कानपुर. चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (CSA) परिसर शनिवार देर रात रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। पीएचडी और एग्री बिजनेस मैनेजमेंट (ABM) के छात्रों के बीच हुई हिंसक झड़प में लाठी-डंडे और ईंट-पत्थर चले, जिसमें चार छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए। इस पूरे घटनाक्रम में हॉस्टल वार्डनों की घोर लापरवाही सामने आई है, जिसके बाद प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है।
मामूली विवाद ने लिया बड़ा रूप
प्रारंभिक जांच के अनुसार, विवाद की जड़ महज बाइक की हेडलाइट की रोशनी थी। देर रात ABM के कुछ छात्र अपने साथी को छोड़ने पीएचडी हॉस्टल (शेखर व वरुणा) गए थे। बाइक मोड़ते समय लाइट की रोशनी वहां खड़े एक छात्र के चेहरे पर पड़ गई। कहासुनी के बाद ABM के छात्र डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम हॉस्टल पहुंचे और अपने साथियों को बुला लाए। इसके बाद दोनों गुट आमने-सामने आ गए और जमकर पथराव हुआ।
रडार पर आए हॉस्टल वार्डन
घटना के समय मौके से नदारद रहने और फोन स्विच ऑफ रखने के कारण तीन वार्डनों पर गाज गिरनी तय मानी जा रही है। डीन स्टूडेंट वेलफेयर (DSW) डॉ. मुकेश श्रीवास्तव ने निम्नलिखित वार्डनों को चेतावनी जारी की है:
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डॉ. अरुण कुमार (शेखर हॉस्टल)
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डॉ. राजीव सिंह (वरुणा हॉस्टल)
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प्रो. संजीव यादव (एपीजे अब्दुल कलाम हॉस्टल)
DSW ने बताया कि घटना के दौरान वे खुद रात 02:30 बजे तक पुलिस के साथ मौके पर थे, लेकिन इन वार्डनों के फोन बंद मिले। अब उनसे जवाब तलब किया गया है कि आपात स्थिति में उनके मोबाइल फोन क्यों बंद थे।
जांच और सख्त कार्रवाई के निर्देश
सोमवार दोपहर को DSW कार्यालय के सेमिनार हॉल में आरोपी छात्रों को बुलाकर पूछताछ की गई। इस दौरान डीन एग्रीकल्चर और सुरक्षा प्रभारी भी मौजूद रहे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि:
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उपद्रव करने वाले छात्रों को चिन्हित कर लिया गया है।
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हॉस्टल के नियमों में भारी बदलाव और सख्ती की जाएगी।
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दोषी पाए जाने पर छात्रों के खिलाफ निलंबन जैसी कड़ी कार्रवाई हो सकती है।
“हमें रात 12:20 बजे सूचना मिली और हम तुरंत पुलिस बल के साथ पहुंचे। छात्रों की पहचान की जा रही है और भविष्य में ऐसी अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वार्डनों की लापरवाही पर भी प्रशासन गंभीर है।” > — डॉ. मुकेश श्रीवास्तव, डीन स्टूडेंट वेलफेयर (DSW)
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