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केदारनाथ धाम में मोबाइल पर पूर्ण प्रतिबंध: कपाट खुलने से पहले मंदिर समिति का बड़ा फैसला

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
2 Min Read

देहरादून। मंगलवार, 21 अप्रैल 2026

केदारनाथ धाम से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने इस साल की यात्रा शुरू होने से ठीक पहले मंदिर की गरिमा और आध्यात्मिक शांति बनाए रखने के लिए मंदिर परिसर में मोबाइल फोन के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। अब कोई भी श्रद्धालु मंदिर के भीतर मोबाइल लेकर प्रवेश नहीं कर सकेगा।

रील और फोटोग्राफी पर लगेगी लगाम

मंदिर समिति के सदस्य विनीत पोस्ती के अनुसार, मंदिर परिसर में फोटो खींचना, वीडियो बनाना और सोशल मीडिया के लिए रील (Reels) तैयार करना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। पिछले कुछ समय में मंदिर परिसर से कई ऐसे वीडियो वायरल हुए थे जिससे धाम की मर्यादा पर सवाल उठे थे। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई और जुर्माने का प्रावधान किया है।

चारधाम यात्रा 2026: केदारनाथ और बदरीनाथ कपाट खुलने की पूरी जानकारी

श्रद्धालुओं के लिए विशेष इंतजाम

प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा का भी ध्यान रखा है:

  • निर्धारित फोटोग्राफी ज़ोन: मंदिर के मुख्य ढांचे से लगभग 80 मीटर दूर एक विशिष्ट स्थान तय किया गया है, जहाँ से यात्री फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कर सकेंगे।

  • डिजिटल लॉकर सुविधा: मंदिर परिसर के पास ही यात्रियों के लिए लॉकर रूम की व्यवस्था की गई है, जहाँ वे अपना मोबाइल, वॉलेट और अन्य कीमती सामान सुरक्षित जमा कर सकेंगे।

केदारनाथ धाम में नए सुरक्षा नियम और यात्रियों के लिए गाइडलाइन

कब खुलेंगे कपाट?

चारधाम यात्रा 2026 का बिगुल बज चुका है। आधिकारिक सूचना के अनुसार:

  • केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल 2026 को सुबह 8:00 बजे खोल दिए जाएंगे।

  • बदरीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल 2026 को दर्शन के लिए खुलेंगे।

  • गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट पहले ही 19 अप्रैल को खुल चुके हैं।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।