नई दिल्ली । गुरुवार, 16 जुलाई 2026
भारत की मेजबानी में नई दिल्ली में 5वीं बिम्सटेक (BIMSTEC) राष्ट्रीय सुरक्षा प्रमुखों की बैठक संपन्न हुई। इस उच्च स्तरीय शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने सदस्य देशों के बीच रक्षा, सुरक्षा और आर्थिक तालमेल को नए स्तर पर ले जाने का आह्वान किया।
मौजूदा भू-राजनीतिक उथल-पुथल, वैश्विक संघर्षों और तकनीक के दुरुपयोग से पैदा हुए खतरों के बीच यह बैठक इस क्षेत्र की स्थिरता के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
भारत के लिए बिम्सटेक केवल संगठन नहीं, रणनीतिक विजन है
उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए अजीत डोभाल ने स्पष्ट किया कि भारत के दृष्टिकोण से बिम्सटेक (Bay of Bengal Initiative for Multi-Sectoral Technical and Economic Cooperation) महज एक औपचारिक क्षेत्रीय मंच नहीं है। यह भारत की तीन सबसे महत्वपूर्ण विदेश नीतियों का एक मजबूत स्तंभ है:
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नेबरहुड फर्स्ट (Neighborhood First): पड़ोसियों को प्राथमिकता देने की नीति।
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एक्ट ईस्ट (Act East Policy): दक्षिण-पूर्वी एशियाई देशों के साथ संबंधों को प्रगाढ़ करना।
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महासागर विजन (SAGAR – Security and Growth for All in the Region): हिंद महासागर क्षेत्र में सभी की सुरक्षा और विकास सुनिश्चित करना।
डोभाल ने रेखांकित किया कि बंगाल की खाड़ी के माध्यम से जुड़े ये सात देश केवल भौगोलिक रूप से ही एक-दूसरे के करीब नहीं हैं, बल्कि हजारों वर्षों का साझा इतिहास, संस्कृति और सभ्यतागत विरासत इस सहयोग की असल ताकत हैं।
वैश्विक अनिश्चितता और बहुआयामी सुरक्षा खतरे
एनएसए ने दुनिया भर में जारी संघर्षों और तेजी से बदलती तकनीकों से उत्पन्न नई सुरक्षा चुनौतियों का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक के बढ़ते प्रसार ने साइबर सुरक्षा, आतंकवाद और अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध को और भी जटिल बना दिया है। इन साइबर और डिजिटल खतरों से निपटने के लिए सदस्य देशों को अपनी खुफिया और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच रियल-टाइम समन्वय बढ़ाना होगा।
इसके अतिरिक्त, हाल के वर्षों में ग्लोबल सप्लाई चेन (वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला) में आई रुकावटों का भी जिक्र किया गया, जिसने सभी सदस्य देशों की अर्थव्यवस्थाओं पर सीधा प्रभाव डाला है। डोभाल के अनुसार, इन आर्थिक दुश्वारियों और बहुआयामी खतरों का समाधान केवल एक साझा, निर्णायक रणनीति और निरंतर संवाद से ही संभव है।
5 ट्रिलियन डॉलर की सामूहिक आर्थिक शक्ति
बिम्सटेक संगठन की ताकत का अंदाजा इसके आंकड़ों से लगाया जा सकता है। यह समूह दुनिया की लगभग 22 प्रतिशत आबादी (करीब 1.7 अरब लोग) का प्रतिनिधित्व करता है। वहीं, इन देशों की संयुक्त जीडीपी (GDP) लगभग 5 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की है, जो इसे वैश्विक अर्थव्यवस्था का एक प्रमुख इंजन बनाती है।
बैठक के दौरान सदस्य देशों ने समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने के लिए मानवीय सहायता और आपदा राहत (HADR) के समुद्री घटक के दिशानिर्देशों को अपनाया। इसके साथ ही, समुद्र में कानून प्रवर्तन एजेंसियों के सुरक्षित संचालन के लिए मार्गदर्शक सिद्धांतों को भी मंजूरी दी गई।
आगामी वर्ष में बिम्सटेक अपनी स्थापना की 30वीं वर्षगांठ मनाने जा रहा है। ऐसे में दिल्ली में हुई सुरक्षा प्रमुखों की यह बैठक क्षेत्र में शांति, क्षमता निर्माण (Capacity Building) और सामूहिक लचीलापन (Resilience) बढ़ाने की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होगी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
प्रश्न 1: बिम्सटेक (BIMSTEC) में कौन-कौन से देश शामिल हैं?
उत्तर: बिम्सटेक में कुल 7 सदस्य देश शामिल हैं – बांग्लादेश, भूटान, भारत, म्यांमार, नेपाल, श्रीलंका और थाईलैंड। यह दक्षिण एशिया और दक्षिण-पूर्वी एशिया को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण मंच है।
प्रश्न 2: नई दिल्ली में आयोजित सुरक्षा प्रमुखों की बैठक का मुख्य एजेंडा क्या था?
उत्तर: 5वीं बिम्सटेक राष्ट्रीय सुरक्षा प्रमुखों की बैठक का मुख्य फोकस आतंकवाद विरोधी अभियानों, साइबर सुरक्षा, समुद्री सहयोग, आपदा प्रबंधन (HADR) और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में सुधार पर एक साझा रणनीति तैयार करना था।
प्रश्न 3: अजीत डोभाल ने किन तीन भारतीय नीतियों का उल्लेख किया?
उत्तर: उन्होंने कहा कि बिम्सटेक भारत की ‘नेबरहुड फर्स्ट’ (Neighborhood First), ‘एक्ट ईस्ट’ (Act East) और हिंद महासागर के लिए ‘सागर’ (SAGAR/महासागर) विजन का एक बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा है।
अस्वीकरण (Disclaimer)
यह लेख उपलब्ध आधिकारिक वक्तव्यों, विदेश मंत्रालय (MEA) की प्रेस विज्ञप्ति और समाचार संदर्भों पर आधारित एक विश्लेषणात्मक रिपोर्ट है। इसका उद्देश्य पाठकों को क्षेत्रीय सुरक्षा घटनाक्रमों से अवगत कराना है। किसी भी रणनीतिक या आधिकारिक जानकारी के लिए कृपया संबंधित मंत्रालयों की आधिकारिक वेबसाइट देखें।
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