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कानपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: मुठभेड़ के बाद शातिर लुटेरा नियाज अहमद गिरफ्तार

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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लखनऊ. कानपुर पुलिस ने अपराध के विरुद्ध अपनी “जीरो टॉलरेंस” नीति को जारी रखते हुए एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। पुलिस और शातिर लुटेरे नियाज अहमद के बीच हुई मुठभेड़ के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।

1. मुठभेड़ का स्थान और समय

यह मुठभेड़ कानपुर के बिधनू थाना क्षेत्र (या संबंधित स्थानीय थाना क्षेत्र) के पास देर रात हुई। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि चेन स्नैचिंग और लूट की वारदातों में शामिल एक शातिर अपराधी इलाके से गुजरने वाला है।

2. कैसे हुई गिरफ्तारी?

  • घेराबंदी: पुलिस ने संदिग्ध को रोकने का प्रयास किया, लेकिन रुकने के बजाय बदमाश ने बाइक की रफ्तार बढ़ा दी और पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी।

  • जवाबी फायरिंग: आत्मरक्षा में पुलिस ने भी नियंत्रित गोलीबारी की। पुलिस की एक गोली बदमाश के बाएं पैर में लगी, जिससे वह घायल होकर गिर पड़ा।

  • गिरफ्तारी: पुलिस ने तुरंत उसे दबोच लिया। घायल बदमाश की पहचान नियाज अहमद के रूप में हुई है।

3. बरामदगी और आपराधिक इतिहास

पुलिस ने मौके से निम्नलिखित सामान बरामद किया है:

  • एक अवैध तमंचा (.315 बोर) और जिंदा कारतूस।

  • खोखा कारतूस।

  • लूट की एक मोटर साइकिल।

  • पूर्व में लूटी गई सोने की चेन या नकदी (प्रारंभिक जांच के अनुसार)।

अपराधिक रिकॉर्ड: नियाज अहमद एक शातिर अपराधी है जिस पर कानपुर के विभिन्न थानों में लूट, चोरी और आर्म्स एक्ट के आधा दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज हैं।

4. पुलिस प्रशासन का बयान

कानपुर पुलिस के आला अधिकारियों ने बताया कि घायल बदमाश को तुरंत उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल (हैलेट अस्पताल) भेजा गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शहर में अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है और इस तरह के अभियान आगे भी जारी रहेंगे।

घटना का सारांश

विवरण जानकारी
बदमाश का नाम नियाज अहमद
कार्यवाही पुलिस मुठभेड़ (Encounter)
स्थिति घायल और गिरफ्तार
बरामदगी हथियार और संदिग्ध वाहन

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।