मुजफ्फराबाद । रविवार, 19 जुलाई 2026
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में पिछले एक सप्ताह से हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं। स्थानीय प्रशासन और इस्लामाबाद सरकार की नीतियों के खिलाफ हजारों की संख्या में आम नागरिक, महिलाएं और युवा सड़कों पर उतर आए हैं। पुंछ डिवीजन, रावलाकोट, तारारखाल और राजधानी मुजफ्फराबाद में बड़े पैमाने पर हिंसक झड़पें देखने को मिली हैं, जिसके चलते सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त कर दी गई है।
किन मुद्दों पर भड़का आंदोलन?
यह आंदोलन रातों-रात नहीं खड़ा हुआ, बल्कि यह लंबे समय से दबे गुस्से का नतीजा है। जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के नेतृत्व में प्रदर्शनकारी मुख्य रूप से इन मांगों को लेकर अड़े हुए हैं:
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विधानसभा सीटों का विवाद: PoK की विधानसभा में शरणार्थियों के लिए आरक्षित 12 सीटों को लेकर स्थानीय जनता में गहरा असंतोष है।
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राजनीतिक प्रतिनिधित्व: स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस्लामाबाद द्वारा थोपी गई नीतियां उनके अधिकारों को कुचल रही हैं और उनकी आवाज को दबाया जा रहा है।
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नेताओं की रिहाई: हालिया दिनों में गिरफ्तार किए गए JAAC के शीर्ष राजनीतिक और सामाजिक कार्यकर्ताओं की बिना शर्त रिहाई की मांग की जा रही है।
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मूलभूत आवश्यकताएं: महंगाई, बिजली बिलों में मनमानी बढ़ोतरी और खाद्यान्न संकट ने भी आग में घी का काम किया है।
रावलाकोट से मुजफ्फराबाद तक “लॉन्ग मार्च” का कोहराम
आंदोलन का मुख्य केंद्र रावलाकोट और तारारखाल बने हुए हैं। JAAC ने मुजफ्फराबाद की ओर एक विशाल “लॉन्ग मार्च” का आह्वान किया, जिसमें करीब 1.5 लाख से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया। इस मार्च को रोकने के लिए पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले और कई जगहों पर ओपन फायरिंग का सहारा लिया, जिसके जवाब में प्रदर्शनकारियों ने भी रास्ते अवरुद्ध कर दिए। इस हिंसा में सुरक्षाकर्मियों सहित कई नागरिकों की मौत की खबर है।
अंतरराष्ट्रीय बिरादरी की पैनी नजर
PoK में लगातार मानवाधिकारों के उल्लंघन और इंटरनेट व दवाओं जैसी आवश्यक सप्लाइज पर लगाए जा रहे प्रतिबंधों ने वैश्विक स्तर पर ध्यान आकर्षित किया है। भारत ने भी इस क्षेत्र में हो रहे दमन की कड़ी आलोचना करते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से पाकिस्तान को जवाबदेह बनाने की अपील की है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
1. PoK में इस बड़े आंदोलन का नेतृत्व कौन कर रहा है?
इस पूरे आंदोलन का नेतृत्व जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) नामक संगठन कर रहा है।
2. प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें क्या हैं?
प्रदर्शनकारी राजनीतिक स्वतंत्रता, विधानसभा में स्थानीय प्रतिनिधित्व, प्रशासनिक अधिकार, गिरफ्तार नेताओं की रिहाई और बुनियादी सुविधाओं (सस्ती बिजली व आटा) की मांग कर रहे हैं।
3. आंदोलन के प्रमुख केंद्र कौन से इलाके हैं?
मुजफ्फराबाद, रावलाकोट, तारारखाल और पुंछ डिवीजन इस आंदोलन के सबसे बड़े प्रभावित क्षेत्र हैं।
डिस्क्लेमर (Disclaimer): यह लेख उपलब्ध समाचार इनपुट्स और ग्राउंड रिपोर्टों पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल सूचना प्रदान करना है।
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