जम्मू । मंगलवार, 16 जून 2026
जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में नियंत्रण रेखा (LoC) के पास मंगलवार को नियमित सुरक्षा ड्यूटी के दौरान एक दर्दनाक हादसा सामने आया। अग्रिम इलाके में सामान्य निगरानी और एरिया डोमिनेशन पेट्रोलिंग (गश्त) पर निकली भारतीय सेना की एक टुकड़ी अचानक हुए एक बारूदी सुरंग (Landmine) विस्फोट की चपेट में आ गई। इस आकस्मिक धमाके में एक जूनियर कमीशंड अधिकारी (JCO) और तीन अन्य जवान घायल हो गए हैं।
यह घटना राजौरी जिले के नौशेरा सेक्टर के अंतर्गत आने वाले अग्रिम कलाल (Kalal) इलाके की है। यहाँ तैनात कुमाऊं रेजिमेंट के जवान संवेदनशील सीमा क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए आगे बढ़ रहे थे, तभी एक लैंडमाइन दुर्घटनावश एक्टिव हो गया।
घायल सैनिकों को तुरंत पहुँचाया गया सैन्य अस्पताल
धमाके के तुरंत बाद मौके पर मौजूद अन्य साथी सैनिकों ने बिना वक्त गंवाए त्वरित राहत और बचाव कार्य शुरू किया। सभी चारों घायल वीर जवानों को तत्काल घटनास्थल से सुरक्षित बाहर निकाला गया और नजदीकी सैन्य चिकित्सा केंद्र में प्राथमिक उपचार के बाद उच्च स्तरीय इलाज के लिए भेजा गया। सैन्य अधिकारियों के मुताबिक, सभी घायल सैनिकों की स्थिति पर डॉक्टरों द्वारा लगातार नजर रखी जा रही है और फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने घटना के सटीक तकनीकी कारणों का पता लगाने के लिए जाँच शुरू कर दी है। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, घुसपैठ रोधी अभियान (Anti-Infiltration) के तहत इन सीमावर्ती इलाकों में लैंडमाइंस बिछाई जाती हैं, जो कभी-कभी भारी बारिश और मिट्टी खिसकने के कारण अपने मूल स्थान से बहकर आगे आ जाती हैं। इन्हें ‘ड्रिफ्ट माइंस’ कहा जाता है, जो गश्ती दलों के लिए अनजाने में बड़ा खतरा बन जाती हैं।
पिछले मंगलवार को उरी सेक्टर में हुआ था दर्दनाक हादसा
सीमा सुरक्षा और उपकरणों के रखरखाव के दौरान होने वाले जोखिम का यह पहला मामला नहीं है। इससे ठीक पिछले मंगलवार को जम्मू-कश्मीर के ही बारामूला जिले के उरी सेक्टर में एक बड़ा हादसा हुआ था। उरी के कमलकोट स्थित सेना के एक कैंप में जब रूटीन प्रक्रिया के तहत उपकरणों का ट्रांसफर और रख-रखाव किया जा रहा था, तब एक हैंड ग्रेनेड दुर्घटनावश फट गया।
इस धमाके में दो जवान गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें तुरंत सेना के 92 बेस अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया और वे देश के लिए शहीद हो गए। सेना ने इस मामले में भी कानूनी और सैन्य नियमों के तहत आवश्यक जाँच प्रक्रिया शुरू की है।
अप्रैल महीने में राजौरी से बरामद हुए थे दो जिंदा ग्रेनेड
सुरक्षा बलों की मुस्तैदी का एक और उदाहरण इसी साल अप्रैल में देखने को मिला था, जब राजौरी जिले के ही सुंदरबनी बेल्ट के ठंडीपानी इलाके में एक बड़ी साजिश को नाकाम किया गया था। स्थानीय ग्रामीणों ने एक पानी के स्रोत (Water Body) के पास एक संदिग्ध बॉक्स देखा था।
सूचना मिलते ही सुरक्षाकर्मी और बम निरोधक दस्ता (Bomb Disposal Squad) मौके पर पहुँचे। घेराबंदी करने के बाद जब उस आईईडी (IED) जैसे दिखने वाले सीलबंद बक्से को सुरक्षित खोला गया, तो उसके अंदर से दो जिंदा हैंड ग्रेनेड बरामद हुए। सुरक्षा बलों ने बिना किसी नुकसान के उस विस्फोटक सामग्री को नियंत्रित तरीके से नष्ट कर दिया था, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया था।
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