हमारे संकल्प की एक महत्वपूर्ण कड़ी है।”

मित्रों,
मातृभूमि समाचार का उद्देश्य मीडिया जगत का ऐसा उपकरण बनाना है, जिसके माध्यम से हम व्यवसायिक मीडिया जगत और पत्रकारिता के सिद्धांतों में समन्वय स्थापित कर सकें। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए हमें आपका सहयोग चाहिए है। कृपया इस हेतु हमें दान देकर सहयोग प्रदान करने की कृपा करें। हमें दान करने के लिए निम्न लिंक पर क्लिक करें -- Click Here


* 1 माह के लिए Rs 1000.00 / 1 वर्ष के लिए Rs 10,000.00

Contact us

Check Also

सर्दियों में सेहत और सौंदर्य: रूखी त्वचा और रीढ़ की हड्डी के दर्द से बचने के अचूक घरेलू उपाय

नई दिल्ली. सर्दियों का मौसम अपने साथ सुहावना अहसास तो लाता है, लेकिन यह हमारी …