नई दिल्ली । बुधवार, 19 अगस्त 2026
दिल्ली में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के टेंडर आवंटन में हुई कथित गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार की जांच कर रही भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (ACB) ने एक बड़ा कदम उठाया है। ACB ने आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता व पूर्व जल मंत्री सत्येंद्र जैन और दिल्ली जल बोर्ड (DJB) के पूर्व CEO उदित प्रकाश राय समेत कुल छह लोगों को हिरासत में ले लिया है।
यह पूरा मामला वर्ष 2022 में दिल्ली जल बोर्ड द्वारा जारी किए गए चार प्रमुख एसटीपी टेंडरों में नियमों के उल्लंघन और एक निजी कंपनी को अनुचित लाभ पहुँचाने से जुड़ा हुआ है।
1. गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपी
ACB द्वारा की गई इस बड़ी कार्रवाई के तहत गिरफ्तार किए गए लोगों में प्रशासनिक अधिकारी, सलाहकार और निजी क्षेत्र के प्रतिनिधि शामिल हैं:
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सत्येंद्र जैन – पूर्व जल मंत्री, दिल्ली सरकार
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उदित प्रकाश राय – पूर्व CEO, दिल्ली जल बोर्ड
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अंकित श्रीवास्तव – पूर्व संविदा सलाहकार
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नगेंद्र यादव – निजी क्षेत्र से जुड़े व्यक्ति
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राजा कुमार कुर्रा – निजी क्षेत्र से जुड़े व्यक्ति
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पंकज वर्मा – निजी क्षेत्र से जुड़े व्यक्ति
2. क्या है STP टेंडर घोटाले का पूरा मामला?
जांच एजेंसियों के अनुसार, वर्ष 2022 में दिल्ली जल बोर्ड द्वारा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स (STP) के निर्माण, अपग्रेडेशन और रखरखाव के लिए चार टेंडर जारी किए गए थे।
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नियमों में बदलाव का आरोप: आरोप है कि टेंडर की पूर्व-निर्धारित शर्तों और तकनीकी पात्रता मानकों में जानबूझकर फेरबदल किया गया।
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अनुचित लाभ पहुँचाना: इन बदलावों का मुख्य उद्देश्य एक विशिष्ट निजी कंपनी को फायदा पहुँचाना था, ताकि उसे करोड़ों रुपये का ठेका आसानी से मिल सके।
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वित्तीय लेन-देन: जांच एजेंसियाँ अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि टेंडर आवंटन के एवज में किन-किन रास्तों से वित्तीय लेन-देन या मनी लॉन्ड्रिंग की प्रक्रिया को अंजाम दिया गया।
3. ED और ACB की संयुक्त जांच का दायरा
इस मामले की पड़ताल केवल ACB तक सीमित नहीं है। इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के कोण से जांच कर चुका है। ED ने अपनी शुरुआती जांच में पाया था कि टेंडर प्रक्रिया से जुटाए गए धन का अवैध रूप से हस्तांतरण किया गया था। अब ACB की इस आपराधिक कार्रवाई से टेंडर प्रक्रिया से जुड़े कागजातों और रिश्वत के लेन-देन के कड़ियों को जोड़ने में मदद मिलेगी।
4. राजनीतिक बयानबाजी और आप (AAP) का रुख
सत्येंद्र जैन और पूर्व अधिकारियों की गिरफ्तारी के बाद दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है:
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आम आदमी पार्टी (AAP): पार्टी ने इस कार्रवाई पर कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए इसे राजनीति से प्रेरित बताया है। AAP का कहना है कि जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाया जा रहा है।
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जांच एजेंसी (ACB) का पक्ष: ACB के अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि यह कार्रवाई किसी राजनीतिक दुर्भावना से नहीं, बल्कि टेंडर दस्तावेजों के फॉरेंसिक ऑडिट, वित्तीय साक्ष्यों और ठोस सबूतों के आधार पर की गई है।
5. आगे क्या होगी प्रक्रिया?
ACB सभी छह आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड की मांग करेगी, ताकि पूछताछ के दौरान निम्नलिखित पहलुओं का खुलासा हो सके:
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टेंडर की शर्तों में बदलाव का अंतिम आदेश किस स्तर से जारी हुआ था।
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सरकारी खजाने को हुए नुकसान की कुल राशि कितनी है।
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क्या इस घोटाले के तार अन्य वरिष्ठ अधिकारियों या बिचौलियों से भी जुड़े हुए हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
Q1: दिल्ली जल बोर्ड (DJB) मामले में सत्येंद्र जैन को किसने गिरफ्तार किया है?
Ans: सत्येंद्र जैन को दिल्ली सरकार की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (ACB) ने सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) टेंडर में अनियमितताओं के मामले में गिरफ्तार किया है।
Q2: DJB STP टेंडर मामला किस वर्ष से संबंधित है?
Ans: यह मामला मुख्य रूप से वर्ष 2022 में जारी किए गए दिल्ली जल बोर्ड के चार एसटीपी टेंडरों से संबंधित है।
Q3: इस मामले में कुल कितने लोगों को गिरफ्तार किया गया है?
Ans: इस मामले में पूर्व जल मंत्री सत्येंद्र जैन और पूर्व DJB CEO उदित प्रकाश राय समेत कुल 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
अस्वीकरण (Disclaimer)
यह लेख उपलब्ध समाचार रिपोर्टों, आधिकारिक वक्तव्यों और जांच एजेंसियों की शुरुआती जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। मामला अदालत के समक्ष विचाराधीन है।
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