लखनऊ. अमेठी जिले के गठन के करीब साढ़े 15 साल बाद आज का दिन जिले के न्यायिक इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गया। भारत के प्रधान न्यायाधीश (CJI) न्यायमूर्ति सूर्यकांत और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज चंदौली से वर्चुअल माध्यम से अमेठी सहित प्रदेश के 6 जिलों के ‘एकीकृत न्यायालय परिसरों’ (Integrated Court Complexes) का भव्य शिलान्यास किया।
1. अमेठी के लिए क्यों है यह ऐतिहासिक?
2010 में जिला बनने के बाद से ही अमेठी में दीवानी न्यायालय की मांग की जा रही थी। अब जिला मुख्यालय गौरीगंज (विशुनदासपुर) में आधुनिक कोर्ट कॉम्प्लेक्स का निर्माण होगा।
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लागत: इस परियोजना की कुल लागत लगभग 222 करोड़ रुपये है।
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पहली किस्त: सरकार ने निर्माण कार्य शुरू करने के लिए 55 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी कर दी है।
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समय सीमा: पीडब्ल्यूडी (अयोध्या इकाई) को यह कार्य 18 माह में यानी 20 अप्रैल 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य दिया गया है।
2. ‘न्याय के मंदिर’ पर CJI का संबोधन
शिलान्यास समारोह के दौरान सीजेआई सूर्यकांत ने उत्तर प्रदेश सरकार की इस पहल की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा:
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“उत्तर प्रदेश के एकीकृत न्यायालय परिसर पूरे देश के लिए एक मानक (Model) बनेंगे।”
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उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि इन परिसरों में महिला अधिवक्ताओं के लिए अलग से बार रूम और आधुनिक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।
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सीजेआई ने कहा कि वे जिस भी राज्य में जाएंगे, यूपी के इस ‘ज्यूडिशियल इंफ्रास्ट्रक्चर’ का उदाहरण गर्व के साथ देंगे।
3. सीएम योगी का विजन: ‘एक ही छत के नीचे सब कुछ’
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि इन परिसरों में न केवल अदालतें होंगी, बल्कि:
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अधिवक्ताओं के लिए हाई-राइज बिल्डिंग में आधुनिक चेंबर।
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न्यायिक अधिकारियों के लिए आवास, जिम, और मीटिंग हॉल।
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वादकारियों (मुकदमा लड़ने वालों) के लिए कैंटीन, पार्किंग और वेटिंग एरिया।
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“अब हमारे वकीलों को खुले में या टूटे हुए चेंबर में नहीं बैठना पड़ेगा।”
4. इन जिलों को भी मिली सौगात
अमेठी के साथ-साथ आज चंदौली, महोबा, शामली, हाथरस और औरैया में भी एकीकृत न्यायालय परिसरों की आधारशिला रखी गई है।
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