गुरुवार, अगस्त 20 2026 | 06:34:26 PM
Breaking News
Home / अंतर्राष्ट्रीय / भारत-नेपाल रक्षा संबंध: थलसेना प्रमुख की काठमांडू यात्रा और कूटनीतिक सहयोग का नया अध्याय

भारत-नेपाल रक्षा संबंध: थलसेना प्रमुख की काठमांडू यात्रा और कूटनीतिक सहयोग का नया अध्याय

Follow us on:

काठमांडू | बुधवार, 19 अगस्त 2026
भारत और नेपाल के बीच ऐतिहासिक और सैन्य संबंध हमेशा से आपसी विश्वास और रणनीतिक साझीदारी की मजबूत नींव पर आधारित रहे हैं। हाल ही में उच्चस्तरीय सैन्य वार्ता के तहत दोनों देशों ने अपने रक्षा और सैन्य सहयोग को और अधिक प्रगाढ़ बनाने की दिशा में कई अहम कदमों पर चर्चा की है।

उच्चस्तरीय बैठक और रणनीतिक चर्चा

काठमांडू में आयोजित इस उच्चस्तरीय बैठक में भारत के थलसेना प्रमुख, नेपाली नेतृत्व और नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव की मौजूदगी में द्विपक्षीय सुरक्षा, संयुक्त सैन्य अभ्यास और क्षमता निर्माण से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ।
यह यात्रा दोनों देशों के बीच बने संस्थागत सैन्य चैनलों को मजबूत करने तथा क्षेत्रीय सुरक्षा चिंताओं को दूर करने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

मानद जनरल की 1950 से चली आ रही ऐतिहासिक परंपरा

यात्रा का सबसे भावुक और सम्मानजनक पहलू रहा ‘नेपाली सेना के मानद जनरल’ की उपाधि का प्रदान किया जाना।
  • ऐतिहासिक महत्व: भारत और नेपाल के बीच 1950 से यह परंपरा निरंतर चली आ रही है।
  • आपसी सम्मान: इसके तहत भारत के थलसेना प्रमुख को नेपाल के राष्ट्रपति द्वारा और नेपाली सेना प्रमुख को भारत के राष्ट्रपति द्वारा मानद जनरल की रैंक से नवाजा जाता है।
  • सद्भावना का प्रतीक: यह परंपरा दोनों देशों की सेनाओं के बीच गहरे भाईचारे और भावनात्मक जुड़ाव को दर्शाती है।

गोरखा भर्ती और अग्निपथ योजना

भारत-नेपाल रक्षा संबंधों में नेपाली गोरखा युवाओं की भारतीय सेना में भर्ती एक अत्यंत महत्वपूर्ण विषय रही है।
  • अग्निपथ योजना का प्रभाव: 2022 में भारत द्वारा ‘अग्निपथ योजना’ लागू किए जाने के बाद से नेपाल से गोरखा सैनिकों की नई भर्ती की प्रक्रिया रुकी हुई है।
  • संवाद और समाधान: नेपाल सरकार और वहां के पूर्व सैनिकों की मांग रही है कि भर्ती प्रक्रिया को पुराने या संशोधित नियमों के साथ पुनः शुरू किया जाए। सैन्य संवाद बनाए रखने से इस संवेदनशील मुद्दे पर दीर्घकालिक सहमति बनने की संभावना मजबूत होती है।

सैन्य साझेदारी का भविष्य

दोनों देशों के बीच राजनीतिक और सीमा संबंधी उतार-चढ़ाव के बावजूद सैन्य स्तर पर निरंतर जुड़ाव बना रहना यह साबित करता है कि रक्षा साझेदारी दोनों देशों के लिए प्राथमिकता का विषय है। संयुक्त सैन्य अभ्यास (जैसे ‘सूर्य किरण’) और प्रशिक्षण आदान-प्रदान के माध्यम से दोनों देश एक-दूसरे के अनुभवों का लाभ उठाते आ रहे हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1. भारत और नेपाल के बीच मानद जनरल की उपाधि की परंपरा कब शुरू हुई?
उत्तर: यह परंपरा 1950 में शुरू हुई थी, जिसके तहत दोनों देशों के सेना प्रमुखों को एक-दूसरे की सेना में मानद जनरल की उपाधि दी जाती है।
Q2. गोरखा भर्ती पर अग्निपथ योजना का क्या असर पड़ा है?
उत्तर: अग्निपथ योजना लागू होने के बाद से नेपाल से भारतीय सेना में गोरखा युवाओं की सीधी भर्ती फिलहाल स्थगित है और इस पर दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है।
Q3. भारत-नेपाल के बीच कौन सा प्रमुख संयुक्त सैन्य अभ्यास होता है?
उत्तर: भारत और नेपाल की सेनाओं के बीच प्रतिवर्ष ‘सूर्य किरण’ (Surya Kiran) नामक संयुक्त सैन्य अभ्यास आयोजित किया जाता है।
Disclaimer: यह लेख उपलब्ध समाचारों, ऐतिहासिक तथ्यों और आधिकारिक सैन्य बयानों के आधार पर तैयार किया गया है। इस लेख का उद्देश्य केवल सूचनात्मक और शैक्षणिक जानकारी प्रदान करना है।
मित्रों,
मातृभूमि समाचार का उद्देश्य मीडिया जगत का ऐसा उपकरण बनाना है, जिसके माध्यम से हम व्यवसायिक मीडिया जगत और पत्रकारिता के सिद्धांतों में समन्वय स्थापित कर सकें। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए हमें आपका सहयोग चाहिए है। कृपया इस हेतु हमें दान देकर सहयोग प्रदान करने की कृपा करें। हमें दान करने के लिए निम्न लिंक पर क्लिक करें -- Click Here


* 1 माह के लिए Rs 1000.00 / 1 वर्ष के लिए Rs 10,000.00

Contact us

Check Also

अमेरिका में भारतीय क्वार्ट्ज सरफेस प्रोडक्ट्स पर लागू नया सेफगार्ड टैरिफ और किचन काउंटरटॉप्स पर पड़ा असर

अमेरिका का भारतीय क्वार्ट्ज पर 25-55% सेफगार्ड टैरिफ: भारत ने WTO का खटखटाया दरवाजा, जानिए निर्यातकों पर कितना बढ़ेगा दबाव

वॉशिंगटन | बुधवार, 19 अगस्त 2026 अमेरिका द्वारा भारतीय क्वार्ट्ज सरफेस उत्पादों (Quartz Surface Products) …