काबुल । बुधवार, 19 अगस्त 2026
अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में सोमवार शाम एक बेहद दर्दनाक और भयानक घटना सामने आई है। पश्चिमी काबुल के दश्त-ए-बरची (Dasht-e-Barchi) इलाके में स्थित एक शिक्षा केंद्र के पास हुए एक जोरदार विस्फोट में कम से कम 42 से अधिक बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। स्थानीय मीडिया और अस्पतालों से मिल रही ताजा जानकारियों के मुताबिक, घायलों की कुल संख्या 50 के आसपास पहुंच चुकी है।
इस कायराना हमले में निशाना बने बच्चों की उम्र महज 9 से 14 वर्ष के बीच बताई जा रही है।
छुट्टी के वक्त हुआ हमला: लहूलुहान होकर गिरे मासूम
घटना सोमवार शाम उस वक्त घटी जब छात्र दिनभर की पढ़ाई पूरी करने के बाद कक्षाओं से बाहर निकल रहे थे। चश्मदीदों के अनुसार, जैसे ही बच्चे मुख्य द्वार की तरफ बढ़े, तभी एक अज्ञात गली से शिक्षा केंद्र के परिसर के पास हमला बोला गया। विस्फोट इतना तेज था कि आसपास की इमारतों की खिड़कियां टूट गईं और पूरे इलाके में चीख-पुकार मच गई।
घायल बच्चों को तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जिनमें से कई की हालत चिंताजनक बनी हुई है।
हैंड ग्रेनेड का इस्तेमाल, साजिश की जांच शुरू
अफगान अधिकारियों द्वारा जारी शुरुआती बयानों में यह आशंका जताई गई है कि हमलावरों ने बच्चों को निशाना बनाने के लिए हैंड ग्रेनेड (Hand Grenade) का इस्तेमाल किया था। हालांकि, स्थानीय सुरक्षा एजेंसियां विस्फोट के वास्तविक कारणों, बारूद के प्रकार और इसमें शामिल नेटवर्क का पता लगाने के लिए मामले की गहराई से जांच कर रही हैं। फिलहाल किसी भी प्रमुख आतंकी संगठन ने इस हमले की सीधी जिम्मेदारी नहीं ली है।
दश्त-ए-बरची: बार-बार हिंसा की शिकार होती शिया-हजारा आबादी
पश्चिमी काबुल का दश्त-ए-बरची क्षेत्र मुख्य रूप से अल्पसंख्यक हजारा और शिया समुदाय का निवास स्थान है। यह पहला मौका नहीं है जब इस इलाके को लहूलुहान किया गया हो। इससे पहले भी इस क्षेत्र में:
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स्कूलों और ट्यूशन सेंटरों को निशाना बनाकर बम विस्फोट किए गए हैं।
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अस्पतालों, मस्जिदों और खेल के मैदानों पर लगातार कायराना हमले होते रहे हैं।
इस ताजा हमले ने इलाके के निवासियों में डर और बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गहरी चिंता पैदा कर दी है।
संयुक्त राष्ट्र (UN) की सख्त प्रतिक्रिया: निष्पक्ष जांच की मांग
संयुक्त राष्ट्र ने इस घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए गहरी संवेदना और चिंता व्यक्त की है। यूएन ने स्पष्ट कहा:
“स्कूल, कोचिंग इंस्टीट्यूट और शिक्षा केंद्र बच्चों के सीखने के सुरक्षित स्थान (Safe Haven) होने चाहिए, न कि हिंसा के मैदान। इस बर्बर घटना की निष्पक्ष और पूरी जांच की जाए तथा जिम्मेदार अपराधियों को न्याय के कठघरे में खड़ा किया जाए।”
निष्कर्ष और आगे की राह
तालिबान प्रशासन के तहत सुरक्षा का दावा किए जाने के बावजूद अल्पसंख्यक समुदायों और बच्चों पर हो रहे लगातार हमले यह साबित करते हैं कि काबुल में स्थितियां अब भी बेहद नाजुक हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने अफगान अधिकारियों से बच्चों और शैक्षणिक संस्थानों के लिए तत्काल कड़े सुरक्षा इंतजाम करने की अपील की है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
Q1: काबुल में यह विस्फोट किस जगह हुआ?
उत्तर: यह विस्फोट पश्चिमी काबुल के ‘दश्त-ए-बरची’ (Dasht-e-Barchi) इलाके में एक शिक्षा केंद्र के पास हुआ, जो मुख्य रूप से हजारा और शिया बहुल इलाका है।
Q2: इस विस्फोट में कितने बच्चे घायल हुए हैं?
उत्तर: शुरुआती रिपोर्टों में कम से कम 42 बच्चों के घायल होने की पुष्टि हुई थी, लेकिन स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार घायलों की संख्या 50 तक पहुँच चुकी है।
Q3: घायल बच्चों की उम्र कितनी है?
उत्तर: सभी घायल बच्चों की उम्र 9 से 14 वर्ष के बीच बताई गई है।
Q4: विस्फोट का मुख्य कारण क्या माना जा रहा है?
उत्तर: शुरुआती जांच और अफगान अधिकारियों के बयानों के अनुसार इसमें हैंड ग्रेनेड का इस्तेमाल किए जाने की आशंका है।
अस्वीकरण (Disclaimer)
यह समाचार लेख उपलब्ध प्राथमिक रिपोर्टों, स्थानीय समाचार एजेंसियों और अंतरराष्ट्रीय बयानों के आधार पर तैयार किया गया है। घटना की विस्तृत जांच और घायलों की सटीक संख्या से जुड़े आंकड़े जांच एजेंसियों की अंतिम रिपोर्ट के आधार पर अद्यतन (Update) किए जा सकते हैं।
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