लखनऊ. उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने समाजवादी पार्टी (सपा) पर अब तक का सबसे तीखा राजनीतिक हमला बोला है। एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने सपा की कार्यशैली पर कड़ा प्रहार किया और उन पर तुष्टीकरण व डर की राजनीति करने का आरोप लगाया।
1. मुख्य बयान: “दो टके की पार्टी”
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने सपा को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि यह पार्टी अब अपना जनाधार खो चुकी है। उन्होंने कहा:
“समाजवादी पार्टी केवल मुसलमानों को डराकर और उनके मन में भाजपा का भय पैदा कर राजनीति करती रही है। जनता अब इनकी असलियत समझ चुकी है, यह अब दो टके की पार्टी बनकर रह गई है।”
2. सपा पर लगाए गए गंभीर आरोप
ब्रजेश पाठक ने अपने संबोधन में सपा के पिछले शासनकाल और वर्तमान रणनीति पर कई सवाल उठाए:
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डर का माहौल: पाठक ने आरोप लगाया कि सपा ने हमेशा अल्पसंख्यकों को विकास से दूर रखा और उन्हें सिर्फ ‘वोट बैंक’ की तरह इस्तेमाल किया।
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गुंडागर्दी का संरक्षण: उन्होंने कहा कि सपा के शासन में अराजकता चरम पर थी, जबकि भाजपा सरकार में कानून का राज है।
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विकास में भेदभाव: डिप्टी सीएम ने दावा किया कि पीएम मोदी और सीएम योगी के नेतृत्व में ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र के साथ बिना किसी भेदभाव के हर वर्ग तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुँच रहा है।
3. राजनीतिक सरगर्मी और प्रतिक्रिया
ब्रजेश पाठक का यह बयान आने वाले स्थानीय चुनावों या उप-चुनावों (यदि कोई हो) के मद्देनजर बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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सपा का पलटवार: इस बयान के बाद समाजवादी पार्टी के प्रवक्ताओं ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है, इसे भाजपा की ‘हताशा’ और ‘विभाजनकारी राजनीति’ करार दिया है।
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मुस्लिम वोट बैंक: भाजपा पिछले कुछ समय से ‘पसमांदा मुसलमानों’ तक पहुँच बनाने की कोशिश कर रही है, और पाठक का यह बयान उसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है ताकि सपा के पारंपरिक वोट बैंक में सेंध लगाई जा सके।
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