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अनिल कपूर ने पढ़ाई कर रहीं बुज़ुर्ग महिलाओं को झुककर किया सलाम, उनकी शिक्षिका को कहा ‘जादूगरनी’

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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मुंबई, अक्टूबर, 2026: इस नवरात्रि, स्टार प्लस के ‘इंडिया के टॉप 1%’ में पढ़ने की ललक रखने वालीं बुज़ुर्ग महिलाओं की कहानी ने अनिल कपूर का दिल छू लिया। शो में पहुँचीं खांगणे गाँव की प्रतियोगी शीतल बुज़ुर्ग महिलाओं के लिए शुरू किए गए पहले स्कूल में पढ़ाती हैं। उन्होंने बताया कि कैसे उनकी छात्राएँ उम्र से जुड़ी मुश्किलों के बावजूद बचपन में अधूरा रह गया पढ़ाई का सपना पूरा कर रही हैं।

वीडियो: https://www.instagram.com/reels/Dee8mN-uSCW/

शीतल ने साझा किया कि याददाश्त, नज़र और सुनने से जुड़ी परेशानियों के बावजूद ये महिलाएँ पूरे उत्साह से पढ़ती हैं और खेलकूद में भी हिस्सा लेती हैं। उनकी लगन और सीखने का जज़्बा देखकर अनिल कपूर भावुक हो उठे।

शीतल के प्रयासों की सराहना करते हुए, अनिल ने कहा, “बच्चों को सिखाना मुश्किल होता है, लेकिन बुज़ुर्गों को सिखाना और भी ज़्यादा मुश्किल होता है।” इन महिलाओं को उनका बचपन फिर से जीने का मौका देने के लिए उन्होंने शीतल को ‘जादूगरनी’ कहा।

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यह पल तब और भी खास बन गया, जब बुज़ुर्ग छात्राओं ने एक वीडियो संदेश के माध्यम से अनिल कपूर को जल्द अपने स्कूल आने का न्योता दिया। इस पर अनिल ने मराठी में कहा, “आजी शिकली, प्रगती झाली”, यानि दादी ने पढ़ाई की, तो तरक्की की राह खुली। पढ़ाई के प्रति उनके जज़्बे को सलाम करते हुए अनिल उनकी तस्वीर के सामने झुके और तस्वीर में उनके पैर छूकर सम्मान व्यक्त किया।

देखिए ‘इंडिया के टॉप 1%- द अनिल कपूर शो’, हर शनिवार और रविवार रात 8 बजे, स्टार प्लस और जियोहॉटस्टार पर।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।