हैदराबाद ।
भारत की अग्रणी सौर ऊर्जा समाधान प्रदाता कंपनियों में से एक Premier Energies Limited ने देश के क्लीन-एनर्जी सेक्टर में एक बड़ी छलांग लगाई है। कंपनी ने ऊर्जा भंडारण (Energy Storage) के बढ़ते बाजार को भुनाने और भारत के ग्रिड इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के उद्देश्य से तेलंगाना में 12 GWh (गीगावाट-आवर) क्षमता वाली Battery Energy Storage System (BESS) मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित करने की घोषणा की है।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए Premier Energies ने जर्मनी के प्रतिष्ठित RCT Group की भारतीय इकाई RCT India के साथ एक बाध्यकारी टर्म शीट (Binding Term Sheet) पर हस्ताक्षर किए हैं।
परियोजना का ढांचा और चरणबद्ध विकास
इस प्रोजेक्ट का निष्पादन Premier Energies की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी Premier Battery Technologies Pvt. Ltd. द्वारा किया जाएगा।
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कुल प्रस्तावित क्षमता: 12 GWh
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प्रथम चरण की क्षमता: 6 GWh
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प्रथम चरण का लक्ष्य: वित्तीय वर्ष 2027-28 (FY 2027-28)
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स्थान: सीतारामपुर, तेलंगाना
इस सुविधा को केवल घरेलू जरूरतों तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इसे भारत से अंतरराष्ट्रीय बाजारों के लिए एक प्रमुख निर्यात प्लेटफॉर्म (Export-Oriented Manufacturing Hub) के रूप में भी विकसित किया जा रहा है।
BESS किन क्षेत्रों के लिए होगा उपयोगी?
सीतारामपुर प्लांट में तैयार होने वाले उन्नत BESS समाधान मुख्य रूप से निम्नलिखित सेक्टरों को ध्यान में रखकर निर्मित किए जाएंगे:
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Commercial (व्यावसायिक) ग्राहक: बड़े व्यावसायिक परिसरों और डेटा सेंटरों को निर्बाध और हरित बिजली प्रदान करने के लिए।
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Industrial (औद्योगिक) ग्राहक: भारी उद्योगों में पीक-लोड मैनेजमेंट और पावर क्वालिटी सुधारने के लिए।
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Utility-scale प्रोजेक्ट्स: बड़े सौर और पवन ऊर्जा पार्कों के साथ ग्रिड में उतार-चढ़ाव को नियंत्रित करने के लिए।
सौर ऊर्जा से स्टोरेज की ओर बड़ा रणनीतिक बदलाव
भारत में सोलर और विंड एनर्जी कैपेसिटी तेजी से बढ़ रही है। लेकिन सूर्य के ढलने या हवा के धीमे होने पर ग्रिड की स्थिरता बनाए रखना एक बड़ी चुनौती होती है। BESS अतिरिक्त ऊर्जा को स्टोर कर जरूरत के समय आपूर्ति करने में सक्षम बनाता है, जिससे ग्रिड-फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ती है।
Premier Energies अब तक केवल सोलर सेल और मॉड्यूल्स निर्माण के लिए जानी जाती थी। इस साझेदारी के बाद कंपनी पूरे Clean-Energy Value Chain में अपनी मौजूदगी मजबूत कर रही है। जर्मनी के RCT Group के पास वैश्विक स्तर पर 10 GW से अधिक BESS प्रोजेक्ट्स का अनुभव और इंजीनियरिंग महारत है, जो Premier Energies की स्थानीय मैन्युफैक्चरिंग क्षमता के साथ मिलकर प्रतिस्पर्धी BESS समाधान तैयार करेगी।
परियोजना का त्वरित अवलोकन (Quick Summary Table)
| विवरण | जानकारी |
| मुख्य कंपनी | Premier Energies Ltd. |
| साझेदार | RCT India (RCT Group, Germany) |
| कार्यान्वयन इकाई | Premier Battery Technologies Pvt. Ltd. |
| प्लांट का स्थान | सीतारामपुर, तेलंगाना |
| कुल क्षमता | 12 GWh |
| प्रथम चरण की क्षमता | 6 GWh (लक्ष्य: FY 2027-28) |
| लक्षित बाजार | भारत एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार (निर्यात) |
Frequently Asked Questions (FAQ)
Q1: Premier Energies और RCT India के BESS प्रोजेक्ट की कुल क्षमता कितनी है?
उत्तर: इस परियोजना की कुल प्रस्तावित क्षमता 12 GWh है, जिसे चरणों में विकसित किया जाएगा। पहले चरण में 6 GWh की क्षमता स्थापित की जाएगी।
Q2: यह BESS प्लांट तेलंगाना में कहाँ स्थापित किया जा रहा है?
उत्तर: यह मैन्युफैक्चरिंग प्लांट तेलंगाना के सीतारामपुर में स्थापित किया जाएगा।
Q3: BESS का मुख्य उपयोग क्या है?
उत्तर: BESS (Battery Energy Storage System) नवीकरणीय ऊर्जा (जैसे सौर और पवन ऊर्जा) से बनने वाली अतिरिक्त बिजली को स्टोर करता है, जिससे ग्रिड में पावर सप्लाई का उतार-चढ़ाव नियंत्रित होता है और जरूरत पड़ने पर बिजली उपलब्ध कराई जा सकती है।
Q4: पहला चरण कब तक चालू होने की योजना है?
उत्तर: योजना के अनुसार, इस प्लांट का पहला चरण वित्त वर्ष 2027-28 (FY 2027-28) तक शुरू करने की तैयारी है।
Disclaimer: यह लेख केवल सूचनात्मक और शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए लिखा गया है। इसमें दी गई जानकारी कंपनियों द्वारा दी गई आधिकारिक घोषणाओं और एक्सचेंज फाइलिंग्स पर आधारित है। इसे किसी भी प्रकार की वित्तीय या निवेश सलाह न माना जाए।
