बैंकॉक, थाईलैंड
वर्ष 2026 के चांडलर गुड गवर्नमेंट इंडेक्स (CGGI) के हालिया आंकड़ों के अनुसार, भारत के समग्र गवर्नेंस स्कोर में लगातार दूसरे वर्ष वृद्धि दर्ज की गई है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2021 से 2024 के मध्य भारतीय रैंकिंग में निरंतर गिरावट देखी गई थी, जिस पर अब विराम लग गया है। 76वीं वैश्विक रैंकिंग के साथ भारत दक्षिण एशियाई क्षेत्र में अपना शीर्ष स्थान बरकरार रखने में सफल रहा है। ये निष्कर्ष CGGI की एशिया पैसिफिक क्षेत्रीय पहल के अंतर्गत सार्वजनिक किए गए हैं।
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चांडलर गुड गवर्नमेंट इंडेक्स 2026: एशिया-प्रशांत क्षेत्र की रैंकिंग
विगत छह वर्षों से CGGI विश्व की 133 सरकारों की क्षमताओं और उनके शासन के प्रभाव का विश्लेषण सात प्रमुख मापदंडों के आधार पर करता है। इनमें नेतृत्व और दूरदर्शिता, सुदृढ़ कानून और नीतियां, सशक्त संस्थान, वित्तीय प्रबंधन, आकर्षक बाजार, वैश्विक प्रभाव और प्रतिष्ठा, तथा जन-उत्थान (Helping People Rise) जैसे मानक सम्मिलित हैं।
चांडलर गवर्नेंस ग्रुप (CGG) के निदेशक दिनेश नायडू ने इस सकारात्मक रुख पर टिप्पणी करते हुए कहा, “तीन वर्षों की गिरावट के पश्चात भारत के डेटा में लगातार दो वर्षों से सुधार के संकेत मिल रहे हैं। यह पैटर्न वार्षिक आंकड़ों से अधिक महत्वपूर्ण है क्योंकि यह किसी तात्कालिक बदलाव के बजाय एक दीर्घकालिक सकारात्मक दिशा को इंगित करता है। यद्यपि भारत का समग्र स्कोर अभी भी 2021 के स्तर से नीचे है, जो दर्शाता है कि इस क्षेत्र में अभी भी व्यापक सुधार की गुंजाइश है।“
क्षेत्रीय नेतृत्व और प्रदर्शन
क्षेत्रीय प्रदर्शन की दृष्टि से भारत सात में से पांच महत्वपूर्ण पैमानों: नेतृत्व और दूरदर्शिता, सुदृढ़ कानून और नीतियां, सशक्त संस्थान, आकर्षक बाजार, और वैश्विक प्रभाव में दक्षिण एशिया में अग्रणी बना हुआ है। हालांकि 2021 की तुलना में इन श्रेणियों में आंशिक गिरावट आई है, फिर भी भारत का स्कोर पड़ोसी देशों की तुलना में काफी बेहतर है। अन्य मानकों में, वित्तीय प्रबंधन (Financial Stewardship) में बांग्लादेश और जन-उत्थान में श्रीलंका ने क्षेत्रीय स्तर पर बढ़त हासिल की है।
रिपोर्ट के अनुसार, संपूर्ण दक्षिण एशिया के लिए पिछला अर्ध-दशक चुनौतीपूर्ण रहा है। 2021 के उपरांत इस क्षेत्र में केवल नेपाल ही अपने समग्र स्कोर में सुधार करने में सफल रहा। इसी कालखंड में भारत के ‘नेतृत्व और दूरदर्शिता’ स्तंभ में सर्वाधिक गिरावट दर्ज की गई, किंतु इसके बावजूद भारत ने अपने प्रतिस्पर्धियों पर बढ़त बनाए रखी।
‘जन-उत्थान’ (Helping People Rise) एकमात्र ऐसा स्तंभ है जिसमें 2021 के बाद भारत के प्रदर्शन में निरंतर प्रगति हुई है। यह मानक शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक अवसरों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। भारत ने इस श्रेणी में दक्षिण एशिया में सर्वाधिक वृद्धि दर्ज की, विशेषकर 2025 और 2026 के बीच इसमें सकारात्मक सुधार देखा गया।
वित्तीय प्रबंधन (Financial Stewardship) के क्षेत्र में भी भारत ने उल्लेखनीय वापसी की है। 2021 के बाद निरंतर गिरावट के बाद, 2025-26 के मध्य पहली बार इस स्तंभ में सुधार देखा गया, जो भारत की समग्र रिकवरी का आधार बना। हालांकि, इस सुधार के बावजूद वैश्विक प्रतिस्पर्धा के कारण भारत की रैंकिंग 2025 में 93वें स्थान से खिसक कर 2026 में 104वें स्थान पर आ गई है।
एशिया पैसिफिक क्षेत्र ने 2021 के बाद वैश्विक स्तर पर सबसे तेज क्षेत्रीय सुधार दर्ज किया है। 2026 में इस क्षेत्र की 79% सरकारों ने, जिनमें अधिकांश दक्षिण एशियाई देश भी शामिल हैं, अपने गवर्नेंस स्कोर में सुधार किया है, जो क्षेत्रीय सुदृढ़ीकरण का संकेत है।
प्रशासनिक दक्षता हेतु एक व्या
विशेषज्ञों द्वारा निर्मित CGGI सरकारों को आत्म-मूल्यांकन के लिए एक वैज्ञानिक ढांचा प्रदान करता है। यह इंडेक्स क्षेत्रीय और वैश्विक डेटा के तुलनात्मक अध्ययन के माध्यम से सरकारों को उन विशिष्ट क्षेत्रों की पहचान करने में सहायता करता है जहाँ क्षमता निर्माण की तत्काल आवश्यकता है।
दिनेश नायडू ने निष्कर्ष निकालते हुए कहा, “चालू वर्ष के आंकड़े भारत की आंशिक रिकवरी को दर्शाते हैं, साथ ही यह भी स्पष्ट करते हैं कि प्रगति के विभिन्न स्तरों में असमानता है। CGGI की उपयोगिता इसी विश्लेषण में है कि यह सरकारों को उनकी वास्तविक स्थिति का दर्पण दिखाता है, जिससे वे अपनी प्राथमिकताओं और भविष्य की कार्ययोजनाओं को अधिक सटीकता से निर्धारित कर सकें।”
पूरा 2026 इंडेक्स, जिसमें कंट्री प्रोफाइल (country profiles), पिलर स्कोर (pillar scores), और ऐतिहासिक तुलनाएं (historical comparisons) शामिल हैं, chandlergovernmentindex.
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