कानपुर. उत्तर प्रदेश की प्रमुख व्यापारिक मंडी कानपुर (चकरपुर) में आज सोमवार, 16 मार्च 2026 को खाद्यान्न, दलहन और तिलहन की कीमतों में मिला-जुला रुख देखने को मिला। मंडी में नई फसल की आवक और त्योहारी मांग के बीच गेहूं, धान और दालों के भाव सामान्य दायरे में बने हुए हैं।
गेहूं और मोटे अनाज के बाजार का हाल
मंडी के जानकारों के अनुसार, इस सप्ताह गेहूं की आवक में बढ़ोतरी होने की संभावना है, जिससे कीमतों पर दबाव बना रह सकता है। वर्तमान में गेहूं (दड़ा) का औसत भाव 2,483 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज किया गया है। वहीं, मोटे अनाजों में मक्का और बाजरा की मांग स्थिर बनी हुई है।
-
गेहूं (दड़ा): ₹2,450 (न्यूनतम) — ₹2,500 (अधिकतम)
-
मक्का (पीली): ₹1,800 — ₹1,900 प्रति क्विंटल
-
धान (सामान्य): ₹2,000 — ₹2,100 प्रति क्विंटल
-
बाजरा: ₹1,900 — ₹2,000 प्रति क्विंटल
यूपी की अन्य मंडियों का हाल: उत्तर प्रदेश की प्रमुख मंडियों के ताजा भाव यहाँ देखें
दलहन बाजार: अरहर और चना दाल में मजबूती
कानपुर मंडी में दालों के भाव में गुणवत्ता के आधार पर उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। अरहर (साबुत) के भाव 8,100 रुपये के स्तर को छू रहे हैं, जो किसानों के लिए राहत की खबर है।
| दाल का प्रकार | न्यूनतम भाव (₹) | अधिकतम भाव (₹) |
| चना दाल | 6,700 | 6,800 |
| मटर दाल | 4,600 | 4,650 |
| मसूर दाल | 6,650 | 6,700 |
| अरहर (साबुत) | 8,000 | 8,100 |
कृषि समाचार: किसानों के लिए सरकारी योजनाओं की ताजा जानकारी
तिलहन: सरसों के भाव में ठहराव
खाद्य तेलों की वैश्विक कीमतों और स्थानीय मांग को देखते हुए सरसों के भाव में स्थिरता बनी हुई है। सोमवार को मंडी में सरसों का भाव 6,250 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज किया गया। कारोबारियों का मानना है कि आने वाले दिनों में सरसों की आवक बढ़ने पर भाव में मामूली सुधार या गिरावट संभव है।
व्यापारियों की राय: क्या कहते हैं मंडी के समीकरण?
कानपुर गल्ला मंडी के वरिष्ठ व्यापारियों का कहना है कि वर्तमान में भाव पूरी तरह से आवक, नमी (Moisture) और उपज की गुणवत्ता पर टिके हैं।
“मंडी में अच्छी गुणवत्ता वाली और सूखी उपज को अपेक्षाकृत बेहतर दाम मिल रहे हैं। किसान भाइयों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी फसल को अच्छी तरह सुखाकर और साफ करके लाएं ताकि उन्हें अधिकतम मूल्य मिल सके।”
बाजार विश्लेषण: आगामी त्योहारी सीजन में दालों के भाव बढ़ने की कितनी है संभावना?
प्रमुख बिंदु जो भावों को प्रभावित कर सकते हैं:
-
मौसम का मिजाज: बेमौसम बारिश या अत्यधिक गर्मी का असर नई आवक की गुणवत्ता पर पड़ सकता है।
-
सरकारी खरीद: न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर सरकारी केंद्रों की सक्रियता भी निजी मंडी के भावों को दिशा देगी।
-
त्योहारी मांग: आने वाले दिनों में मांग बढ़ने से दलहन वर्ग में तेजी की उम्मीद है।
अस्वीकरण (Disclaimer): ऊपर दिए गए भाव मंडी के औसत आंकड़ों पर आधारित हैं। बोली के समय भावों में मामूली उतार-चढ़ाव संभव है। कृपया व्यापार करने से पहले स्थानीय मंडी कार्यालय या अधिकृत व्यापारियों से पुष्टि अवश्य करें।
Matribhumisamachar


