लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में शनिवार (21 मार्च, 2026) तड़के विख्यात गोरक्षक चंद्रशेखर उर्फ “फरसा वाले बाबा” की एक सड़क हादसे में संदिग्ध मौत ने पूरे ब्रज क्षेत्र को सुलगा दिया है। ईद के मौके पर हुई इस घटना ने देखते ही देखते सांप्रदायिक और सामाजिक तनाव का रूप ले लिया, जिसके बाद दिल्ली-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-19) घंटों तक जंग का मैदान बना रहा।
घटना का घटनाक्रम: हादसा या सोची-समझी साजिश?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शनिवार तड़के करीब 4 बजे बाबा चंद्रशेखर को सूचना मिली थी कि कोटवन चौकी क्षेत्र से गोवंश से भरा एक कंटेनर गुजरने वाला है। वे अपनी मोटरसाइकिल से साथियों के साथ संदिग्ध वाहन का पीछा करने लगे।
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हादसे का मोड़: पुलिस के अनुसार, नवीपुर गांव के पास पीछा करने के दौरान घने कोहरे के कारण पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक (कंटेनर) ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। इस भिड़ंत में बाबा की मौके पर ही मृत्यु हो गई।
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हत्या का आरोप: हालांकि, उनके अनुयायियों और गोरक्षकों का दावा है कि यह महज हादसा नहीं बल्कि गोतस्करों की सोची-समझी साजिश थी। उनका आरोप है कि पहचान होने के बाद जानबूझकर बाबा को कुचला गया।
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हाईवे पर घंटों ‘तांडव’, 100 से अधिक पुलिसकर्मी घायल
जैसे ही बाबा की मौत की खबर फैली, हजारों की संख्या में ग्रामीण और हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ता छाता कट पर जमा हो गए।
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हिंसक प्रदर्शन: आक्रोशित भीड़ ने शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया और पथराव शुरू कर दिया। इस दौरान कई निजी वाहनों और पुलिस की गाड़ियों (ADM प्रशासन सहित) को क्षतिग्रस्त कर दिया गया।
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पुलिस की कार्रवाई: बेकाबू भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले और प्लास्टिक बुलेट्स का सहारा लेना पड़ा। इस संघर्ष में लगभग 100 पुलिसकर्मी चोटिल हुए हैं।
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ताजा स्थिति: दोपहर 12 बजे तक पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद हाईवे को खुलवाया। फिलहाल पूरे इलाके में भारी पुलिस बल और पीएसी (PAC) तैनात है।
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प्रशासनिक अपडेट्स: दोषियों पर NSA की तैयारी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना का कड़ा संज्ञान लिया है। प्रशासन ने अब तक निम्नलिखित बड़े कदम उठाए हैं:
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गिरफ्तारी: पुलिस ने एक संदिग्ध को हिरासत में लिया है, जबकि तीन अन्य की तलाश जारी है।
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बड़ी घोषणाएं: मथुरा के जिलाधिकारी (DM) ने आश्वासन दिया है कि बाबा की गौशाला की जिम्मेदारी सरकार उठाएगी और उनकी याद में एक स्मारक/समाधि का निर्माण कराया जाएगा। साथ ही, क्षेत्र में बाबा के नाम पर एक पुलिस चौकी स्थापित करने की मांग मान ली गई है।
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कड़ी चेतावनी: अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अफवाह फैलाने वालों और हिंसा करने वालों के खिलाफ रासुका (NSA) के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
“यह एक दुखद घटना है। हमने स्थिति को नियंत्रित कर लिया है और यातायात बहाल है। बाबा के सम्मान में पुलिस चौकी बनाई जाएगी और दोषियों को कड़ी सजा मिलेगी।” — DM, मथुरा
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कौन थे ‘फरसा वाले बाबा’?
चंद्रशेखर महाराज ब्रज क्षेत्र में अपने निडर स्वभाव के लिए जाने जाते थे। वे हमेशा अपने साथ 15 किलो का फरसा लेकर चलते थे, जिस कारण उन्हें “फरसा वाले बाबा” कहा जाता था। उन्होंने अपना पूरा जीवन गोवंश की रक्षा के लिए समर्पित कर दिया था और क्षेत्र में उनका काफी प्रभाव था।
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