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बकरीद पर ‘खुले में कुर्बानी’ : किरीट सोमैया ने BMC को लिखा पत्र, प्रशासन ने किए पुख्ता इंतजाम

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
5 Min Read

मुंबई । रविवार, 17 मई 2026

मई के महीने में चांद दिखने के आधार पर मनाए जाने वाले मुस्लिम समुदाय के प्रमुख त्योहार बकरीद (ईद-उल-अजहा) को लेकर मुंबई में तैयारियां तेज हो गई हैं। हालांकि, त्योहार की आहट के साथ ही आर्थिक राजधानी में ‘खुले में कुर्बानी’ को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक बहस भी छिड़ गई है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद डॉ. किरीट सोमैया ने रिहायशी इलाकों में पशु वध को लेकर मोर्चा खोल दिया है, जिसके बाद बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) और पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क हो गया है।

किरीट सोमैया ने पत्र में क्या मांग की है?

बीजेपी नेता किरीट सोमैया ने मुंबई की मेयर ऋतु राजेश तावड़े, BMC प्रशासन और मुंबई पुलिस कमिश्नर को एक पत्र सौंपकर रिहायशी परिसरों में पशु वध रोकने की अपील की है। इसकी जानकारी उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भी साझा की।

सोमैया ने अपने पत्र में निम्नलिखित मुख्य बातें उठाई हैं:

  • रिहायशी इलाकों पर रोक: हाउसिंग सोसायटियों, चालों (chawls) और खुले सार्वजनिक स्थानों पर बकरों की कुर्बानी पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया जाए।

  • अदालती आदेशों का हवाला: उन्होंने आरोप लगाया कि बॉम्बे हाई कोर्ट और नगर निगम द्वारा पहले से तय नियमों के बावजूद, कुछ असामाजिक तत्व नियमों की धज्जियां उड़ाकर खुले में वध करते हैं।

  • वार्ड अधिकारियों को सख्त निर्देश: सोमैया ने मेयर से मांग की है कि सभी वार्ड कार्यालयों को कड़े दिशा-निर्देश जारी किए जाएं ताकि शहर के भीतर पशु वध कानूनों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित हो सके।

“धार्मिक परंपरा और उत्सव के नाम पर हम आवासीय परिसरों और सार्वजनिक खुली जगहों पर अवैध रूप से वध की अनुमति नहीं दे सकते।” – डॉ. किरीट सोमैया (X पोस्ट से)

BMC की तैयारी: क्या है प्रशासन का रुख?

किरीट सोमैया की मांग और कानून व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए, इस साल BMC ने त्योहार को शांतिपूर्ण और स्वच्छ तरीके से संपन्न कराने के लिए बड़े पैमाने पर तैयारी की है। अतिरिक्त नगर आयुक्त (शहर) डॉ. अश्विनी जोशी द्वारा दी गई नवीनतम आधिकारिक जानकारी के अनुसार, प्रशासन ने निम्नलिखित व्यवस्थाएं की हैं:

1. देवनार बूचड़खाने (Deonar Abattoir) में आधुनिक व्यवस्था

BMC ने देवनार बूचड़खाने में 17 मई से 30 मई 2026 तक बकरों और भैंसों के लिए विशेष बाजार और वध की मुकम्मल व्यवस्था की है। यहाँ सुरक्षा के लिए CCTV कैमरे, 500 से अधिक पुलिसकर्मी, पार्किंग सुविधाएं, फूड कोर्ट, स्वास्थ्य सेवाएं और ठोस कचरा प्रबंधन प्रणाली (Solid Waste Management) तैनात की गई है।

2. 109 अधिकृत स्थानों पर ही मिलेगी अनुमति

मुस्लिम समुदाय की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए BMC के मार्केट विभाग ने 28 मई से 30 मई के बीच मुंबई भर में 109 चुनिंदा और अधिकृत स्थानों पर धार्मिक पशु वध की विशेष अनुमति दी है। इन निर्धारित स्थलों के अलावा किसी भी सार्वजनिक या अवैध जगह पर कुर्बानी देने पर पाबंदी रहेगी।

3. ‘MyBMC’ ऐप से ऑनलाइन बुकिंग

इस बार तकनीकी सुधार करते हुए BMC ने MyBMC मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से स्लॉट बुकिंग और डिजिटल अनुमति (Slaughter Permissions) की ऑनलाइन व्यवस्था शुरू की है। साथ ही, पशुओं के सत्यापन के लिए QR-कोड आधारित सिस्टम और 24×7 कंट्रोल रूम भी बनाया गया है।

निष्कर्ष

आमतौर पर चर्चाओं में बकरीद की संभावित तारीख को लेकर असमंजस रहता है, लेकिन वर्तमान खगोलीय गणनाओं के अनुसार, इस साल 27 मई से 30 मई 2026 के बीच चांद के दीदार के आधार पर त्योहार मनाए जाने की उम्मीद है।

प्रशासनिक दृष्टिकोण से यह साफ है कि जहाँ एक तरफ अवैध रूप से रिहायशी सोसायटियों में खुले में कुर्बानी देने पर कानूनी रोक है, वहीं दूसरी तरफ मुस्लिम समुदाय की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए BMC ने 109 वैध जगहों और देवनार में व्यापक इंतजाम किए हैं। अब दारोमदार स्थानीय प्रशासन और पुलिस व्यवस्था पर है कि वे त्योहार के दौरान शांति और स्वच्छता कैसे बनाए रखते हैं।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।