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12वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026: कोलकाता के रेड रोड से पीएम मोदी ने दिया ‘योग फॉर हेल्दी एजिंग’ का संदेश

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
6 Min Read

नई दिल्ली । रविवार, 21 जून 2026 

आज दुनिया भर में 12वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (12th International Day of Yoga) पूरे उत्साह और संकल्प के साथ मनाया जा रहा है। भारत सहित वैश्विक स्तर पर करोड़ों लोगों ने इस वर्ष की विशेष थीम के साथ सामूहिक योगाभ्यास कर निरोगी जीवन और मानसिक शांति का संदेश दिया है।

क्या है अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 की थीम?

हर साल की तरह इस वर्ष भी आयुष मंत्रालय ने एक बेहद महत्वपूर्ण विषय को वैश्विक पटल पर रखा है। इस वर्ष योग दिवस 2026 की थीम “योग फॉर हेल्दी एजिंग” (Yoga for Healthy Ageing – स्वस्थ एवं सक्रिय वृद्धावस्था के लिए योग) रखी गई है।

बढ़ती जीवन प्रत्याशा (Life Expectancy) के इस दौर में केवल उम्र बढ़ाना ही नहीं बल्कि “हेल्थस्पैन” (स्वस्थ जीवनकाल) को बेहतर करना बेहद जरूरी है। यह थीम सभी आयु वर्ग के लोगों, विशेषकर बुजुर्गों को शारीरिक गतिशीलता, मानसिक संतुलन और भावनात्मक रूप से सुदृढ़ बनाने के लिए नियमित योग अपनाने के लिए प्रेरित करती है।

कोलकाता के रेड रोड पर हुआ भव्य राष्ट्रीय कार्यक्रम

इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का मुख्य राष्ट्रीय समारोह पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित ऐतिहासिक रेड रोड पर आयोजित किया गया। यहाँ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश और दुनिया से आए हजारों साधकों के साथ मिलकर सामान्य योग प्रोटोकॉल (Common Yoga Protocol) का अभ्यास किया।

पीएम मोदी का संबोधन: “योग केवल शरीर को मोड़ने या कसरत करने का माध्यम नहीं है। यह शरीर, मन और आत्मा को एकाकार करने वाली एक संपूर्ण जीवनशैली है। आज योग किसी एक देश की सीमा में नहीं बंधा, बल्कि यह वैश्विक एकता, आपसी शांति और एक स्वस्थ वैश्विक समाज के निर्माण का सबसे बड़ा माध्यम बन चुका है।”

प्रधानमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि भारत की यह प्राचीन सांस्कृतिक विरासत अब एक अभूतपूर्व “वैश्विक जन-आंदोलन” का रूप ले चुकी है।

देश की सीमाओं से लेकर समुद्र की गहराइयों तक योग

इस वर्ष भारतीय सशस्त्र बलों की भागीदारी भी बेहद अनोखी और प्रेरणादायी रही।

    • भारतीय सेना: बर्फीले पर्वतीय क्षेत्रों और दुर्गम सीमावर्ती चौकियों (जैसे सियाचिन व एलएसी) पर शून्य से नीचे के तापमान में जवानों ने योग किया।

    • नौसेना और वायुसेना: नौसैनिकों ने समुद्र के बीच युद्धपोतों (Naval Ships) पर और वायुसेना के जवानों ने अपने रणनीतिक एयरबेस पर विशेष योग सत्र आयोजित किए।

    • रक्षा मंत्री का संदेश: देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी सैनिकों के साथ योगाभ्यास में हिस्सा लिया। उन्होंने योग को एक “समग्र विज्ञान” (Holistic Science) बताते हुए कहा कि यह हमारे सैनिकों को मानसिक रूप से अजेय और शारीरिक रूप से मजबूत बनाता है।

वैश्विक मंच पर गूंजा योग का नाम: 2500 से अधिक स्थानों पर आयोजन

भारतीय दूतावासों और अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक केंद्रों के सक्रिय सहयोग से दुनिया भर के 2500 से अधिक शहरों में योग उत्सव मनाया गया।

प्रमुख देशआयोजन के मुख्य स्थल
अमेरिकान्यूयॉर्क का टाइम्स स्क्वायर और वाशिंगटन डीसी
यूनाइटेड किंगडमलंदन के प्रमुख सार्वजनिक पार्क
फ्रांस और जर्मनीएफिल टॉवर परिसर और बर्लिन के ऐतिहासिक केंद्र
एशिया-पैसिफिकजापान, ऑस्ट्रेलिया, सिंगापुर और संयुक्त अरब अमीरात (UAE)

स्थानीय नागरिकों, प्रवासी भारतीयों और अंतरराष्ट्रीय योग संस्थानों ने मिलकर सार्वजनिक पार्कों, चौराहों और सामुदायिक केंद्रों में सामूहिक योग सत्रों को सफल बनाया।

स्वास्थ्य और दीर्घायु के लिए क्यों जरूरी है योग?

चिकित्सा और योग विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित योगाभ्यास करने से शरीर में कई सकारात्मक बदलाव आते हैं। विशेषकर “हेल्थी एजिंग” के दृष्टिकोण से इसके निम्नलिखित लाभ सामने आए हैं:

  1. मानसिक स्वास्थ्य: यह दैनिक जीवन के तनाव और एंग्जायटी (अवसाद) को कम कर मानसिक संतुलन बनाए रखता है।

  2. शारीरिक क्षमता: बढ़ती उम्र में जोड़ों के दर्द, रीढ़ की हड्डी के लचीलेपन और मांसपेशियों की कमजोरी को दूर करने में सहायक है।

  3. हृदय और श्वसन तंत्र: प्राणायाम के माध्यम से फेफड़ों की कार्यक्षमता बढ़ती है और रक्त संचार दुरुस्त रहता है।

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के प्रमुख निष्कर्ष (Takeaways)

  • तिथि: 21 जून 2026 को आधिकारिक रूप से 12वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया।

  • थीम: “योग फॉर हेल्दी एजिंग” के जरिए बढ़ती उम्र में स्वस्थ रहने का संदेश दिया गया।

  • मुख्य केंद्र: कोलकाता का रेड रोड इस वर्ष के मुख्य राष्ट्रीय आयोजन का गवाह बना।

  • वैश्विक जन-आंदोलन: संयुक्त राष्ट्र (UN) द्वारा मान्यता प्राप्त यह दिन अब विश्व कल्याण (Global Well-being) का सबसे बड़ा उत्सव बन चुका है।

आज के दिन करोड़ों लोगों ने योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने और एक स्वस्थ, संतुलित जीवनशैली अपनाने का दृढ़ संकल्प लिया है।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।