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‘वंदे मातरम्’ पर केरल यूनिवर्सिटी के कुलपति मोहनन कुन्नुमल का बड़ा बयान, राजनीतिक विवाद तेज

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केरल यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. (डॉ.) मोहनन कुन्नुमल संकल्प 2026 युवा संगम कार्यक्रम में दीप प्रज्वलित करते हुए .
तिरुवनंतपुरम | रविवार, 16 अगस्त 2026
केरल विश्वविद्यालय के कुलपति (Vice-Chancellor) प्रो. (डॉ.) मोहनन कुन्नुमल द्वारा ‘वंदे मातरम्’ (Vande Mataram) और मातृभूमि के प्रति सम्मान को लेकर दिए गए बयान के बाद राज्य का राजनीतिक माहौल गरमा गया है। तिरुवनंतपुरम के मणविला में आयोजित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के ‘संकल्प 2026 युवा संगम’ कार्यक्रम में दिए गए इस वक्तव्य के बाद शैक्षणिक और राजनीतिक हलकों में तीखी बहस छिड़ गई है।

क्या है पूरा मामला?

मणविला में आरएसएस के युवाओं के लिए आयोजित ‘संकल्प 2026 युवा संगम’ कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए कुलपति प्रो. मोहनन कुन्नुमल ने भारत माता के चित्र के सामने दीप प्रज्वलित किया। कार्यक्रम के दौरान लगभग 150 विद्यार्थियों द्वारा ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गायन किया गया।
अपने संबोधन के दौरान कुलपति ने कहा:
“भारत को केवल एक भूभाग नहीं, बल्कि माँ के रूप में देखा जाता है। इसी भावना के साथ ‘वंदे मातरम्’ कहा और गाया जाता है। जो लोग माँ का महत्व और उसकी भावना को समझते हैं, वे ‘वंदे मातरम्’ का सम्मान करते हैं। वहीं, जो लोग इसका विरोध करते हैं, वे वास्तव में माँ के महत्व को नहीं समझते।”

शिक्षा नीति और शैक्षणिक बदलावों पर जोर

राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) और केरल यूनिवर्सिटी में लागू किए गए चार वर्षीय डिग्री पाठ्यक्रम का जिक्र करते हुए कुलपति ने विकसित भारत के लक्ष्य को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि बच्चों को आदर्श और सुसंस्कृत नागरिक बनाने की मुख्य जिम्मेदारी परिवार और समाज की होती है, और शिक्षा में हो रहे ये आधुनिक बदलाव भारत के भविष्य को सशक्त बनाएंगे।

बयान के बाद राजनीतिक घमासान

कुलपति के वक्तव्य और आरएसएस के मंच पर उनकी मौजूदगी को लेकर केरल में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए हैं:
  • छात्र संगठनों का विरोध: स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) और केरल स्टूडेंट्स यूनियन (KSU) जैसे छात्र संगठनों ने कुलपति पर विश्वविद्यालय के प्रशासनिक पद का राजनीतिक इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है।
  • भगवाकरण के आरोप: वामपंथी और विपक्षी राजनीतिक दलों (LDF और UDF) ने आरोप लगाया है कि कुलपतियों की आरएसएस कार्यक्रमों में भागीदारी उच्च शिक्षा क्षेत्र के भगवाकरण के प्रयास का हिस्सा है।
  • प्रशासनिक प्रतिक्रिया: दूसरी ओर, समर्थकों और विश्वविद्यालय के सूत्रों का कहना है कि यह एक शैक्षणिक व सामाजिक कार्यक्रम था और कुलपति का बयान मातृभूमि के प्रति सम्मान प्रकट करने वाली एक सामान्य अवधारणा पर आधारित था।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

Q1: केरल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) मोहनन कुन्नुमल ने क्या बयान दिया?
उत्तर: उन्होंने कहा कि जो लोग ‘वंदे मातरम्’ का विरोध करते हैं, वे माँ के महत्व और भावना को नहीं समझते, क्योंकि भारत को माँ (भारत माता) के रूप में पूजा जाता है।
Q2: यह कार्यक्रम कहाँ और किसके द्वारा आयोजित किया गया था?
उत्तर: यह कार्यक्रम तिरुवनंतपुरम के मणविला में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) द्वारा ‘संकल्प 2026 युवा संगम’ के नाम से आयोजित किया गया था।
Q3: इस बयान पर क्या विवाद खड़ा हुआ है?
उत्तर: SFI और KSU जैसे छात्र संगठनों तथा LDF व UDF राजनीतिक गठबंधनों ने विश्वविद्यालय के प्रशासनिक प्रमुख की RSS कार्यक्रम में भागीदारी और उनके बयान पर सवाल उठाते हुए इसे शिक्षा प्रणाली के राजनीतिकरण का प्रयास बताया है।

 

Disclaimer / अस्वीकरण

यह समाचार लेख सार्वजनिक रूप से उपलब्ध बयानों और मीडिया रिपोर्टों पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल जानकारी प्रदान करना है और यह किसी भी राजनीतिक दल या विचारधारा का समर्थन या खंडन नहीं करता है।
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