लखनऊ. उत्तर प्रदेश के लाखों शिक्षा मित्रों और अनुदेशकों के लिए इस बार की होली खुशियों की नई सौगात लेकर आई है। विधानमंडल के बजट सत्र के अंतिम दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षा मित्रों और अनुदेशकों के मानदेय में 80 प्रतिशत की ऐतिहासिक वृद्धि करने की घोषणा की है। पिछले नौ वर्षों से मानदेय बढ़ने का इंतजार कर रहे परिवारों के लिए यह खबर किसी ‘संजीवनी’ से कम नहीं है।
अप्रैल से मिलेगा बढ़ा हुआ वेतन
सरकार की घोषणा के अनुसार, बढ़ा हुआ मानदेय अप्रैल 2026 से लागू कर दिया जाएगा। मानदेय में की गई वृद्धि का विवरण इस प्रकार है:
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शिक्षा मित्र: वर्तमान मानदेय ₹10,000 से बढ़ाकर ₹18,000 कर दिया गया है।
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अनुदेशक: वर्तमान मानदेय ₹9,000 से बढ़ाकर ₹17,000 कर दिया गया है।
सदन में मुख्यमंत्री की घोषणा
बजट भाषण के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जैसे ही मानदेय वृद्धि की घोषणा की, सदन में हर्ष का माहौल बन गया। इस निर्णय से प्रदेश के प्राथमिक शिक्षा ढांचे से जुड़े लाखों कर्मियों को सीधा लाभ मिलेगा। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ के प्रदेश महामंत्री सुशील यादव ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि लंबे समय से आर्थिक तंगी के कारण शिक्षा मित्र मानसिक दबाव और घरेलू समस्याओं से जूझ रहे थे।
“यह वृद्धि हमारे बच्चों की शिक्षा और माता-पिता के इलाज के लिए एक बड़ा संबल बनेगी। हम मुख्यमंत्री, बेसिक शिक्षा मंत्री और एमएलसी श्रीचंद शर्मा के प्रयासों का आभार व्यक्त करते हैं।”
— सुशील यादव, महामंत्री (उ.प्र. प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ)
प्रदेश भर में खुशी की लहर
लखनऊ के नरही स्थित प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक राजीव, बाराबंकी के श्याम कुमार और हरदोई की अर्चना मिश्रा जैसे हजारों कर्मियों ने सरकार के इस फैसले को सराहा है। उनका कहना है कि आज के महंगाई के दौर में ₹10,000 में परिवार चलाना लगभग असंभव था, लेकिन अब इस बढ़ोतरी से उन्हें बड़ी राहत मिलेगी।
शिक्षामित्रों का कहना है कि होली से ठीक पहले मिली इस खुशखबरी ने उनके त्योहार का रंग दोगुना कर दिया है। सरकार के इस कदम को शिक्षा जगत में एक सकारात्मक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।
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