कानपुर. घाटमपुर तहसील क्षेत्र में प्रस्तावित ग्रीन फील्ड फोरलेन एलिवेटेड हाईवे के निर्माण को लेकर किसानों का आक्रोश गहराता जा रहा है। सोमवार दोपहर घाटमपुर किसान संघर्ष समिति के बैनर तले लगभग एक सैकड़ा किसानों ने कानपुर नगर जिलाधिकारी (DM) कार्यालय पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया और डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह को अपनी मांगों का छह सूत्रीय ज्ञापन सौंपा।
बिना सूचना जमीन चिन्हांकन का विरोध
किसानों का आरोप है कि प्रशासन ने उन्हें बिना किसी पूर्व सूचना या विश्वास में लिए एलिवेटेड हाईवे के लिए भूमि के चिन्हांकन (Marking) का कार्य गुपचुप तरीके से पूरा कर लिया है। किसानों का कहना है कि उनकी बहुमूल्य उपजाऊ जमीन को विकास के नाम पर कौड़ियों के भाव लेने की तैयारी की जा रही है, जिसे वे कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे।
किसानों की 6 प्रमुख माँगें:
किसानों ने डीएम को सौंपे ज्ञापन में स्पष्ट किया है कि यदि उनकी निम्नलिखित मांगें नहीं मानी गईं, तो वे बड़े आंदोलन के लिए विवश होंगे:
-
बाजार दर पर मुआवजा: जमीन का मुआवजा वर्तमान मार्केट रेट के आधार पर तय हो और उसका चार गुना भुगतान कानूनन सुनिश्चित किया जाए।
-
रोजगार की गारंटी: प्रभावित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी या हाईवे संचालन में स्थाई रोजगार दिया जाए।
-
न्यूनतम अधिग्रहण: हाईवे के लिए केवल उतनी ही जमीन ली जाए जितनी अनिवार्य हो; उपजाऊ भूमि को बचाने का प्रयास किया जाए।
-
अधिनियम 2013 का पालन: भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में ‘उचित मुआवजा और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम 2013’ के नियमों को लागू किया जाए।
-
सामाजिक प्रभाव आकलन: जमीन लेने से पहले गांव के सामाजिक और आर्थिक प्रभाव (SIA) की जांच अनिवार्य रूप से की जाए।
-
पारदर्शिता: अधिग्रहण की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी हो और किसानों को हर स्तर पर सूचित किया जाए।
डीएम का आश्वासन
ज्ञापन लेने के बाद जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने किसानों को धैर्य रखने की सलाह दी और उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया। डीएम ने कहा कि किसानों के हितों की रक्षा की जाएगी और नियमानुसार ही आगे की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
Matribhumisamachar


