मुंबई ।
टाटा समूह की मूल होल्डिंग कंपनी टाटा संस (Tata Sons) में कॉरपोरेट गवर्नेंस और सार्वजनिक लिस्टिंग (IPO) को लेकर उठा आंतरिक विवाद भारतीय शेयर बाजार पर भारी पड़ता दिख रहा है। शुक्रवार, 18 सितंबर 2026 को शुरुआती कारोबारी सत्र के दौरान ही टाटा ग्रुप की प्रमुख सूचीबद्ध कंपनियों के बाजार पूंजीकरण (Market Capitalization) में करीब 3.2 अरब डॉलर (लगभग ₹30,222 करोड़) की बड़ी गिरावट दर्ज की गई।
किन शेयरों पर पड़ा सबसे ज्यादा असर?
विवाद की खबरों के सामने आते ही समूह की कई प्रमुख कंपनियों के शेयर बिकवाली के दबाव में आ गए:
- Tata Chemicals: कंपनी के शेयर में 11.04% की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई।
- TCS (Tata Consultancy Services): दिग्गज आईटी कंपनी के शेयर में 3.88% की नरमी देखी गई।
- Tata Motors Passenger Vehicles: शेयर में लगभग 3.4% की गिरावट दर्ज हुई।
- Tata Investment Corporation: शेयर लगातार दबाव में कारोबार करता दिखा।
- Tata Capital: इस अनिश्चितता के विपरीत इसके शेयर में हल्की बढ़त देखने को मिली।
क्या है विवाद की मुख्य वजह?
इस गतिरोध की शुरुआत तब हुई जब टाटा संस के बोर्ड ने एन. चंद्रशेखरन को अगले 5 वर्षों के लिए पुनः चेयरमैन नियुक्त करने और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नियमानुसार कंपनी की संभावित लिस्टिंग (IPO) की दिशा में आगे बढ़ने का फैसला लिया।
- Tata Trusts की आपत्ति: टाटा संस में लगभग 66% हिस्सेदारी रखने वाले Tata Trusts ने बोर्ड के इन दोनों फैसलों पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है।
- SP Group का समर्थन: करीब 18.4% हिस्सेदारी रखने वाले शापूरजी पालोनजी (SP Group) ने टाटा संस की सार्वजनिक लिस्टिंग की योजना का समर्थन किया है।
- ₹25,000 करोड़ का प्रस्ताव: Tata Trusts की ओर से SP Group के पास मौजूद टाटा संस की हिस्सेदारी का एक भाग खरीदने का प्रस्ताव रखा गया है, जिसकी सकल वैल्यूएशन लगभग ₹25,000 करोड़ आंकी गई है।
निवेशकों में क्यों बढ़ी अनिश्चितता?
चूंकि टाटा संस एक अनलिस्टेड होल्डिंग कंपनी है, इसलिए इसके शीर्ष नेतृत्व, पूंजी आवंटन (Capital Allocation) और भविष्य के कॉरपोरेट ढांचे से जुड़ा कोई भी विवाद इसकी लिस्टेड सहायक कंपनियों के निवेशकों को सीधा प्रभावित करता है। बाजार विशेषज्ञ मान रहे हैं कि जब तक बोर्ड और Tata Trusts के बीच सामंजस्य नहीं बनता, तब तक अल्पकालिक अनिश्चितता बनी रह सकती है।
संबंधित विषयों की अधिक जानकारी के लिए Matribhumi Samachar पर जाएं।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)
Q1. टाटा संस की लिस्टिंग (IPO) का मुद्दा क्यों उठ रहा है?
RBI के अपर-लेयर NBFC नियमों के तहत बड़ी कोर इनवेस्टमेंट कंपनियों के लिए लिस्टिंग अनिवार्य की गई है, जिस पर बोर्ड और ट्रस्ट के अलग-अलग रुख हैं।
Q2. टाटा संस में सबसे बड़ी हिस्सेदारी किसकी है?
टाटा संस में सर्वाधिक ~66% हिस्सेदारी Tata Trusts के पास है, जबकि ~18.4% हिस्सेदारी SP Group के पास है।
Disclaimer:
यह लेख केवल सूचनात्मक और शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए तैयार किया गया है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी शेयर में निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें।

